COPYRIGHT © RAJIV MANI, Journalist, Patna

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मंगलवार, 20 मई 2014

यहां महिलाओं को है कई पुरुषों से संबंध बनाने की आजादी !

ये हैं दक्षिण अफ्रीकी ट्राइब
न्यू गिनिया के दूर के गांवों में रहने वाले ट्रोब्रियांड जाति के लोगों के बारे में ऐसा माना जा सकता है कि महिलाएं कहीं ज्यादा खुश और सशक्त होती हैं। यहां औरतें आते-जाते मर्दों को न सिर्फ भला-बुरा कह सकती हैं, बल्कि मन होने पर उन्हें सेक्स का भी न्योता दे सकती हैं। हैरत की बात यह है कि यहां महिलाएं चाहें कितने भी पुरुषों के साथ संबंध बना सकती हैं और इसे गलत नहीं माना जाता। 
आपको बताते चलें कि इस न्यू गिनिया स्थित ट्रोब्रियांड आइलैंड को किरिविना आइलैंड भी कहा जाता है। लेकिन, ये अपने दूसरे नाम से ज्यादा चर्चे में है। इसका दूसरा पापुलर नाम आईलैंड ऑफ लव है। यहां के लोग याम फेस्टिवल मनाते हैं। लेकिन, इससे भी ज्यादा इस फेस्टिवल को उसके दूसरे रूप के लिए जाना जाता है। 
दरअसल, इस फेस्टिवल में औरतें झाडि़यों में बैठकर आते-जाते पुरुषों का इंतजार करती हैं और जो पसंद आ जाए तो उसे सेक्स के लिए बुला लेती हैं। इस फेस्टिवल में सबसे अच्छी बागवानी के लिए ईनाम भी दिया जाता है। 
इस जाति के लोगों में यह नियम है कि जिस किसी पुरुष ने महिला के कहने पर उसके साथ संबंध बनाने को मना किया, तो वह महिला गुस्सा होका पुरुष पर पेशाब भी कर सकती है। वह चाहे तो उस मर्द की भौहें और पलके भी नोंच सकती है। ऐसा करना कुछ गलत नहीं होता और वहां औरतें इस शक्ति के साथ ही जीती हैं।

सोमवार, 19 मई 2014

जीतन राम मांझी होंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री

FAST  NEWS
पटना : जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि जीतन राम मांझी बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे। जानकारी के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यपाल से मिलने पहुंचे हैं और थोड़ी ही देर में बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में मांझी के नाम का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। ज्ञात हो कि मांझी गया से लोकसभा चुनाव हार चुके हैं। इससे पहले बिहार में बदलते सियासी समीकरणों के बीच सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इस बार के लोकसभा चुनाव में विचित्र माहौल था और लोगों के बीच जद-यू के बारे में भ्रम फैलाया गया। नीतीश ने कहा कि मैंने भावुकता में फैसला नहीं लिया। विधायक मेरे फैसले के साथ हैं। जीवन में कभी-कभी असाधारण फैसले लेने पड़ते हैं। 
जीतन राम मांझी को नीतीश कुमार का करीबी माना जाता है। मांझी महादलित हैं और काफी अर्से बाद कोई महादलित बिहार के मुख्यमंत्री पद पर बैठेगा। जब नीतीश कुमार पहली बार राज्य में सरकार बना रहे थे, तब भी जीतन राम मांझी का नाम मंत्रियों की सूची में शामिल था। लेकिन, उन पर शिक्षा घोटाले के आरोप लगे थे, जिस कारण उनका नाम कट गया और उन्हें रातोंरात इस्तीफा देना पड़ा। बाद में वह घोटाले के आरोपों से बरी हो गए और राज्य में मंत्री बने।
चर्चा है कि देश के प्रधानमंत्री और किसी राज्य के मुख्यमंत्री के बीच होने वाली बैठकों में मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री के साथ हाथ मिलाना पड़ता है और उसका सम्मान करना पड़ता है। लेकिन, शायद नीतीश ऐसा नहीं करना चाहते थे और इसलिए उन्होंने यह दांव खेला।
साभार : वन इंडिया हिन्दी

