COPYRIGHT © RAJIV MANI, Journalist, Patna

COPYRIGHT © RAJIV MANI, Journalist, Patna
COPYRIGHT © RAJIV MANI, Journalist, Patna

रविवार, 20 मार्च 2016

दूसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में युवा पर बल

 खास खबर 
21 जून, 2016 को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी के सिलसिले में सूचना और प्रसारण सचिव सुनील अरोड़ा और आयुष सचिव अजित एम शरण की ओर से संयुक्त बैठक बुलाई गई। इसमंे मीडिया और संचार रणनीति पर चर्चा की गई।  बैठक में प्रसार भारती के सदस्य (कार्मिक) सुरेश चंद्र पंडा, आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा सूचना और प्रसारण मंत्रालय की मीडिया इकाइयों के प्रमुख भी उपस्थित थे ।
बैठक में दूसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में युवा और योग और जीवन शैली तथा आदतों  के हिस्से के रूप में युवाओं को योग के लाभ से जोड़ने बल दिया जाएगा।  बैठक में  सोशल मीडिया क्षेत्र का लाभ उठाने और टॉकथन के जरिए नई पीढ़ी के लोगों को योग के लाभ के बारे में बताने की रणनीति बनाई गई।
बैठक में फोटो प्रदर्शनी के जरिए योग आसनों तथा इसके लाभ के बारे में बताने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। देश के विभिन्न भागों में इस तरह की फोटो प्रदर्शनी आयोजित करने का सुझाव दिया गया। व्यापक पहुंच के लिए दूरदर्शन के माध्यम से आसन पर एनिमेटेड श्रृंखला चलाने का सुझाव भी दिया गया। बैठक में प्रकाशन विभाग की पत्रिका ‘योजना’ में योग आसनों तथा मधुमेह, हृदय रोग तथा तनाव प्रबंधन में योगासनों के लाभ पर विशेष संस्करण निकालने का निर्णय लिया गया।

प्रधानमंत्री उज्जवल योजना को अनुमति 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों पर मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने बीपीएल परिवारों की महिलाओं को निशुल्क एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने वाली प्रधानमंत्री उज्जवल योजना को अपनी अनुमति दे दी है। योजना के अंतर्गत बीपीएल परिवारों को 5 करोड़ एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए आठ हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है और प्रत्येक बीपीएल परिवार को एलपीजी कनेक्शन के लिए 1,600 रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। योग्य बीपीएल परिवारों की पहचान राज्य और संघ शासित प्रदेशों के साथ विचार-विमर्श द्वारा की जाएगी। योजना का कार्यान्वयन वित्तीय वर्ष 2016-17, 2017-18 और 2018-19 में किया जाएगा। देश के इतिहास में पहली बार पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय निर्धनतम परिवारों की करोड़ो महिलाओं को लाभ पहुंचाने वाली योजना का कार्यान्वयन करेगा। 
देश में निर्धनों की अभी तक खाने पकाने की गैस (एलपीजी) तक सीमित पहुंच रही है। एलपीजी सिलेंडर की पहुंच मुख्य रूप से शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक है और इनमें से भी औसतन परिवार मध्यम और समृद्ध वर्ग के हैं। जीवाश्म ईंधन पर आधारित खाना बनाने से स्वास्थ्य से जुडी गंभीर समस्याएं देखी गयी हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक अनुमान के मुताबिक, भारत में 5 लाख लोगों की मृत्यु अस्वच्छ जीवाश्म ईंधन के कारण होती है। इनमें से अधिकतर की मृत्यु का कारण गैरसंचारी रोग जैसे क्षय रोग, आघात, दीर्घकालीन प्रतिरोधी फेफड़े संबंधी रोग और फेफड़े का कैंसर शामिल है। घरेलू वायु प्रदूषण बच्चो को होने वाले तीव्र श्वास संबंधी रोगो के लिए बड़ी संख्या में जिम्मेदार है। विशेषज्ञों के अनुसार, रसोई में खुली आग जलाना प्रति घंटे चार सौ सिगरेट जलाने के समान है। 
बीपीएल परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने से देश में खाने पकाने की गैस की पहुंच सभी लोगों तक संभव होगी। इससे महिलाओं का सशक्तिकरण होगा और उनके स्वास्थ्य की रक्षा होगी। इससे खाने बनाने में लगने वाले समय और कठिन परिश्रम को कम करने भी सहायता मिलेगी। योजना से खाने पकाने की गैस के वितरण में कार्यरत ग्रामीण युवाओं को रोजगार भी प्राप्त होगा। 
इस दिशा में वित्त मंत्री ने 29 फरवरी, 1016 को बजट भाषण में गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवारों की 1.5 करोड़ महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए 2,000 हजार करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया था। इसके साथ ही बजट में 5 करोड़ परिवारों तक योजना का लाभ पंहुचाने के लिए योजना को दो और वर्ष तक लागू की घोषणा भी की गई।

‘उजाला’ में राष्ट्रीय एलईडी बल्ब योजना को मिला नया रूप

विद्युत, कोयला तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल ने एलईडी आधारित घरेलू सक्षमता लाइटिंग कार्यक्रम (डीईएलपी) को ‘उजाला’ नाम दिया। डीईएलपी देश के 120 शहरों में सफलतापूर्वक चल रहा है। उजाला ऊर्जा सक्षमता सेवा लिमिटेड (ईईएसएल) द्वारा लागू किए जा रहे ‘सभी के लिए रियायती एलईडी से उन्नत ज्योति’ कार्यक्रम का संक्षिप्त नाम है। 
माननीय प्रधानमंत्री ने जनवरी, 2015 में राष्ट्रीय एलईडी कार्यक्रम लांच किया था। इसमें 77 करोड़ चमकीले बल्बों को एलईडी बल्ब से बदलना था। उजाला 12 राज्यों - राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, झारखंड, बिहार तथा उत्तराखंड में सफलतापूर्वक चल रहा है। 
इस अवसर पर पीयूष गोयल ने कहा कि उजाला की घोषणा से हमें प्रसन्नता हुई है। यह भारत में ऊर्जा क्षमता का नया रूप होगा। ऊर्जा क्षमता सेवा लिमिटेड (ईईएसएल) के सतत प्रयास से उजाला एलईडी के प्रति लोगों की धारणा बदलेगी और ऊर्जा सक्षमता बढ़ेगी। यह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, क्योंकि इससे भारत को अपने राष्ट्रीय निर्धारित योगदान (आईएनडीसी) के अंतर्गत उत्सर्जन तीव्रता कम करने के संकल्प को पूरा करने में मदद मिलेगी। 
ईईएसएल ने देश में 7.47 करोड़ एलईडी बल्ब दिए हैं। इससे रोजाना 2.66 करोड़ केडब्ल्यूएच ऊर्जा की बचत हो रही है और इससे 1944 मेगावाट से अधिक की पीक मांग को टालने में मदद मिली है। इससे प्रतिदिन 21,550 टन सीओ-2 कम करने में मदद मिली है और अनुमानतः रोजाना 10.64 करोड़ रुपए की लागत बचत हो रही है।

