COPYRIGHT © RAJIV MANI, Journalist, Patna

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बुधवार, 29 जून 2016

पटना-आरा एमईएमयू ट्रेन शुरू

पटना/नई दिल्ली : रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने रेल भवन में आयोजित एक कार्यक्रम से वीडियो कॉनफ्रेन्सिंग के जरिए पटना-आरा एमईएमयू ट्रेन (63213/63124) को झंडा दिखाकर राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा भी उपस्थित थे। साथ ही रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एके मित्तल, रेलवे बोर्ड ट्रैफिक के सदस्य मोहम्मद जमशेद और बोर्ड के अन्य सदस्य भी इस मौके पर उपस्थित थे। इसके साथ ही कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस मौके पर उपस्थित थे।
इस मौके पर रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल में रहने वाले लोग रेल परिवहन के लिए उपयोग करते आ रहे हैं। इसलिए रेलवे इन राज्यों में ट्रेनों की आवाजाही और नई ट्रेन सेवाओं में सुधार करने के लिए ध्यान केंद्रित कर रहा है और आज इस दिशा में एक प्रगति हुई है।
रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि भारतीय रेल नीति निर्माण की प्रक्रिया के दौरान समाज के सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखता है। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में मेमू (एमईएनयू) और डेमू (डीईएमयू) ट्रेन सेवाएं दैनिक यात्रियों के लिए विशेष महत्व रखती हैं।
इस नई ट्रेन से पटना से आरा 1 घंटा 35 मिनट और आरा से पटना 1 घंटा 30 मिनट में पहुंचा जा सकता है। साथ ही सभी स्टेशनों पर ट्रेन का ठहराव होगा। ज्ञात हो कि पटना से आरा की दूरी करीब 50 किलोमीटर है।

नई नर्स व्यवसायी पाठ्यक्रमों और ‘लाइव रजिस्टर’ की शुरूआत

  • सरकार नर्सों के कौशल उन्नयन हेतु सुलभ और सस्ती गुणवत्ता प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध : जेपी नड्डा

नई दिल्ली : देश भर में नर्सों के कौशल उन्नयन के महत्व को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार उन्हें सुलभ, सस्ती और गुणवत्ता प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि नर्सिंग स्टाफ स्वास्थ्य सेवा वितरण में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं और उनके बिना वांछित परिणाम हासिल नहीं किया जा सकता है। 
जब हम एसडीजी को प्राप्त करने के बारे में सोचते हैं, तो नर्सिंग स्टाफ की भूमिका डॉक्टरों के समान ही की जा सकती है। नड्डा भारतीय नर्सिंग परिषद कार्यालय परिसर के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे। सांसद डॉ किरीट पी सोलंकी, सांसद गणेश सिंह और भारतीय नर्सिंग परिषद के अध्यक्ष दिलीप कुमार भी इस उद्घाटन समारोह के दौरान उपस्थित थे। इस अवसर पर नड्डा ने दो नए नर्स व्यवसायी पाठ्यक्रम, एक क्रिटिकल केयर में और दूसरा प्राथमिक स्वास्थ्य में, का शुभारंभ किया। उन्होंने नर्सों के लिए एक वेब आधारित ‘लाइव रजिस्टर’ की भी शुरूआत की। 
उचित प्रशिक्षण के माध्यम से पर्याप्त कौशल विकास के महत्व पर जोर देते हुए नड्डा ने कहा कि नर्सों के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पारिस्थितिजन्य किया जाना चाहिए, ताकि वे शिक्षा और स्वास्थ्य के भारतीय परिदृश्य से अवगत होते रहें। उन्होंने औपचारिक शिक्षा के अलावा अनौपचारिक शिक्षा के महत्व को भी रेखांकित किया, ताकि नर्स अपने पेशे में आने वाली समग्र परेशानियों और उसके महत्व को समझें। साथ ही, यह भी कहा कि इलाज में संवेदनशीलता को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री के कौशल भारत दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए कौशल भारत कार्यक्रम के तहत नर्सों के कौशल विकास को भी समन्वयित किया जा सकता है। 
नड्डा के ‘लाइव रजिस्टर’ की शुरूआत को इस दिशा में एक सार्थक पहल करार दिया। लाइव रजिस्टर के माध्यम से सक्रिय और पंजीकृत नर्सों का सटीक डाटा ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया जाएगा। इससे सरकार को बेहतर जनशक्ति नियोजन और नर्सिंग पेशेवरों के लिए नीतिगत स्तर पर निर्णय लेने में मदद मिलेगी। नड्डा ने कहा कि इससे युक्तिकरण और जनशक्ति के अधिकतम उपयोग करने में मदद मिलेगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार ने कौशल विकास और निरंतर विकास के माध्यम से पेशेवर नर्सिंग और मिडवाइफरी कैडर में सुधार को उच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि सरकार नर्सिंग संस्थानों की संख्या में और इन संस्थानों की उतीर्ण होने वाले छात्रों की संख्या में वृद्धि करने के लिए कई स्तरों पर विस्तार के लिए काम शुरू कर दिया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि नर्सिंग संवर्ग को मजबूती प्रदान करने के लिए सरकार कई उपायों पर काम कर रही है, जिनमें कुछ प्रमुख हैं एएनएम / जीएनएम स्कूलों की स्थापना, नर्सिंग स्कूल को नर्सिंग कॉलेज में उन्नयन, नर्सों को प्रशिक्षण, 11 नये एक साल के विशेषज्ञता पाठ्यक्रम का विकास, सभी नर्सिंग कार्यक्रमों के लिए पाठ्यक्रम में संशोधन, नर्सिंग अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय पीएचडी संघ की स्थापना।
क्रिटिकल केयर कार्यक्रम में नर्स व्यवसायी पाठ्यक्रम दो वर्षीय आवासीय एमएससी डिग्री हो जाएगा। इस पाठ्यक्रम के पूरा होने पर नर्सों को गंभीर रूप से बीमार मरीजों की देखभाल के लिए जिम्मेदारी और जवाबदेही की योग्यता हासिल हो जाएगी। जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में नर्स व्यवसायी पाठ्यक्रम एक साल का आवासीय पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा होगा। 
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि देश की जरूरतों के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को प्रासंगिक बनाने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह सुझाव भी दिया कि नर्सिंग स्टाफ की कमी से निपटने के लिए नर्सिंग पाठ्यक्रम को कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के साथ मिश्रित किया जा सकता है।