शुक्रवार, 16 मई 2014

थम नहीं रहा बिहार में महिलाओं पर जुल्म

ALOK  KUMAR
खास खबर
पिछले 15 वर्षों में 3622 मामले दर्ज किए गए। घरेलू हिंसा के 2013, दहेज प्रताड़ना के 596, दहेज संबंधी मृत्यु के 65, दूसरी शादी के 132, संपत्ति के 152, रेप के 32 और 791 अन्य मामले दर्ज किए गए। कुछ मामले पहले के भी हैं। कुल 3622 मामलों में 3016 का समझौता करवाया गया। शेष 606 मामले विचाराधीन हैं। 
आलोक कुमार
पटना : बिहार में महिलाओं के ऊपर होने वाला जुल्म थमने का नाम नहीं ले रहा है। महिला विकास निगम व समाज कल्याण विभाग बिहार सरकार द्वारा संपोषित महिला हेल्पलाइन है। यहां वर्ष 2013 में जनवरी से अप्रैल माह के बीच 268 मामले दर्ज हुए। वहीं वर्ष 2014 में चार माह के दौरान यह आंकड़ा बढ़कर 285 तक हो गया।
पटना स्थित कार्यालय की संरक्षण पदाधिकारी प्रमिला कुमारी बताती हैं कि वर्ष 1999 में 11 मामले दर्ज किए गए। वहीं 2000 में 99 मामले दर्ज किए गए। 1999-2000 में दर्ज कुल मामलों में से 55 मामलों का निपटारा किया गया है। वह बताती हैं कि चालू वर्ष में मामलों का समझौता करवाने के बाद शेष को अगले कार्य वर्ष में समझौता करवाने का प्रयास किया जाता है। वर्ष 2001 में 68 मामले दर्ज हुए। वहीं 80 मामलों में समझौता कराया गया। वर्ष 2002 में दर्ज 79 मामलों में 65, वर्ष 2003 में दर्ज 85 मामलों में 70, वर्ष 2004 में दर्ज 189 मामलों में 142, वर्ष 2005 में दर्ज 138 मामलों में 95, वर्ष 2006 में दर्ज 174 मामलों में 120, वर्ष 2007 में दर्ज 232 मामलों में 274, वर्ष 2008 में दर्ज 245 मामलों में 246, वर्ष 2009 में दर्ज 344 मामलों में 230, वर्ष 2010 में दर्ज 356 मामलों में 363, वर्ष 2011 में दर्ज 499 मामलों में 374, वर्ष 2012 में दर्ज 537 मामलों में 346 और वर्ष 2013 में दर्ज 537 मामलों में 556 का समझौता कराया गया। ज्ञात हो कि कुछ वर्ष में दर्ज मामलों से समझौता कराये गये मामलों के आंकड़े ज्यादा हैं। इनमें पूर्व के वर्ष के मामले भी जुड़े हैं। 
PRAMILA  KUMARI
प्रमिला बताती हैं कि पिछले 15 वर्षों में 3622 मामले दर्ज किए गए। घरेलू हिंसा के 2013, दहेज प्रताड़ना के 596, दहेज संबंधी मृत्यु के 65, दूसरी शादी के 132, संपत्ति के 152, रेप के 32 और 791 अन्य मामले दर्ज किए गए। कुल 3622 मामलों में 3016 का समझौता करवाया गया। शेष 606 मामले विचाराधीन हैं। 
प्रमिला बताती हैं कि वर्ष 2013 में जनवरी से अप्रैल तक 268 मामले दर्ज हुए। वहीं चालू वर्ष 2014 में जनवरी से अप्रैल माह तक कुल 285 मामले दर्ज किये गये। जनवरी में दर्ज 84 के विरूद्ध 63, फरवरी में 48 के विरूद्ध 57, मार्च में 84 के विरूद्ध 57 और अप्रैल में 69 के विरूद्ध 45 मामले सलटा दिये गये हैं। अभी 63 मामले लंबित हैं। घरेलू हिंसा के 136, दहेज प्रताड़ना के 45, दहेज संबंधी मृत्यु के 00, दूसरी शादी के 7, संपत्ति संबंधी के 4, टेलिफोनिक्स शिकायत (एमएमएस/एसएमएस/भद्दी वार्ता) के 41 और 61 अन्य मामले दर्ज हुए हैं। 
ज्ञात हो कि महिला विकास निगम व समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार द्वारा संपोषित महिला हेल्पलाइन, पटना में संचालित है। इसका कार्यालय आरसी सिंह पथ, इंदिरा भवन में स्थित है। पटना जिले के लोग फरियाद लेकर यहां आते हैं।
घरेलू हिंसा महिला संरक्षण अधिनियम-2005 के तहत यह हेल्पलाइन संचालित है। हेल्पलाइन की परियोजना प्रबंधक व संरक्षण पदाधिकारी प्रमिला कुमारी का कहना है कि प्रभावित लोग लिखित शिकायत दर्ज कराते हैं। बाद में आवेदनों को सूचीबद्ध किया जाता है। घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, दहेज संबंधी मृत्यु, दूसरी शादी, संपत्ति संबंधी, रेप और अन्य के रूप में मामलों का वर्गीकरण किया जाता है। 
जनवरी, 2014 से टेलिफोनिक्स शिकायत (एमएमएस/एसएमएस/भद्दी वार्ता) को शामिल कर लिया गया है। इन सब मामलों पर कार्रवाई की जाती है। हेल्पलाइन के द्वारा प्रताडि़त करने वालों को नोटिस भेजा जाता है। पीडि़त और प्रताडि़त करने वालों, दोनों, को हेल्पलाइन में बुलाया जाता है। दोनों के बीच में समझौता करवाने का प्रयास किया जाता है। अगर समझौता के आसार नहीं बन पाते हैं, तो स्थानीय थाना में मामला दर्ज किया जाता है। हेल्पलाइन के अधिवक्ता मामले को कोर्ट में ले जाते हैं। पटना के जिलाधिकारी का सहयोग महिला हेल्पलाइन को मिलता है।