भारत-बहरीन के बीच मानव तस्करी रोकने पर सहमति पत्र

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने भारत और बहरीन के बीच सहमति पत्र पर हस्ताक्षर को मंजूरी दी। दोनों देशों ने महिलाओं और बच्चों सहित मानव तस्करी के रोकथाम में सहयोग करने पर सहमति जताई। इसमें बचाव, पुनर्वापसी, बरामदगी और इसके शिकार हुए लोगों को परिवारों से मिलाना शामिल है।
इस सहमति से दोनों देशों ने दोस्ताना रिश्ते को मजबूत करने का फैसला किया है। दोनों देशों ने मानव की अवैध तस्करी, खासकर महिलाओं और बच्चों की तस्करी को तेजी से रोकने, बचाव करने और प्रत्यर्पण के मुद्दे पर आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। अप्रैल, 2016 के पहले सप्ताह में गृहमंत्री के दुबई दौरे के दौरान सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है।
भारत-बहरीन के बीच सहमति पत्र के महत्वपूर्ण बिन्दु :
  • सभी तरह की मानव तस्करी, खासकर महिलाओं और बच्चों की तस्करी रोकने संबंधी सहयोग को मजबूत किया जाएगा और तस्करों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और तेजी से जांच सहित दोनों देशों में संगठित अपराध चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
  • निरोधक उपाय करके महिलाओं और बच्चों की तस्करी का खात्मा किया जाएगा और पीडि़त लोगों के अधिकारों की रक्षा होगी।
  • मानव तस्करी को रोकने के लिए दोनों पक्ष तस्करी विरोधी सेल और कार्यबल गठित करेंगे।
  • मानव तस्करों की पहचान के लिए पुलिस और दूसरी संबंधित एजेंसियों के बीच कार्य     और सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा। 
  • पीडि़त पक्ष की घर वापसी को हरसंभव प्रयास करते हुए तेजी से पूरा किया जाएगा    और मूल देश उसके सुरक्षित और प्रभावी पुनर्मिलन के उपाय करेगा।
  • दोनों पक्षों के संयुक्त कार्यबल के प्रतिनिधियों का गठन किया जाएगा, जिससे सहमति पत्र पर कामकाज पर निगरानी रखी जा सके।

पृष्ठभूमि :
  • मानव तस्करी के मामले में दक्षिण एशिया के देश खासतौर पर प्रभावित हैं। इसमें घरेलू तस्करी या पड़ोसी देशों से तस्करी की घटनाएं होना आम है, हालांकि दक्षिण एशियाई पीडि़तों की पहचान मध्य पूर्व में तेजी से बढ़ रही है।
  • जहां तक बहरीन की बात है मानव तस्करी का भारत अहम स्रोत है। इतना ही नहीं, पुरुषों और महिलाओं को तस्करी के जरिये बहरीन पहुंचाया जाता है। वहां जबरन मजदूरी और वेश्यावृत्ति के लिए इन्हें ले जाया जाता है। दक्षिण एशिया से पुरुष और महिलाएं घरेलू कर्मी या असंगठित श्रम क्षेत्र में विनिर्माण और दूसरी सेवाओं के रूप में स्वेच्छा से बहरीन जाती हैं, हालांकि उनके पास अवैध पासपोर्ट होते हैं। कई अकुशल श्रमिक भी बहरीन भेजे जाते हैं, जिन्हें बिना किसी भुगतान के धमकी, शारीरिक यातना और लैंगिक दुष्कर्म के लिए भी वहां पहुंचाया जाता है।
  • बहरीन राजशाही और भारत के बीच हर स्तर पर मानव तस्कर रोधी प्रयासों को सख्ती से लागू किया गया है, जिससे पीडि़तों की सुरक्षा और इसपर प्रतिबंध लग सके। दोनों देशों के बीच खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान की भी आवश्यकता है। इसके अलावा, संयुक्त जांच और दूसरी पहल भी जरूरी है। इस उद्देश्य के लिए बहरीन राजशाही के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर प्रस्तावित है। भारत ने बांग्लादेश के साथ मानव तस्करी को रोकने के लिए पहले ही सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।

माल्या देश छोड़ गये

 इन दिनों 
शराब कारोबारी व राज्यसभा सदस्य विजय माल्या देश छोड़कर चले गये हैं। उनपर 17 बैंकों के करोड़ों रुपये उधार हैं। 17 बैंकों के समूह की ओर से अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट में दी। सुप्रीम कोर्ट ने माल्या को उनके राज्यसभा ई-मेल आईडी पर लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग के माध्यम से नोटिस भेजने को कहा है। अटार्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि माल्या 2 मार्च को ही देश छोड़कर चले गये थे।
उन्होंने कहा कि सीबीआई के अनुसार वे ब्रिटेन में हैं। अदालत ने माल्या को नोटिस जारी किया और बैंकों के समूह की याचिकाओं पर 2 हफ्ते में जवाब मांगा है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ओर से पेश हुए अटार्नी जनरल ने मामले की जल्द सुनवाई करने की अपील की। जस्टिस कूरियन जोसेफ और जस्टिस रोहिंटन नरिमन की खंडपीठ ने कहा कि माल्या तक नोटिस उनके ई-मेल आईडी, लंदन में भारतीय उच्चायोग के जरिये पहुंचायें।
क्या चाहते हैं बैंक : सभी बैंक चाहते हैं कि अदालत माल्या की संपत्ति का खुलासा करने और उसे जब्त करने के आदेश जारी करे। इसके अलावा माल्या का पासपोर्ट जब्त किया जाए और उन्हें अदालत में पेशी के लिए खुद आने के निर्देश जारी किये जाएं। अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने बताया कि माल्या की विदेशों में उनके द्वारा बैंकों से लिये गये लोन से कहीं अधिक संपत्ति है।
बैंकों को भी फटकार : सुप्रीम कोर्ट ने बैंकों को भी फटकार लगायी। कोर्ट ने कहा कि अगर आपको पता था कि वे डिफाल्टर हैं और उनके खिलाफ कोर्ट में सुनवाई चल रही है, तो फिर लोन क्यों दिया। माल्या पर विभिन्न बैंकों मंे 9,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है।

दिल्ली विधानसभा में सुरंग !