शुक्रवार, 24 जून 2016

पटना में 4 लेन महात्मा गांधी सेतु का पुनर्निर्माण

  • 1742.01 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने बिहार के पटना में एनएच-19 पर गंगा नदी के ऊपर 5.575 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले महात्मा गांधी सेतु के पुनर्निर्माण संबंधी परियोजना को मंजूरी दे दी। नये निर्माण के लिए पुल के इस क्षतिग्रस्त ढांचे को ढहाया जाएगा और उसके बाद स्टील ट्रस के साथ इसकी री-डैकिंग की जाएगी। यह परियोजना इंजीनियरिंग, खरीद एवं निर्माण (ईपीसी) मोड में होगी। इसपर 1742.01 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। 
यह परियोजना पटना-हाजीपुर क्षेत्र को कवर करते हुए उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ेगी। यह परियोजना यातायात, विशेषकर उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच चलने वाले भारी यातायात के समय और लागत में कमी लाने के अलावा राज्य में बुनियादी ढांचे में सुधार की प्रक्रिया में तेजी लाएगी। महात्मा गांधी सेतु के पुनर्निर्माण से राज्य के इस क्षेत्र की सामाजिक आर्थिक स्थिति के उत्थान में भी मदद मिलेगी। 
ज्ञात हो कि पटना में गंगा नदी के ऊपर चार लेन वाले महात्मा गांधी सेतु का निर्माण 1980 के दशक में बिहार की राज्य सरकार ने किया था। बदहाल हालत में पहुंच चुका यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच बहुत ही महत्वपूर्ण कड़ी है और कई आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक गतिविधियों का मार्ग भी है। नेपाल और भूटान का कारोबार भी इसी संपर्क के माध्यम से होता है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय पिछले 15 वर्षों से इस पुल के पुनर्निर्माण के प्रयास कर रहा है, लेकिन उसके प्रयास सफल नहीं हो सके हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा काफी अध्ययन किए जाने बाद अब यह तय किया गया कि इस पुल की मौजूदा संरचना को ढहाया जाए और उसके बाद स्टील ट्रस के साथ इसकी री-डैकिंग की जाए। तदनुसार, पटना में महात्मा गांधी सेतु की संरचना के पुनर्निर्माण के लिए विस्तृत प्राक्कलन तैयार किया गया।

पीएसएलवी-सी34 ने एक उड़ान में 20 उपग्रहों को किया प्रक्षेपित

  • 20 में से 13 अमेरिका, दो कनाडा, एक जर्मनी और एक इंडोनेशिया का उपग्रह
  • भारत ने पीएसएलवी प्रक्षेपण यान की मदद से अबतक 113 उपग्रहों को प्रक्षेपित किया है
  • 113 में से 39 भारतीय और 74 विदेशी उपग्रह हैं

नई दिल्ली : अपने 36वें उड़ान में इसरो के ध्रुवीय प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी34 ने श्री हरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से एक उड़ान में एक साथ 20 उपग्रहों को प्रक्षेपित किया। इसमें कार्टोसेट-2 श्रृंखला का 725.5 किलोग्राम का एक उपग्रह और 19 अन्य उपग्रह शामिल हैं। सभी 20 उपग्रहों का कुल वजन 1288 किलोग्राम है। 
सभी उपग्रहों ने 508 किलोमीटर दूरी 16 मिनट 30 सेकंड में तय कर ध्रुवीय सूर्य समकालीन कक्षा को प्राप्त किया जो कि भूमध्य रेखा के 97.5 डिग्री के कोण पर है। इसके बाद सभी 20 उपग्रह पीएसएलवी से अलग होकर अपने पूर्व निर्धारित अनुक्रम में लग गए। अलग होने के बाद कार्टोसेट-2 उपग्रह के दो सौर सारणियां अपने आप स्थापित हो गए। जिसका नियंत्रण बंगलौर स्थित इसरोस टेलीमार्टी ट्रेकिंग एंड कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) ने संभाल लिया। आने वाले दिनों में यह उपग्रह अपने पेनक्रोमेटिक और मल्टीस्पेक्ट्रल कैमरों की मदद से रिमोट सेंसिंग सेवा प्रदान करेगा। 
कोर्टोसेट-2 उपग्रह द्वारा भेजे गए छवियों का प्रयोग कार्टोग्राफिक अनुप्रयोग, शहरी और ग्रामीण अनुप्रयोगों, तटीय भूमि उपयोग तथा विनियमन, सड़क नेटवर्क की निगरानी, जल वितरण, भूमि के लिए नक्शा बनाने, परिवर्तन का पता लगाने और विभिन्न प्रकार की भूमि सूचना प्रणाली तथा भौगोलिक सूचना प्रणाली के अनुप्रयोगों में हो सकेगा। 
अन्य 19 उपग्रहों में से एक ‘सत्यभामा’ सेट जिसका वजन 1.5 किलोग्राम है और इसे चेन्न्ई के सत्यभामा विश्वविद्यालय के छात्रों के सहयोग से बनाया गया है। जबकि दूसरा उपग्रह ‘स्वयं’ है जिसका वजन एक किलो है और इसे पुणे के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के छात्रों की मदद से बनाया गया है। जबकि 17 अन्य बचे हुए उपग्रह विदेशी ग्राहकों के उपग्रह हैं। इसमें 13 अमेरिका, दो कनाडा, एक जर्मनी और एक इंडोनेशिया का उपग्रह है। आज के इस सफल प्रक्षेपण के साथ ही भारत ने पीएसएलवी प्रक्षेपण यान की मदद से अबतक 113 उपग्रहों को प्रक्षेपित किया है। जिसमें 39 भारतीय और 74 विदेशी उपग्रह हैं। 