शुक्रवार, 9 मई 2014

‘ठंडा’ मजा ना देगा !

राजीव मणि
आपने जादूगरों को बक्से से लड़की या आदमी को गायब करते और फिर उसे लाते देखा होगा। टोपी के अंदर से अंडा निकालते भी देखा होगा। आप इसे नजरों का धोखा कहें या हाथ की सफाई, जादूगर तो इसे ‘कला’ कहते हैं। 
अब देखिए न, ठंडा बनाने वाली कंपनियां भी अपने बोतल से क्या-क्या निकाल रही हैं। पिछले ही साल गर्मी में ठंडा के एक बंद बोतल में बीयर का ढक्कन मिला। जब दुकानदार ने इसे देखा, तो उसके तो होश उड़ गये। मैं भी वहीं था। तब एक ग्राहक ने मजाक भी किया था, अगर बीयर निकलता तो कितना अच्छा रहता।
खैर! आइए, कुर्जी मोड़, पटना की ताजा-ताजा घटना है। कुर्जी मोड़ पर लक्ष्मी टाॅकिंग जंक्शन नामक एक छोटी सी दुकान है। रोहन कुमार इस दुकान के मालिक हैं। मोबाइल रिचार्ज करने के अलावा ठंडा भी बेचते हैं। यह कमाल इनकी ही दुकान में देखने को मिला। Maaza की बोतल में Thums Up !

तिहाड़ और संसद

DR.  LALGI  PRASAD  SINGH
अभी थोड़ा-बहुत ‘तिहाड़’
संसद में बैठा है
कभी बहुत-कुछ संसद
तिहाड़ में कब बैठेगी ?
तिहाड़ से संसद में जाने की
बहुत तरकीबें हैं
संसद से ‘तिहाड़’ में जाने की 
तरकीब कब निकाली जाएगी ?
लूट-पाट व झूठ-फरेब के आरामगाह
एयरकंडीसंड आलीशान बंगले
सच्चाई दर-दर की ठोकरें खा रही
वह बेचारी बन सड़कों पर नाक रगड़ रही
सबकुछ साफ-साफ नजर आने वाली चीज
खादी को कब नजर आएगी?
कितनी ही महिलाओं का
शील-हरण जारी है रोज
बलात्कारियों की शामत कब आएगी ? 
जो झोंकते रहे धूल अबतक
जनता की आंखों में
आदत से लाचार
अब झोंकने लगे संसद में
आपस में मिर्च की बुकनी
फिर तो ऐसे माननीयों को
संसद से बाहर की 
राह कब दिखाई जाएगी ?
भ्रष्टाचार बेखौफ चूस रहा
लेगों का खून
महंगाई सुरसा की तरह
मंुह फैलाए खड़ी है जनता के सामने
उसपर काबू पाने के लिए हनुमान की
भूमिका कब निभाई जाएगी ?
हिन्दुस्तान सच्चाई एवं ईमानदारी के लिए 
जब न तब अंगड़ाई लेकर रह जाता
सचमुच यह दुनिया का सरताज कहलाए 
तमाम बदलाओं की वह अगुआई कब आएगी ?
कवि-कथाकार डाॅ. लालजी प्रसाद सिंह, पटना