 संक्षिप्त खबरें 
दिल्ली विधानसभा में रहस्यमयी सुरंग मिली है। विधानसभा सत्र जहां चलता है, उसी के नीचे यह सुरंग मिली है, जो लालकिले तक जाती है। बताया जाता है कि लालकिले से कैदियों को इसी सुरंग के जरिये दिल्ली विधानसभा लाया जाता था। यहां उनकी सुनवाई होती थी। यह सुरंग लकड़ी की पट्टियों से बनी है। इस जगह पर एएसआई टीम भी दौरा करेगी। एक कमरा भी खुलवाया गया है, जो 20 सालों से बंद पड़ा था।

राजेश खन्ना के बंगले की जगह बनेगी नयी इमारत

बांद्रा के कार्टर रोड पर 6,500 वर्ग फुट में फैले राजेश खन्ना के बंगले ‘वरदान आशीर्वाद’ को तोड़ा जा रहा है। मंगलोर के रहने वाले बंगले के नये मालिक शशि किरण शेट्टी इसकी जगह नया घर बनाना चाहते हैं। शेट्टी ने इसे 2014 में 95 करोड़ रुपये में खरीदा था। शशि ऑल लॉजिस्टिक्स के सीएमडी और फाउंडर हैं।
उन्होंने बताया कि बंगला करीब 50 साल पुराना है, इसलिए इसकी जगह नयी बिल्डिंग बनायी जाएगी। नयी बिल्डिंग तीन या चार मंजिला होगी।  18 जुलाई, 2012 में राजेश खन्ना के निधन के बाद उनका यह बंगला उनकी बेटियों ट्विंकल और रिंकी के पास था। बाद में दोनों ने इसे बेचने का फैसला किया। राजेश खन्ना के आखिरी समय में लिव इन पार्टनर रहीं अनिता आडवाणी ने भी इस पर अपना दावा किया था। राजेश खन्ना की लिव इन पार्टनर रहीं अनिता आडवाणी ने बंगले के बेचे जाने का विरोध किया था।

सिख गुरुद्वारा अधिनियम 1925 में संशोधन को मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सिख गुरुद्वारा अधिनियम, 1925 में संशोधन के बारे में गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर विचार किया, जिसमें संसद के माध्यम से अधिनियम को संशोधित करके सिख गुरुद्वारा अधिनियम, 1925 के तहत गठित बोर्ड तथा समितियों के सदस्यों के चुनाव में मत डालने के लिए वर्ष 1944 में सहजधारी सिखों को दी गई छूट को समाप्त करने का आग्रह किया। 
इसी के अनुरूप केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संसद के जरिये सिख गुरुद्वारा अधिनियम, 1925 में संशोधन करने के गृह मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जो 08 अक्टूबर, 2003 की तारीख से प्रभावी मानी जाएगी।

राष्ट्रपति ने सम्मान प्रदान किया

राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन में 11 मार्च, 2016 को आयोजित एक समारोह में वर्ष 2015 के लिए संस्कृत, पाली, प्राकृत, अरबी एवं फारसी के विख्यात विद्वानों को सम्मान प्रमाण पत्र एवं युवा विद्वानों को महर्षि बदरायण व्यास सम्मान प्रदान किया।

शनिवार, 12 मार्च 2016

2016-17 में पीएमईजीपी के तहत 4,25,000 से अधिक नौकरियां

 खबर प्रवाह 
नई दिल्ली : केंद्रीय एमएसएमई मंत्री कलराज मिश्र ने कहा है कि 2016-17 ज्यादा आवंटन एवं अपेक्षाकृत अधिक रोजगारों के सृजन के साथ सूक्ष्म, लघु एवं मंझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए विकास वर्ष साबित होगा। श्री मिश्र ने कहा कि उनके मंत्रालय ने अपने लिए आवंटित 3,000 करोड़ रुपये के उपयोग और प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए एक समयबद्ध कार्य योजना तैयार की है, जिनमें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), एसएफआरयूटीआई, एस्पायर इत्यादि शामिल हैं। 
एमएसएमई मंत्रालय के रोडमैप और बजट आवंटन के बारे में जानकारी देते हुए कलराज मिश्र ने कहा कि पीएमईजीपी के तहत वर्ष 2016-17 के दौरान मार्जिन मनी के साथ 55,000 परियोजनाओं की सहायता के लिए 1,139 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग किया जाएगा। इसकी बदौलत 4,25,000 से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष के दौरान खादी उत्पादन के बढ़कर 1,300 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच जाने और 19.50 लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इस उद्देश्य के लिए खादी और ग्रामोद्योग आयोग हेतु 341 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं। 
कलराज मिश्र ने कहा कि ग्रामीण कारीगरों के हितों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 60 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ 39 क्लस्टरों (समूह) का विकास करने का फैसला किया है, जिससे 10,000 से ज्यादा कारीगर लाभान्वित होंगे। श्री मिश्र ने कहा कि सरकार ग्रामीण इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने के लिए बेहद उत्सुक है और इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण उद्योगों एवं उद्यमिता में नवाचार को बढ़ावा देने की योजना के लिए 100 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016-17 के दौरान ग्रामोद्योग उत्पादन के बढ़कर 45,000 करोड़ रुपये के स्तर को पार कर जाने की उम्मीद है, जिससे 163 लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार अवसर सृजित होने की आशा है।