राष्ट्रपति ने इसरो को दी बधाई

नई दिल्ली : राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पीएसएलवी-सी34 के सफलतापूर्वक प्रक्षेपण पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को बधाई दी, जो अपने साथ रिकॉर्ड 20 उपग्रहों को एकबार में ही साथ ले गया, जिसमें कार्टोसेट-2 श्रृंखला का एक उपग्रह और 19 अन्य उपग्रह शामिल है। 
इसरो के प्रमुख, एएस किरण कुमार को दिए अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा, ‘आपको और इसरो में आपकी पूरी टीम को पीएसएलवी-सी34 के सफलतापूर्वक प्रक्षेपण पर बधाई, जो कि अपने साथ रिकॉर्ड 20 उपग्रहों को एक साथ ले गया, जिसमें कार्टोसेट-2 श्रृंखला का एक उपग्रह और 19 अन्य उपग्रह शामिल है। 
मैं समझता हूं कि कार्टोसेट-2 से जो छवियां प्राप्त होगी, वह दृश्य विशिष्ट चित्रों को चिन्हित करने में उपयोगी होगी, जो कि मानचित्रण, अन्य कार्टोग्राफिक अनुप्रयोगों और भूमि सूचना प्रणाली एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली में उपयोगी हो सकता है। इस सफलता से पूरा देश गौरवान्वित महसूस करता है। जिसने एकबार फिर से साबित कर दिया है कि भारत की अंतरिक्ष क्षमता बढ़ रही है। कृपया मेरी शुभकामनाएं इस अभियान से जुड़े हुए अपनी टीम के सभी वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, प्रौद्योगिकीविदों और अन्य सहयोगियों तक पहुंचा दें। मैं इसरो द्वारा भविष्य में किए जाने वाले सभी प्रयासों के सफलता की कामना करता हूं।’

मंगलवार, 21 जून 2016

योग पर एकजुट हुआ विश्व


  • मोदी के साथ योगमय हुआ भारत
  • पूरे विश्व ने मनाया दूसरा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को दूसरा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस चंडीगढ़ में मनाया। वहां वे लगभग 30,000 प्रतिभागियों के साथ सामूहिक योग प्रदर्शन में शामिल हुये। प्रतिष्ठित कैपिटल कॉम्प्लेक्स में एकत्रित लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश के हर हिस्से के लोग योग से जुड़ गये हैं। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की परिकल्पना को पूरे विश्व का समर्थन मिला है और समाज का हर वर्ग इस प्रयास के लिए एकजुट हुआ है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बेहतर स्वास्थ्य से जुड़ गया है और यह जन आंदोलन बन गया है। उन्होंने कहा कि योग का मतलब आपने क्या पाया नहीं है, बल्कि इसका अर्थ यह है कि कोई व्यक्ति क्या छोड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जीरो बजट के साथ योग से स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध होती है और इसमें गरीब तथा अमीर के बीच भेद नहीं है। 
प्रधानमंत्री ने अगले एक वर्ष में योग के जरिये मधुमेह की समस्या को कम करने पर ध्यान केन्द्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि योग को लोकप्रिय बनाने के वास्ते कार्य कर रहे व्यक्तियों को सम्मानित करने के लिए राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर के दो पुरस्कार शुरू किये जाएंगे।

रविवार, 19 जून 2016

बिहार स्वच्छता प्रयासों में तेजी लाएगा

  • राज्य ने स्वच्छता पर जिलाधीशों के एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया

नई दिल्ली : बिहार सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत राज्य में स्वच्छता प्रयासों में तेजी लाने के लिए केन्द्रित रणनीति के एक हिस्से के रूप में राज्य के सभी जिलाधीशों के लिए स्वच्छता पर कार्यशाला का आयोजन किया। केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के सचिव भारत सरकार के दिशा-निर्देशों प्रस्तुत करने के लिए कार्यालय में उपस्थित थे। 
सचिव ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रसन्नता जताई कि राज्य ने इस कार्यशाला का आयोजन किया है। उन्होंने इस तथ्य की सराहना की कि बिहार में सभी स्तरों पर नेतृत्व स्वच्छ भारत कार्यक्रम पर काफी जोर दे रहा है। उन्होंने कहा कि खासतौर पर जिलाधीश स्वच्छता पर उल्लेखनीय समय और ध्यान दे रहे हैं तथा सीतामढ़ी, दरभंगा, खगड़िया, वैशाली, गोपालगंज, जहानाबाद, पश्चिमी चंपारण जैसे कई जिले अपने जिलों में स्वच्छ भारत अभियान के क्रियान्वयन में अब तेजी ला रहे है। सचिव ने कहा कि बिहार को एक ओडीएफ राज्य बनने में लंबा रास्ता तय करना है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि ये जिले समुदाय को शामिल करते हुए विभिन्न कदम उठा रहे हैं, ग्राम पंचायतों (जीपी) का रणनीतिक चयन कर रहे हैं, स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए त्यौहारों जैसे अवसरों का उपयोग कर रहे हैं, जीविका (एनआरएलएम) के साथ संयोजन कर रहे हैं, रात्रि चैपालों आदि का संचालन कर रहे हैं। 
बिहार के मुख्य सचिव अंजनी कुमार ने जिलाधीशों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर यह कार्यक्रम ठेकेदार-चालित और आपूर्ति चालित हो तो यह सफल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि परिवार व समुदाय द्वारा शौचालय का स्वामित्व महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अगर लोग इस आवश्यकता को महसूस करते हैं, तो वे शौचालयों के साथ-साथ बाथरूमों का निर्माण अपने पैसों से भी करा सकते हैं।