मनोज कुमार को 2015 के लिए दादा साहेब फाल्के पुरस्कार

दिग्गज फिल्म अभिनेता और निर्देशक मनोज कुमार को वर्ष 2015 के लिए दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार भारत सरकार द्वारा भारतीय सिनेमा की प्रगति और विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। पुरस्कार में एक स्वर्ण कमल (गोल्डन लोटस), 10 लाख रुपये की नकद राशि और एक शॉल शामिल हैं। सरकार द्वारा यह पुरस्कार इस उद्देश्य के लिए गठित प्रख्यात हस्तियों की समिति की सिफारिशों के आधार पर दिया जाता है। इस वर्ष की पांच सदस्यीय जूरी में शामिल लता मंगेशकर, आशा भोसले, सलीम खान, नितिन मुकेश और अनूप जलोटा ने सर्वसम्मति से मनोज कुमार को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार देने की सिफारिश की है। सूचना और प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने मनोज कुमार से बातचीत की और उन्हें पुरस्कार से सम्मानित किए जाने के लिए बधाई दी।
मनोज कुमार एक जाने-माने कलाकार और निर्देशक रहे हैं। उनकी फिल्म ‘हरियाली और रास्ता’, ‘वो कौन थी’, ’हिमालय की गोद में’, ‘दो बदन’, ‘उपकार’, ‘पत्थर के सनम’, ‘नीलकमल’, ‘पूरब और पश्चिम’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’ और ‘क्रांति’ जैसी फिल्मों के लिए याद किया जाता है। उन्होंने देशभक्ति की विषयवस्तु वाली फिल्मों में काम करने और निर्देशित करने के लिए भी प्रसिद्धि प्राप्त की। 
श्री मनोज कुमार का जन्म जुलाई 1937 में अविभाजित भारत के एबटाबाद में हुआ था। दिल्ली के हिन्दू कॉलेज से स्नातक होने के बाद उन्होंने फिल्मों में प्रवेश करने का निर्णय लिया। 1960 में उन्हें ‘कांच की गुडि़या’ नामक फिल्म में पहली बार शीर्ष भूमिका निभाने का मौका मिला। उनकी ‘दो बदन’ नामक फिल्म को राजखोसला के निर्देशन, मनोज कुमार के अभिनय और रवि के बेहतरीन संगीत तथा शकील बंदायूनी के अमर गीतों के लिए याद किया जाता है। 1965 में शहीद फिल्म से उनकी देशभक्ति के हीरो की छवि बनी। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने उन्हें जय जवान, जय किसान नामक नारे पर आधारित फिल्म बनाने के लिए कहा। इस पर उन्होंने ‘उपकार’ नाम से यादगार फिल्म बनाई। सर्वश्री दिलीप कुमार, शशि कपूर, ए. गोपाल कृष्णन, सोमित्र चटर्जी, सत्यजीत रे, मृणाल सेन जैसी हस्तियों को भी इस पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। ‘उपकार’ फिल्म के लिए मनोज कुमार को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किया गया था। भारत सरकार ने 1992 में उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया था।

नौसेना की पोत म्हादेई की मैराथन यात्रा में महिला चालक दल 

अंतर्राष्ट्रीय नौसैन्य दस्ते में हिस्सा लेने के बाद नौसेना का प्रसिद्ध म्हादेई पोत विशाखापत्तनम से अपने गृह बंदरगाह से चलकर गोवा के लिए रवाना हुआ। दिखने में यह एक मामूली यात्रा थी, लेकिन इसमें अनोखापन था। पहली बार इसे भारतीय नौसेना की महिला कर्मियों ने ही संचालित किया। लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी 8 फरवरी, 2016 को म्हादेई की पहली महिला चालक नियुक्त हुईं। इस अभियान में लेफ्टिनेंट पी. स्वाथि, लेफ्टिनेंट प्रतिभा जामवाल (वायु यातायात नियंत्रण विशेषज्ञ), लेफ्टिनेंट विजया देवी और उप लेफ्टिनेंट पायल गुप्ता (दोनों शिक्षा अधिकारी) भी शामिल थीं। म्हादेई की छठीं सदस्य नौसेना की मुख्य कर्ताधर्ता लेफ्टिनेंट बी. ऐश्वर्या हैं। उम्मीद है कि वे शीघ्र ही नौसेना के इस अभियान का हिस्सा बनेंगी। 
ये महिला अधिकारी समुद्रपारीय अभियानों के लिए भी हर तरह से प्रशिक्षण ले रही हैं। इन्हें 2017 में दुनिया भर में नौका से समुद्र अभियान पर निकलना है। इस काम के लिए संचार, समुद्री साहस और मौसम की बेहतर समझ विकसित करने के लिए नौसेना में कई तरह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह काम पिछले साल अगस्त में कोच्चि के प्रतिष्ठान में चल रहा है। म्हादेई ने 12 से 19 फरवरी को चेन्नई के बंदरगाह का दौरा किया और 27 फरवरी से 2 मार्च के बीच अपनी वापसी की यात्रा कोच्चि में सम्पन्न की थी। वह वापस अपने मूल बंदरगाह गोवा में आज पहुंचा और संयोग से यह दिन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस था। भविष्य के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में ये साहसिक महिलाएं मई, 2016 को मॉरिशस जायेंगी। अपनी पहली यात्रा में नौसेना की इन साहसी महिला अधिकारियों, म्हादेई और उनके चालक दल के सदस्यों को मन्नार की खाड़ी में खराब मौसम और ऊंची समुद्री लहरों से भी जूझना पड़ा। चालक दल के सभी सदस्य स्वयंसेवी हैं और उन्होंने अपनी समुद्री यात्रा साहस और जोखिम का परिचय देते हुए शुरू की है।

पहली बार गर्मी में तापमान वृद्धि संबंधी भविष्यवाणी 

भारतीय मौसम विभाग के पृथ्वी प्रणाली विज्ञान संगठन इस साल ग्रीष्म एडवाइजरी, ग्रीष्म तापमान के आंकड़ों के साथ सामने आएगा। विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मार्च के आखिर तक अप्रैल-जून, 2016 की अवधि के लिए तापमान संबंधी मिली जानकारी दुरुस्त है। इसके अतिरिक्त 15 दिनों की विस्तारित अवधि (इसमें पांच दिनों की नवीनतम जानकारी शामिल है) की भविष्यवाणी भी सामने आएगी। 
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मौसम विभाग का कृषि, गृह मामले, रेलवे, ऊर्जा, जल संसाधन, भूतल परिवहन, स्वास्थ्य, पर्यटन, कोयला और खान सहित दूसरे मंत्रालयों के साथ तालमेल बनाया गया है। मौसम विज्ञान विभाग चक्रवात, भारी बारिश, तेज गर्मी आदि विभिन्न मौसम संबंधी भविष्य के लिए निगरानी जैसे काम भी करता है। इसके अलावा यह समय-समय पर काफी मूल्यवान जानकारी भी देता है।