शनिवार, 18 जून 2016

एनपीएस खाते ऑनलाइन खोल सकेंगे NRI

 संक्षिप्त खबरें 
नई दिल्ली : अनिवासी भारतीय (एनआरआई) अब एनपीएस खाते ऑनलाइन भी खोल सकते हैं, बशर्ते कि उनके पास आधार कार्ड अथवा पैन कार्ड हो। एनआरआई अब तक एनपीएस खाते केवल बैंक दफ्तरों में जाकर कागज पर आवेदन के जरिये ही खोल सकते थे, लेकिन अब इसमें परिवर्तन किया गया है। ‘ई-एनपीएस’ के जरिये कोई भी ग्राहक अब घर बैठे ही एनपीएस खाता खोल सकता है। इसके लिए सिर्फ एक इंटरनेट कनेक्शन और आधार या पैन कार्ड की जरूरत पड़ेगी। 
यही नहीं, अनिवासी भारतीय प्रत्यावर्तनीय और गैर-प्रत्यावर्तनीय दोनों ही आधार पर एनपीएस खाते खोल सकेंगे। प्रत्यावर्तनीय आधार पर एनआरआई को संबंधित राशि अपने एनआरई/एफसीएनआर/एनआरओ खाते के जरिये भेजनी होगी। गैर-प्रत्यावर्तनीय योजना के तहत एनआरआई परिपक्वता अथवा आंशिक निकासी के समय अपने एनआरई/एफसीएनआर/एनआरओ खाते के जरिये एनपीएस में शामिल हो सकेंगे, जबकि एनपीएस राशि को केवल उनके एनआरओ खातों में ही जमा कराया जाएगा। 

मिल्खा सिंह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2016 के मैराथन दौड़ का शुभारंभ करेंगे

नई दिल्ली : अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस-2016 के लिए रन-अप हेतु 18 जून, 2016 को नई दिल्ली में ‘शांति और एकता के लिए योग दौड़’ शीर्षक से एक छोटी मैराथन का आयोजन किया जायेगा। छह किलोमीटर लंबी यह छोटी मैराथन इंडिया गेट से शुरू होकर मानसिंह मार्ग होते हुए राजपथ-रफी मार्ग, डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद मार्ग, जनपथ, राजपथ और पुनः इंडिया गेट पर समाप्त होगी। इसका समय शाम पांच से आठ बजे तक होगा। इस छोटी मैराथन का आयोजन युवा मामले और खेल मंत्रालय तथा भारत में संयुक्त राष्ट्र सूचना केन्द्र (यूएनआईसी) की सहायता से किया जा रहा है। 
इस दौड़ में नेहरू युवा केन्द्र, राष्ट्रीय सेवा योजना, भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स, पंतजलि योगपीठ, लायंस क्लब का युवा विंग, राजयोग शिक्षा और अनुसंधान फाउंडेशन और ब्रहमकुमारी जैसे संगठन शामिल हो रहे हैं। इस योग दौड़ में इन संगठनों के करीब छह हजार प्रतिभागी शामिल होंगे और इसका शुभारंभ जाने-माने धावक और पदमश्री से सम्मानित मिल्खा सिंह के द्वारा किया जाएगा। साथ ही, इस कार्यक्रम में ब्रहमकुमारी योग संगठन की अपर सचिव राजयोगिनी दादी हृदया मोहिनी, प्रेरणादायी वक्ता सिस्टर बी के शिवानी और अन्य सम्मानित व्यक्ति भी शामिल होंगे।

पर्यटन मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहा

नई दिल्ली : योग एक 5,000 साल पुरानी शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक परंपरा है, जिसका भारत में उद्भव हुआ। योग का उद्देश्य शरीर और मन दोनों का कायाकल्प करना है। 11 दिसम्बर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। अमेरिका, कनाडा और चीन सहित 175 देश ने इस प्रस्ताव को सह प्रायोजित किया। इस तरह संयुक्त राष्ट्र महासभा के किसी प्रस्ताव को पहली बार इतने अधिक देशों ने प्रायोजित किया है। 

सुरेश चंद्र कानूनी मामलों के विभाग में सचिव नियुक्त 

नई दिल्ली : कार्मिक, जन शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय में कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने कानूनी मामलों के विभाग में सचिव के रूप में सुरेश चंद्र की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। भारतीय विधि सेवा के अधिकारी सुरेश चंद्र फिलहाल विधि एवं न्याय मंत्रालय में कानूनी मामलों के विभाग में अपर सचिव हैं।

बुधवार, 15 जून 2016

गंगा में एलएनजी चालित नौकाएं लांच जल्द

 संक्षिप्त खबर 
नई दिल्ली : शिपिंग मंत्रालय ने राष्ट्रीय जलमार्गों पर एलएनजी चालित वैकल्पिक, कम ईंधन खपत वाली एवं पर्यावरण अनुकूल परिवहन साधन मुहैया कराने के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) और पेट्रोनेट एलएनजी के बीच हस्ताक्षरित सहमति पत्र (एमओयू) पर आगे की कार्रवाई की समीक्षा पिछले सप्ताह की। इस एमओयू पर हस्ताक्षर अप्रैल, 2016 में मुंबई में आयोजित मेरीटाइम इंडिया समिट के दौरान किए गए थे, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (गंगा) पर एलएनजी चालित नौकाओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। आईडब्ल्यूएआई और पेट्रोनेट एलएनजी से योजना पेश करने के साथ-साथ अपनी कार्य योजनाओं में इस तरह से तालमेल बैठाने को कहा गया है, जिससे कि एलएनजी चालित नौकाएं दिसंबर, 2018 तक एनडब्ल्यू1 पर नौवहन की शुरुआत कर सकें। 
इस संदर्भ में डीजल चालित मौजूदा नौकाओं को एलएनजी चालित नौकाओं में तब्दील करने और एलएनजी चालित नई नौकाएं लांच करने जैसे दोनों ही विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। वैसे तो परंपरागत ईंधन (डीजल) चालित मौजूदा नौकाओं को एलएनजी चालित नौकाओं में तब्दील करने में आरंभिक पूंजीगत खर्च होगा, लेकिन मौजूदा मूल्यों पर अगले 4-5 वर्षों में इस निवेश की वापसी हो जाने की संभावना है। उच्च ईंधन दक्षता और नगण्य प्रदूषण नये ईंधन के अन्य प्रमुख लाभ हैं। मौजूदा मूल्य निर्धारण व्यवस्था के मुताबिक, एलएनजी चालित नौकाएं ईंधन के रूप में डीजल के मुकाबले काफी सस्ती साबित होंगी। एलएनजी चालित नौका ‘सीओपी 21’ में भारत द्वारा व्यक्त की गई प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम है। 
पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड राष्ट्रीय जलमार्गों (एनडब्ल्यू) पर एलएनजी की उतराई, भंडारण, बंकर और फिर से लदान संबंधी सुविधाओं की डिजाइनिंग, निर्माण एवं परिचालन के कार्य पूरे करेगी। इस संबंध में विस्तृत संभाव्यता रिपोर्ट तैयार करने की दिशा में कदम पहले से ही उठाए जा रहे हैं और दिसंबर, 2016 तक यह कार्य पूरा हो जाने की आशा है। पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड ने हल्दिया में एक बेस डिपो और साहिबगंज (झारखंड), पटना (बिहार) एवं गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) में ईंधन भरने वाले केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है। 

‘फास्टैग’ उपलब्ध कराने का फैसला

नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित टोल प्लाजा पर ‘फास्टैग’ के जरिये नकद रहित भुगतान को बढ़ावा देने के लिए एनएचएआई ने मौजूदा मासिक पास धारकों को ‘फास्टैग’ उपलब्ध कराने का फैसला किया है, जिसमें उनके ‘फास्टैग’ की एकबारगी लागत शामिल होगी। एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले के तहत दिल्ली-मुंबई और मुंबई-चेन्नई कॉरिडोर पर स्थित 48 टोल प्लाजा पर एक समर्पित ‘फास्टैग’ लेन सुनिश्चित की जाएगी, जो 20 जून 2016 से चालू हो जाएगी। सड़कों का इस्तेमाल करने वाले लोगों द्वारा ‘फास्टैग’ की खरीद को सुविधाजनक बनाने के लिए इन कॉरिडोर पर स्थित 23 टोल प्लाजा (सूची संलग्न) पर बिक्री केंद्र (पीओएस) उपलब्ध हैं। इनमें से 19 पीओएस पहले से ही काम कर रहे हैं और 4 पीओएस एक हफ्ते के भीतर चालू हो जाएंगे। इन दो कॉरिडोर पर विभिन्न कार्यक्रम व गतिविधियां जैसे कि फास्टैग के फायदों पर जागरूकता अभियान आयोजित किया जाएगा, जिनमें परिवहन, ट्रक चालकों के संगठनों इत्यादि के जरिये बल्क ग्राहकों की पहचान करना भी शामिल है। इससे अत्यंत ज्यादा यातायात घनत्व वाले कॉरिडोर पर यात्री एवं वाणिज्यिक यातायात की कुशल एवं किफायती आवाजाही को बढ़ावा मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि एनएचईआई ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित टोल प्लाजा पर नकद रहित भुगतान की व्यवस्था (फास्टैग) शुरू की है। फास्टैग से टोल प्लाजा के जरिये वाहनों की बगैर रुके आवाजाही संभव है और इसके जरिये राष्ट्रव्यापी अंतरप्रचालनीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह सेवाओं के साथ टोल शुल्क के नकद रहित भुगतान की सुविधा मिलती है। देश भर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित 325 से भी ज्यादा टोल प्लाजा पर फास्टैग को परिचालन में लाया जा रहा है।
फास्टैग में 200 रुपये का एकबारगी शुल्क देना होता है और इसे वाहन की विंड स्क्रीन पर चिपकाया जाता है। इसमें संबंधित प्री-पेड खाते से सीधे टोल भुगतान करने के लिए आरएफआईडी प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जाता है। फास्टैग राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित चुनिंदा टोल प्लाजा और प्रतिभागी बैंकों की निर्दिष्ट शाखाओं पर 25 अप्रैल, 2016 से ही बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। फास्टैग को चेक के जरिये अथवा क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेफ्ट, आरटीजीएस के जरिये ऑनलाइन या नेट-बैंकिंग के जरिये भुगतान करके रिचार्ज किया जा सकता है। न्यूनतम रिचार्ज राशि 100 रुपये है, जबकि इसे 100 रुपये के गुणक में 1 लाख रुपये तक रिचार्ज किया जा सकता है। फास्टैग के इस्तेमालकर्ताओं को अपने समस्त टोल लेन-देन, कम बैलेंस इत्यादि होने पर एसएमएस प्राप्त होगा।
सरकार ने फास्टैग इस्तेमालकर्ताओं के लिए वित्त वर्ष 2016-17 में समस्त टोल भुगतान पर 10 प्रतिशत कैश बैक प्रोत्साहन देने की अनुमति एनएचएआई को दे दी है। किसी खास महीने के लिए तय कैश बैक राशि को अगले महीने की शुरुआत में फास्टैग खाते में डाल दिया जाता है।
एनएचएआई राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवाजाही करने वालों के लिए सुरक्षित, सुचारू एवं निर्बाध सफर सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है। फास्टैग पर अमल इस सपने को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम है।