रेल : धोखाधड़ी रोकने के लिए अनारक्षित टिकटों पर बार कोड की प्रिंटिंग

  • दक्षिण रेलवे में चेन्नई के निकट वालजबाद में ऑटो हब राष्ट्र को समर्पित
यात्री सुविधाओं में सुधार और रेलवे के राजस्व में बढ़ोत्तरी के लक्ष्य के साथ रेलमंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने 1 मार्च, 2016 को रेल भवन, नई दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दो सेवाओं (1) उत्तर रेलवे के नई दिल्ली, दिल्ली जंक्शन और निजामुद्दीन के नामित काउंटरों पर अनारक्षित टिकटों की बारकोडिंग और (2) दक्षिणी रेलवे के चेन्नई मंडल में वालजबाद में रेल ऑटो हब का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विशेष रूप से रेलराज्य मंत्री मनोज सिन्हा मौजूद रहे। भारतीय रेलवे की तरफ से रेलवे बोर्ड के चेयरमैन श्री एके मित्तल, रेलवे बोर्ड में सदस्य यातायात मोहम्मद जमशेद और बोर्ड के अन्य सदस्य मौजूद रहे। इस अवसर पर दक्षिणी और उत्तरी रेलवे के कई जनप्रतिनिधि और कई अधिकारी भी उपस्थित रहे। इन दो सेवाओं में से बारकोडिंग की हाल में रेलमंत्री ने अपने 2016-17 के रेल बजट के भाषण में घोषणा की थी और तत्काल ही इसे लागू भी कर दिया गया।
इस अवसर पर इन सेवाओं के बारे में श्री प्रभु ने कहा कि यात्री सुविधाओं में सुधार और मालभाड़े से राजस्व बढ़ाने के लिए भारतीय रेलवे ने मल्टी कमोडिटी कार्गो तक पहुंच बनाने के साथ ही कई रणनीतियां अपनाई हैं। उन्होंने कहा कि कार्गो के माध्यम से राजस्व बढ़ाने की दिशा में वालजबाद, चेन्नई में रेल ऑटो हब बनाना हमारा शुरुआती कदम है और भारतीय रेल अपने रेलवे ट्रैक पर ज्यादा ऑटो परिवहन (ढुलाई) को लाने की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि रेलवे सिर्फ कारोबारी साझेदारों पर निर्भर नहीं रह सकती और कारोबार करने का यही तरीका है और इस प्रकार मालभाड़े से राजस्व पैदा करने-बढ़ाने के लिए कार्गो तक पहुंच बनाना जरूरी है। इसके साथ ही श्री प्रभु ने एक अन्य सेवा थर्मल प्रिंटिंग से अनारक्षित टिकटों की बारकोडिंग की विशेषताओं के बारे में भी बताया। रेलमंत्री ने कहा कि अनारक्षित टिकटों पर इस नई बारकोडिंग व्यवस्था से संभावित धोखाधड़ी की गतिविधियों पर रोक लगेगी, जिससे रेलवे को अपना राजस्व बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे सुनिश्चित करेगी कि रेलवे में बेहतर प्रशासन हो, जिससे आखिरकार रेल यात्रियों को ही फायदा होगा।
सेवाओं की मुख्य विशेषताएं :
  • दक्षिण रेलवे में वालजबाद ऑटो हब
  • दक्षिण रेलवे के चेन्नई मंडल के वालजबाद स्टेशन को भारतीय रेलवे के पहले सामान्य इस्तेमाल होने वाले ऑटो हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
  • यह स्टेशन ओरगदम, श्रीपेरंबदुर और सिंगारपेरुमल कोविल क्षेत्रों में स्थित बड़ी ऑटो इकाइयों के पास है, जहां निसान, ह्युंडई, फोर्ड और डैमलर क्रिसलर जैसी बड़ी वाहन कंपनियों की विनिर्माण इकाइयां हैं।
  • 5,000 वर्ग मीटर में फैले इस हब की लोडिंग क्षमता 300 चार पहिया वाहनों की है।
  • यह हब इस क्षेत्र में हर साल बनने वाले 10 लाख चार पहिया वाहनों को सेवाएं देगा।
  • वालजबाद ऑटो हब टाटा, होंडा आदि कंपनियों के आंतरिक यातायात के लिए एक आदर्श वितरण केंद्र के रूप में काम करेगा और पुड्डुचेरी सहित तमिलनाडु के भीतर और पड़ोसी राज्यों को जोड़ेगा।
  • इसका लक्ष्य मुख्य रूप से दूरदराज के क्षेत्र हैं, वहीं भारतीय रेल इससे निर्यात ट्रैफिक को अपनी ओर खींचने में कामयाब होगा, जो चेन्नई और एन्नोर बंदरगाहों के माध्यम से होता है।
  • हब के लिए उत्पादन और खपत के केंद्रों से 4/6 लेन का निर्बाध सड़क संपर्क भी है।
  • सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रकाश और फेंसिंग भी विकसित की जा रही है।
  • वर्तमान में 4 फीसदी ऑटोमोबाइल ट्रैफिक भारतीय रेलवे के माध्यम से होता है और वित्त वर्ष 2015-16 में अभी तक इसके माध्यम से रेलवे ने लगभग 100 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है।
  • इसका लक्ष्य 2026 तक इस सेक्टर में रेलवे की हिस्सेदारी बढ़ाकर लगभग 20 प्रतिशत करना है।
  • थर्मल प्रिंटर के माध्यम से अनारक्षित टिकटों की बारकोडिंग।
रेल मंत्रालय ने 2016-17 के रेल बजट भाषण में अनारक्षित किटकों की बार-कोडिंग की घोषणा की थी। बार कोडिंग मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं :
  • टिकट जारी करने की गति बढ़ाने और उससे भी ज्यादा अहम धोखाधड़ी रोकने के लिए थर्मल प्रिंटिंग के माध्यम से अनारक्षित टिकटों पर बार-कोड की प्रिंटिंग
  • पायलट परियोजना के तौर पर नई दिल्ली, दिल्ली जंक्शन और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों पर अनारक्षित टिकटों पर इनक्रिप्टेड क्यूआर कोड की प्रिंटिंग शुरू की जाएगी
  • थर्मल प्रिंटर के इस्तेमाल से प्रिंट किया जा रहा बार कोड, क्यूआर (क्विक रिस्पॉन्स) कोड है। इससे अनारक्षित टिकट को प्रिंट करने में लगभग 3 सेकंड की बचत होगी।
वर्तमान में इनक्रिप्टेड क्यूआर कोड के रूप में निम्नलिखित जानकारियां प्रिंट की जाती हैं :
(1) यूटीएस संख्या
(2) स्टॉक संख्या
(3) टिकट किराया
(4) यात्रा शुरू करने का स्टेशन
(5) गंतव्य स्टेशन
(6) वयस्कों की संख्या
(7) बच्चों की संख्या
(8) ट्रेन का प्रकार
(9) वर्ग कोड
(10) यात्रा की तिथि
जब भी टिकट चेकिंग स्टाफ (टीटीई/टीसी) टिकट की जांच करते हैं, तो वह अब इनक्रिप्टेड क्यूआर कोड को स्कैन कर सकते हैं और डाटा के डिक्रिप्शन के बाद वह टिकट पर प्रिंट की गई जानकारी की पुष्टि कर सकते हैं।

सेतु भारतम का शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पचास हजार करोड़ रुपए के निवेश से राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित और सुचारू यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पुल निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना “सेतु भारतम” का शुभारंभ किया। योजना के अंतर्गत सभी राष्ट्रीय राजमार्गों को वर्ष 2019 तक रेलवे क्रांसिग रहित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। “सेतु भारतम” योजना में 208 नए पुलों के उपर सड़क और पुलों के नीचे सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही 1,500 पुलों को चैड़ा, पुनः स्थापित और बदला जाएगा। 
इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार इस दिशा में बहुत बड़ा परिवर्तन करने की आशा रखती है। देश के विकास के लिए अच्छे आधारभूत ढांचे की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि देश को सड़कों की आवश्यकता वैसे ही है, जैसे मानव शरीर में धमनियों और नसों की आवश्यकता होती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस अवसर पर केंद्र सरकार द्वारा आधारभूत ढांचे के विकास के लिए रेलवे, सिचांई और डिजिटल कनेक्टीविटी आदि क्षेत्रों में केंद्र सरकार के कार्यक्रमों के संबंध में जानकारी भी दी।

गुरुवार, 3 मार्च 2016

बजट दिवस पर सात करोड़ एलईडी बल्ब बांटे, बिहार में भी बंटेगा

 संक्षिप्त खबर 
नई दिल्ली : बजट के दिन ऊर्जा दक्षता सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने घरेलू कुशल प्रकाश कार्यक्रम (डीईएलपी) के तहत नागरिकों के बीच सात करोड़ एलईडी बल्बों का वितरण किया है। यह रिकार्ड वितरण बजट के दिन किया गया। बिजली मंत्रालय के तहत काम करने वाली ऊर्जा दक्षता सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने इस योजना को क्रियान्वित किया है। इसने देश भर के 11 राज्यों में 2.3 करोड़ लोगों को गोद लिया है। 
ईईएसएल ने 19 दिन में एक करोड़ से अधिक बल्बों का वितरण किया। इससे पहले छह करोड़ बल्बों का वितरण पहले ही फरवरी माह में कर दिया गया था। सात करोड़ एलईडी बल्बों के वितरण से सरकार ने अधिकतम मांग के दौरान 2085 मेगावाट बिजली की मांग को रोकने और 2.4 करोड़ किलोवाट प्रतिदिन बिजली बचाने में मदद की है। भारत ने कार्बन उत्सर्जन को कम करने का वचन दिया है और इस योजना की इसे पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार रिहायशी क्षेत्र में देश भर के 77 करोड़ बल्बों को मार्च, 2019 तक एलईडी बल्बों में बदलने को समर्पित है। इस लक्ष्य से 20 हजार मेगावाट बिजली के भार को कम होने की उम्मीद है। इससे सालाना 1000 लाख किलोवाट बिजली बचने का अनुमान है। 
इस समय डीईएलपी का यह कार्यक्रम राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, झारखंड और उत्तराखंड में पूरी तरह चल रहा है। जल्दी ही राष्ट्रीय स्तर पर इस कार्यक्रम की शुरुआत केन्द्र शासित प्रदेश दादर तथा नगर हवेली के अतिरिक्त गुजरात, मध्यप्रदेश, हरियाणा, ओडिशा और बिहार में की जाएगी।

सेना में भर्ती के लिए पंजीकरण 25 मार्च तक

पूर्णिया : निदेशक, सेना भर्ती कार्यालय कटिहार से प्राप्त सूचना के अनुसार 09 अप्रैल, 2016 से 19 अप्रैल, 2016 तक सभी ट्रेड के लिए गढ़वाल मैदान (सैन्य शिविर), कटिहार में 12 जिलों की भर्ती की जायेगी जिसमें बांका, खगडि़या, सुपौल, अररिया, सहरसा, बेगुसराय, मुंगेर, मधेपुरा, भागलपुर, पूर्णियां, किशनगंज और कटिहार के युवको को मौका मिलेगा। सभी अभ्यर्थी अपना पंजीकरण तथा आवेदन 23 फरवरी, 2016 से 25 मार्च, 2016 तक WWW.joinindianarmy.nic.in पर कर सकते हैं।