रविवार, 12 जून 2016

‘सूर्यमित्र’ मोबाइल एप का लोकार्पण

नई दिल्ली : राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार विद्युत, कोयला और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय पीयूष गोयल ने छत पर सौर ऊर्जा विकसित करने के लिए आयोजित कार्यशाला के दौरान ‘सूर्यमित्र’ मोबाइल एप का लोकार्पण किया। इसे नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली स्वायत संस्था राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (एनआईएसई) ने विकसित किया है। 
‘सूर्यमित्र’ मोबाइल एप अभी गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है, जहां से इसे डाउनलोड कर पूरे भारत में इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह एप एक उच्च प्रौद्योगिकी मंच पर है, जिसमें कई हजार कॉल को एक साथ संभालने की क्षमता है। इस एप के माध्यम से न सिर्फ लोगों को जानकारी मिलेगी बल्कि युवाओं को इसके माध्यम से रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। 
इस मोबाइल एप को चलाने के लिए कुशल कामगारों की आवश्यकता होगी, जिससे भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। एमएनआरई का कई राज्यों में 1,00,000 सोलर पीवी पंप स्थापित करने का लक्ष्य है, जिसमें सूर्यमित्र मोबाइल एप भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नए निकायों को लगाने औप पुराने निकायों को मरम्मत करने में भी सूर्यमित्र मोबाइल एप बहुत उपयोगी साबित हो सकता है। 
कुल मिलाकर यह तकनीकि मंच नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में बहुत उपयोगी साबित होगा। यह ग्राहकों को उनके दरवाजे पर गुणवत्ता, मरम्मत और ओ एंड एम सेवाएं प्रदान करेगा। सूर्यमित्र सेवा के लिए राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (एनआईएसई) ने 150 रुपये प्रत्येक सेवा के लिए फीस के रूप में लेना तय किया है। ऐसी आशा की जा रही है कि सूर्यमित्र मोबाइल ऐप देश में सौर उत्पादों की मांग बनाने और रोजगार तथा व्यापार के अवसरों की पेशकश में एक प्रभावी उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा।

बुधवार, 8 जून 2016

टाइगर एक्सप्रेस ट्रेन का शुभारंभ

 संक्षिप्त खबरें 
नई दिल्ली : केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने आम बजट 2016-17 में की गई घोषणा के अनुरूप दिल्ली सफदरजंग स्टेशन से बाघ खोज परिपथ रेल गाड़ी (टाइगर ट्रेल सर्किट ट्रेन) के उद्घाटन को हरी झंडी दिखाई। सुरेश प्रभु, जो मुंबई की यात्रा पर थे, ने मुंबई एवं दिल्ली के बीच वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये इस रेल गाड़ी को हरी झंडी दिखाई। विश्व पर्यावरण दिवस पर टाइगर एक्सप्रेस की शुरूआत हमारे जीवन में पर्यावरण के महत्व को रेखांकित करती है। इस पर्यटक रेल गाड़ी का संचालन भारतीय रेल की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारतीय रेल कैटरिंग एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) द्वारा किया जाएगा।
पांच दिनों/छह रातों की यात्रा के कार्यक्रम के साथ यह रेल गाड़ी दिल्ली सफदरजंग रेलवे स्टेशन से चलेगी तथा कटनी, जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा होते हुए यात्रा करेगी। यह सेमी-लग्जरी रेल गाड़ी अतिथियों को मध्य प्रदेश में विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ एवं कान्हा राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण कराएगी। इसके अतिरिक्त, इस यात्रा में पर्यटकों को जबलपुर के निकट भेड़ाघाट में धौधर जलप्रपात का भी भ्रमण कराया जाएगा। सुरेश प्रभु ने घोषणा की कि भारतीय रेल अपनी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी आईआरसीटीसी के माध्यम से एलीफैंट सर्किट, डेजर्ट सर्किट आदि जैसे अधिक पर्यटन सर्किट रेल गाड़ियां प्रारंभ करेगा।
यात्रा कार्यक्रम की किराया संरचना 38,500 रुपये से प्रारंभ होती है। फर्स्ट क्लास एसी में यात्रा करने पर एक व्यक्ति के लिए किराया 49,500 रुपये, दो व्यक्तियों के लिए 45,500 रुपये, तीन व्यक्तियों के लिए 44,900 रुपये तथा बच्चे (5 से 11) के साथ यात्रा के लिए 39,500 रुपये निर्धारित की गई है। एसी 2टीयर में यात्रा करने पर एक व्यक्ति के लिए किराया 43,500 रुपये, दो व्यक्तियों के लिए 39,000 रुपये, तीन व्यक्तियों के लिए 38,500 रुपये तथा बच्चे (5 से 11) के साथ यात्रा के लिए 33,500 रुपये निर्धारित की गई है।