‘हम हैं वंडर बाॅयज’ का प्रदर्शन अप्रैल में

मुंबई : मारुती इंटरनेशनल एन्टरटेनमेंट के बैनर तले बनी हिंदी फिल्म ‘हम हैं वंडर बॉयज’ का प्रदर्शन अप्रैल में होगा। फिल्म के निर्देशक अनिल एस. मेहता ने बताया कि फिल्म की पूरी कहानी पांच ऐसे युवाओं पर केंद्रित है, जो अपनी भारत मां के लिए अपना सारा जीवन कुर्बान कर देते हैं। इन पांच युवाओं की कहानियां कुछ अलग है, लेकिन लक्ष्य एक है, भारत मां का नाम पूरी दुनिया में रौशन करना। आगे क्या होता है, ये आपको फिल्म देखने के बाद पता चल जायेगा। फिल्म के निर्माता रेखा एच पटेल इस फिल्म के माध्यम से बॉलीवुड में कदम रखने जा रही हैं। फिल्म की कहानी एसके अमृत, स्क्रीन प्ले एवं डायलॉग संजय कुमार एवं एसके अमृत, गीत पुरुषोत्तम पाण्डेय, जितेंद्र मिर्जापुरी, सोनू सागर और केवी तमन्ना ने सुरीले संगीतों से सजाया है। फिल्म के मुख्य कलाकारों में नेहाश्री, हर्षित पटेल, रजा मुराद, उजाला मेहता, मुस्ताक खान, हेमंत पाण्डेय, अह्शान खान, पंकज बेरी, देव मल्होत्रा हैं।

डीएम की अध्यक्षता में यातायात संबंधित बैठक

पूर्णिया : शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाकर सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु पिछले दिनों जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आहुत की गई। जिला पदाधिकारी ने नगर आयुक्त को शहर की सभी महत्वपूर्ण सड़कों से अतिक्रमण हटाने हेतु अभियान चलाने का निर्देश दिया। शहर में आॅटो पड़ाव के रूप में चिन्हित स्थलों पर संकेत पट तथा सीमा निर्धारण करने का निर्देश नगर आयुक्त को दिया गया। सड़क किनारे वाहनों के अवैध पार्किंग के विरूद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोरतम फाइन लगाने हेतु जिला परिवहन पदाधिकारी को कार्रवाई करने को कहा गया। यातायात में लगाये गए पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों को विस्तृत ब्रीफिंग कर निदेश देने के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर को कहा गया। अवैध पार्किंग के विरूद्ध कार्रवाई हेतु एक क्रेन सदर अनुमंडल पदाधिकारी को नगर निगम द्वारा सुलभ कराया जा रहा है। नो-इंट्री के नियमों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निदेश दिया गया। बैठक में उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त, सदर अनुमंडल पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर, पुलिस निरीक्षक यातायत सहित विभिन्न थाना प्रभारी उपस्थित थे।

पंचायत निर्वाचन संबंधित बैठक

पूर्णिया : जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में आगामी पंचायत निर्वाचन से संबंधित तैयारी की समीक्षा हेतु बैठक हुई। पंचायत निर्वाचन हेतु तैयार आरक्षण रोस्टर का प्रकाशन प्रखंड स्तर पर तथा पंचायत से संबंधित पदांे हेतु पंचायत भवन में करने का निदेश दिया गया। नाम निर्देशन हेतु ससमय आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया। आवश्यक प्रपत्र, पंजी, नाजिर रसीद आदि पर्याप्त संख्या में संधारित करने का निदेश दिया गया। नाम निर्देशन हेतु पर्याप्त बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए पर्याप्त संख्या में महिला पुलिस बल की भी प्रतिनियुक्ति की जा रही है। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को प्रखंड स्तर नियत्रंण कक्ष की स्थापना करने का निदेश दिया गया। प्रत्येक प्रखंड में दो-दो आदर्श मतदान केन्द्र की स्थापना हेतु मतदान केन्द्र को चिन्हित करने का निर्देश दिया। सभी मतदान केन्द्रों पर न्यूनतम मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने हेतु कार्रवाई का निदेश सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया गया। पंचायत निर्वाचन में बाधा पहुंचाने वाले अधिक से अधिक संभावित तत्वों की पहचान कर उनके विरूद्ध निरोधात्मक कार्रवाई करने का निदेश सभी अनुमंडल पदाधिकारी को दिया गया। बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

मध्यम वर्ग पर सितम, गरीबों पर रहम

केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में साल 2016-17 का बजट पेश किया। बजट में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया। पीएफ को लेकर जेटली ने बड़ा ऐलान किया और कहा कि सरकार पहले तीन साल तक नए कर्मचारियों का ईपीएफ का हिस्सा देगी। पहली बार 50 लाख रुपये तक का मकान खरीदने पर 50 हजार रुपये की टैक्स में छूट मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने बजट के लिए जेटली को बधाई दी और कहा कि गांव, गरीब और महिलाओं पर हमारा फोकस है।
पीएफ के लिए सरकार 1 हजार करोड़ का फंड देगी। सर्विस टैक्स को बढ़ाकर 14.5 से 15 फीसदी कर दिया गया है। जेटली ने डिफेंस के लिए 3.41 लाख करोड़ के बजट का प्रस्ताव रखा है, जो पिछली बार के मुकाबले 14 फीसदी ज्यादा है।
संसद में बजट पेश करने के बाद मीडिया से मुखातिब हुए वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार ने अगर ज्यादा कमाया है, तो ज्यादा खर्च भी कर रही है। जेटली ने आगे कहा, ‘‘इस बार का बजट काफी संतुलित है। हम एसेट डायवर्जन स्कीम शुरू करेंगे। हमने पर्यावरण के लिए खतरनाक चीजों पर टैक्स लगाया है।’’ वित्तमंत्री ने आगे कहा कि सरकार वित्तीय घाटे के लक्ष्य को हासिल करके रहेगी। बीते 15 महीनों में महंगाई दर नकारात्मक रही है और इस साल भारत की रेटिंग में कोई बदलाव नहीं आया है। जेटली ने बजट पढ़ते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे राहुल गांधी की मांग को स्वीकार करते हैं। राहुल ने दिव्यांगों के काम आने वाले ब्रेल पेपर को ड्यूटी से मुक्त रखने की मांग की थी। जेटली ने बजट भाषण में कहा, ‘‘मैं राहुल गांधी का दिव्यांगों को राहत देने का प्रस्ताव स्वीकार करता हूं।’’
वित्त मंत्री का बजट में सबसे ज्यादा फोकस गांवों और गरीबों पर रहा। जाहिर तौर पर उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले सरकार ने अपनी गरीब विरोधी छवि बदलने की कोशिश की है। जेटली ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 19 हजार करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। 1 मई, 2018 तक हर गांव तक बिजली पहुंचा देंगे। 62 नवोदय विद्यालय खोले जाएंगे। मनरेगा योजना के लिए 38 हजार 500 करोड़ रुपये का आवंटन करेंगे।
जेटली ने बजट भाषण शुरू करते हुए कहा, ‘‘कश्ती चलाने वालों ने जब हारकर दी पतवार हमें, लहर-लहर तूफान मिले, फिर भी दिखाया है हमने और फिर ये दिखा देंगे सबको कि इन हालत में आता है दरिया करना पार हमें।’’ वित्तमंत्री ने कहा कि दुनियाभर में मंदी है, लेकिन हम लगातार देश के आर्थिक हालात सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। रोड और रेलवे पर 2.18 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे। मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव करके यातायात सुगम किया जाएगा। दो बंद एयरपोर्ट को फिर से शुरू किया जाएगा। इसपर 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 2 हजार किलोमीटर स्टेट हाइवेज को नेशनल हाइवे में बदला जाएगा। हर गरीब परिवार को एक लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा। नई स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 60 साल से उपर के लोगों को इस स्कीम में 30,000 रुपये अतिरिक्त लाभ दिया जाएगा।