मोदी को अफगानिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अफगानिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘अमीर अमानुल्लाह खान पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। हेरात में ऐतिहासिक अफगान-भारत मैत्री बांध के उद्घाटन के बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी द्वारा उन्हें इस सम्मान से नवाजा गया। प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा, “अमीर अमानुल्लाह खान पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए मैं अफगानिस्तान की सरकार के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं।“
अफगानिस्तान के नागरिकों के साथ-साथ विदेशी नागरिकों को उनकी सेवाओं की प्रशंसा में अफगान सरकार द्वारा दिया जाने वाला यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। पदक के पीछे यह उल्लेख है - “निशान-ए दौलती गाजी अमीर अमानुल्लाह खान“ अर्थात “राज्य आदेश गाजी अमीर अमानुल्लाह खान।“ 
अमीर अमानुल्लाह खान पदक अफगानिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। इस पुरस्कार का नाम अफगानिस्तान के राष्ट्रीय नायक, अमानुल्लाह खान (गाजी) के नाम पर रखा गया है, जो अफगानिस्तान की स्वतंत्रता के शूरवीर थे। वे 1919 से 1929 तक अफगानिस्तान अमीरात के शासक थे। उन्होंने अफगानिस्तान की स्वतंत्रता के लिए एक कुशल नेतृत्व दिया। राष्ट्रीय नायक, किंग अमानुल्लाह, ने अफगानिस्तान के आधुनिकतावादी संविधान की अगुवाई की और उसमें समान अधिकारों और व्यक्तिगत स्वतंत्रताओं को शामिल किया। उन्होंने देश का आधुनिकीकरण किया और लड़कों और लड़कियों, दोनों के लिए ही महानगरीय स्कूल खोले तथा यूरोप और एशिया के साथ अफगानिस्तान के व्यापार को बढ़ाया। किंग अमानुल्लाह का स्वतंत्र और आधुनिक अफगानिस्तान का विजन आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना पहले था।
किंग अमानुल्लाह के भारत के साथ मजबूत संबंध थे और वे 1929 में थोड़े समय के लिए यहां आए थे। इस देश के लिए उनके स्नेही संबंध दोनों देशों के मध्य मजबूत भागीदारी से लगातार परिलक्षित हो रहे हैं। अफगानिस्तान सरकार ने इस पुरस्कार का वर्ष 2006 में गठन किया था। इस पुरस्कार को प्राप्त करने वाली पूर्व हस्तियों के नाम इस प्रकार हैं - अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश, कज़ाकस्तान के राष्ट्रपति नूरसुल्तान नजरबायेव, तुर्की के राष्ट्रपति रिसेप तईप एरडोगन, नाटो के जनरल जेम्स जोन्स, पूर्व अफगान राष्ट्रपति और आध्यात्मिक नेता सिबगातुल्लाह मुजादिदी और अफगानिस्तान के मुख्य न्यायाधीश (सीजे) अब्दुल सलाम अजिमी।

विश्व की अंतरिक्ष एजेंसियां जलवायु चुनौतियों का सामना करेंगी

नई दिल्ली : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और फ्रांसीसी अंतरिक्ष एजेंसी (सीएनईएस) के प्रोत्साहन से प्रथम बार, 60 से अधिक देशों की अंतरिक्ष एजेंसियां मानव-उत्सर्जित ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन की निगरानी के लिए अपनी प्रणालियों और डाटा समन्वय के लिए अपने उपग्रहों को शामिल करने पर सहमत हो गयी हैं। इस संदर्भ में पिछले साल दिसंबर में पेरिस में आयोजित सीओपी21 जलवायु सम्मेलन ने इस दिशा में प्रोत्साहन जगाने का कार्य किया था। उपग्रहों के बिना, ग्लोबल वार्मिंग की वास्तविक स्थिति को मान्य नहीं माना गया है और इसके पश्चात 22 अप्रैल को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में ऐतिहासिक समझौता, 2016 पर हस्ताक्षर नहीं किए गए होते। 50 आवश्यक जलवायु चरों में निगरानी किए जा रहे 26 चर जिनमें बढ़ता समुद्री स्तर, समुद्री बर्फ का परिमाण और वातावरण की सभी परतों में ग्रीन हाउस गैसों की सांद्रता को सिर्फ अंतरिक्ष से ही मापा जा सकता है।