बिहार को मिली निराशा, नहीं मिला विशेष पैकेज

केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा लोकसभा में पेश किए गए 2016-17 के आम बजट में बिहार को विशेष पैकेज नहीं देने पर प्रदेश के लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। ज्यादातर लोगों ने निराशा प्रकट की है। वहीं स्वास्थ्य बीमा का स्वागत किया गया है। ज्यादातर लोग इसे गरीबों, किसानों और आम लोगों का बजट बता रहे हैं। बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलाल खेतान ने बजट को गांव और आम लोगों का बजट बताया। उन्होंने कहा, ‘‘यह बजट देश के 70 प्रतिशत लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, लेकिन बिहार जैसे पिछड़े राज्यों के लिए विशेष पैकेज की बात नहीं की गई है, जिससे यह बजट बिहार के लिए उतना सुखद नहीं है।’’ उन्होंने कालेधन को सामने लाने के सरकार के प्रयास की सराहना की।
वरिष्ठ अर्थशास्त्री और पटना कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. नवल किशोर चैधरी ने बजट को दीर्घकालीन सुधार वाला बजट बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा पेश इस बजट में आधारभूत संरचनाओं के विकास पर जोर दिया गया है। सरकार ने वित्तीय हालात को देखते हुए कुछ अच्छे कदम उठाए हैं, लेकिन खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में बाहरी कंपनियों के आने से स्थानीय उद्योगों को नुकसान हो सकता है। पटना के जानेमाने अर्थशास्त्री शैवाल गुप्ता ने बजट को सामान्य बताते हुए कहा कि बिहार के लोगों को इस बजट से उम्मीदें थीं, लेकिन इस बजट में बिहार को खास तौर पर कुछ भी नहीं मिल सका। बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष ओपी शाह ने बजट को मिलाजुला बताया। उन्होंने कहा, ‘‘वित्तमंत्री ने बजट में आधारभूत संरचना का जो प्रावधान किया है, उससे देश को आर्थिक विकास में मदद मिलेगी।’’ हालांकि उन्होंने बिहार के लिए विशेष पैकेज नहीं दिए जाने पर नाखुशी जताई। 
बिहार सचिवालय के कर्मचारी रत्नेश कुमार का मानना है कि बजट में लोगों को स्वास्थ्य बीमा दिया जाना स्वागत योग्य है। एक निजी विद्यालय की शिक्षिका रोमा श्रीवास्तव कहती हैं कि देश में 62 नवोदय विद्यालय खोलने के प्रस्ताव का स्वागत होना चाहिए। इसके अलावा विद्यालय परित्याग प्रमाणपत्र के लिए डिजिटल डिपॉजिटरी की भी प्रशंसा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार में पूंजी निवेश को बढ़ाने के लिए बजट में कोई चर्चा नहीं की गई है, जो बिहार के विकास के लिए सबसे जरूरी है। 
 अहम बिंदु 
  • व्यक्तिगत आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं
  • एक करोड़ रुपये से ज्यादा आय पर सरचार्ज बढ़ा
  • मकान भत्ता 24 हजार से बढ़ाकर 60 हजार किया गया
  • पहली बार घर खरीदने पर ब्याज में छूट
  • किराये के मकान में रहनेवालों को 24,000 रुपये सालाना के बजाय अब 60,000 रुपये की कर राहत। हाउस रेंट की छूट बढ़ाई गई
  • 5 लाख तक की आय पर टैक्स में तीन हजार का फायदा, छोटे कर दाताओं को बजट में बड़ी राहत
  • 50 लाख रुपये तक के घर पर 50,000 हजार रुपये की अतिरिक्त छूट
  • चांदी को छोड़कर अन्य आभूषणों पर एक प्रतिशत का उत्पाद शुल्क
  • 5 लाख रपये से कम की आय वाले आयकरदाताओं को राहत। धारा 87 एक के तहत छूट की सीमा 2,000 से बढ़ाकर 5,000 रुपये की गई
  • 2017-18 तक राजकोषीय घाटा सकल घरेल उत्पाद के 3 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य
  • 2015-16 में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 3.9 प्रतिशत। 2016-17 में यह 3.5 प्रतिशत होगा।

 महंगा 
  1. 10 लाख से ज्यादा की कार महंगी हर तरह की गाडि़यां महंगी
  2. डीजल गाडि़यों पर 2.5 फीसदी टैक्स बढ़ा
  3. एसयूवी में 4 फीसदी टैक्स बढ़ा
  4. सिगरेट महंगी, बीड़ी छोड़कर हर तंबाकू उत्पाद महंगा
  5. सोने और हीरे के गहने महंगे
  6. मोबाइल बिल और होटल में खाना हुआ महंगा
  7. रेडीमेड कपड़े महंगे
  8. सर्विस टैक्स 14.5 से बढ़कर 15 फीसदी हुआ
  9. जिम में जाना, रेल ई-टिकट खरीदना महंगा
  10. ब्यूटी पार्लर जाना महंगा।

 सस्ता 
  1. मोबाइल, डेस्कटॉप, लैपटॉप, टैबलेट
  2. दिव्यांगों की मदद से जुड़े इक्विपमेंट्स
  3. डायलिसिस इक्विपमेंट्स।