शुक्रवार, 3 जून 2016

गंगाराम की लॉटरी

 मजाक डॉट कॉम 
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राजीव मणि
पचास वर्षीय गंगाराम देहात के एक भोला-भाला किसान हैं। कभी स्कूल नहीं गये हैं। किसी तरह हिन्दी में अपना नाम जरूर लिख लेते हैं। सगुनिया देवी उनकी इकलौती पत्नी है। अपनी पत्नी से वे बहुत प्यार करते हैं। कम उम्र में ही दोनों की शादी हो गयी थी। तबसे आजतक वे अपनी पत्नी को छोड़कर कहीं गांव से बाहर नहीं गये। हां, पूरी जिन्दगी में वे 3-4 बार शहर जा चुके हैं। लेकिन, पत्नी भी साथ हो ली थी। कुल ग्यारह बच्चे हैं इनके ! पूछने पर कहते हैं कि अपने हाथ में क्या है जी। सब प्रभु की माया है। चार बच्चे तो वे खुद ही चाहते थे। बाकी के ‘गलती से’ आ गये। खैर, भरा-पूरा परिवार है इनका। भगवान की दया से किसी चीज की कोई कमी नहीं है।
पिछले साल वे अपनी पत्नी के साथ शहर गये थे। कुछ खरीदारी करनी थी। कुछ सामान खरीदकर घर लाये थे। उसके साथ ही एक लकी कूपन मिला था। दुकानदार ने बताया था कि अगर उनकी लॉटरी निकलेगी, तो पूरे परिवार के साथ एक सप्ताह के लिए विदेश जाने का मौका मिलेगा। हवाई जहाज से जाना-आना और रहना-खाना फ्री। फिर भी गंगाराम ने इसपर ध्यान नहीं दिया था। वे जानते थे कि आजकल फ्री में तो माटी भी नहीं मिलती। सो उन्होंने लकी कूपन अपनी पत्नी को दे दिया था, बेकार समझकर। और पत्नी ने उसे यूं ही ताखा पर रख छोड़ा था। दिन गुजरते गये ..... और एकदिन अचानक उन्हें फोन आया कि आपकी लॉटरी निकल गयी है। आप लकी कूपन के पहले विजेता हैं। 
पहले तो उन्हें विश्वास नहीं हुआ। दोनों मरद-मेहरारू उस शहर की दुकान पर जा पहुंचे, पता करने। दुकानदार ने बताया कि सही में आपको लॉटरी लगी है। एक सप्ताह बाद आप सभी को जाना है विदेश। हम सब प्रबंध किये देते हैं। और इसी घटना का असर है कि गंगाराम आज सपरिवार हवाई जहाज में हैं। 
गंगाराम अपने परिवार के साथ हवाई जहाज में बैठ गये। यहां सबकुछ नया-नया लग रहा है। सभी यात्री बैठ चुके हैं। पूरा परिवार अचंभित है, कहां आ गये हैं। ..... और कुछ देर बाद ही हवाई जहाज रन-वे पर दौड़कर हवा में तैरने लगता है। इस रोमांच पर सभी बच्चे हंस पड़ते हैं। सगुनिया के मुंह से निकल पड़ता है - ‘‘बाप रे बाप ! बैलगाड़ी जइसन हिलोड़े लेता है।’’ बगल में बैठे गंगाराम अपनी पत्नी को चुप रहने का इशारा करते हैं। फिर इधर-उधर देखने लगते हैं। तभी कुछ सुन्दरियां वहां आ जाती हैं। एकदम परी जैसी ! गोरी-गोरी टांगे दिख रही हैं। ऊपर लड़कों जैसा कपड़ा पहने है। दुपट्टा भी नहीं ! गंगाराम एकदम से उसे देखने लगते हैं। पत्नी केहुनियाती है। फिर भी वे ध्यान नहीं देते। इतने में वह सुन्दरी पास आ जाती है। ‘‘सर, कोई परेशानी है आपको ?’’ गंगाराम के मुंह से कुछ नहीं निकला। फिर पूछती है, ‘‘चाकलेट लेंगे सर ?’’
‘‘पैसे लेकर बेचती हो क्या ?’’ गंगाराम ने मासूमियत से पूछ लिया।
‘‘नहीं सर, हवाई जहाज में खाने-पीने की चीजों के पैसे नहीं लगते। आप कुछ लेना चाहेंगे ?’’ 
गंगाराम थोड़ा नॉर्मल होते हुए बोले, ‘‘अगर ऐसी बात है, तो हमलोगों को लिट्टी-चोखा खिला दो। गोइठा पर का सेका हुआ।’’ 
‘‘सॉरी सर, हवाई जहाज में गोइठा जलाना मना है। अतः खेद है कि मैं आपको लिट्टी-चोखा नहीं खिला सकती।’’
‘‘अइसन बात है, तो तंदूरी रोटी गरमागरम दे दो। साथ में प्याज की भुजिया और एक लोटा ताड़ी। अब तो मिलेगा न ! ज्यादा महंगा नहीं है।’’ 
‘‘सर, इस हवाई जहाज में तंदूर भी नहीं है और न ही ताड़ी।’’ 
यह सुनते ही गंगाराम भड़क गये। ‘‘तब काहे को पूछ रही हो कि क्या चाहिए। कुछ तो है ही नहीं।’’ 
आज पहली बार परिचारिका को किसी ऐसे शख्स से पाला पड़ा था। वह गंगाराम की बात सुनकर अंदर-ही-अंदर झल्लाई भी थी। लेकिन सहज होते हुए पूछ बैठी - ‘‘सर, आप कॉफी लेंगे ?’’ 
‘‘अरे काफी नहीं थोड़ा ही दे दो। बकरी का दूध तो होगा ही ? काफी फायदेमंद चीज है। मेरी अम्मा हमको बचपन से ही पिलाती रही है।’’
‘‘सॉरी सर’’ इसके आगे वह कुछ बोल न सकी। अब गंगाराम को सचमुच गुस्सा आ गया था। मन-ही-मन शायद सोच रहे थे कि हमलोगों को देहाती समझकर मजाक करने आ गयी है। यह ख्याल आते ही बोल पड़े, ‘‘तब जाओ यहां से, हमलोग कुछ नहीं खायेंगे। आज उपवास ही रहेगा। लेकिन जाते-जाते इ तो बता दो कि रात में ठंड लगी, तो यहां बोरसी मिल सकती है या इ भी नहीं है।’’ 
परिचारिका कुछ नहीं बोली। चुपचाप चली गयी। उसके जाने के बाद सगुनिया गंगाराम को समझाने लगी, ‘‘अब इहां भी बकलोली करने लगे। बेचारी कितना अच्छा से पूछ रही थी। खाने को रोटी-सब्जी ही मांग लेते। लेकिन नवाबी करने लगे। अब तोहरे चक्कर में सभे भूखे रह जायेंगे।’’ 
गंगाराम कुछ नहीं बोले। मुंह फेरकर आंखें बंद कर ली। और जब आंखें खुली, तो खुद को विदेशी धरती पर पाया। वहां हवाईअड्डा से बाहर निकलते ही होटल वाले उन्हें मिल गये। यहीं उनकी बुकिंग कंपनी ने करा रखी थी। खैरियत यह थी कि होटल की तरफ से जो आदमी उन्हें लेने के लिए भेजा गया, वह भी भारतीय था। वहां पैसे कमाने की गरज से पहुंचा था। गंगाराम विदेशी धरती पर अपने मुल्क के आदमी को पाकर काफी खुश हुए। और फिर बातों-बातों में पूरी यात्रा की बात कह सुनायी। गंगाराम की बात सुनकर वह होटल का कर्मचारी समझ गया कि ये महाशय गांव के हैं और यहां इन्हें अकेले छोड़ना ठीक नहीं। उस कर्मचारी की मदद से गंगाराम ने पूरे परिवार के साथ विदेश का मजा लिया और फिर अपने वतन लौट आये।