COPYRIGHT © RAJIV MANI, Journalist, Patna

COPYRIGHT © RAJIV MANI, Journalist, Patna
COPYRIGHT © RAJIV MANI, Journalist, Patna

रविवार, 31 जुलाई 2016

PM ने ‘रन फॉर रियो’ को हरी झंडी दिखाई

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम (एमडीसीएनएस) से ‘रन फॉर रियो’ को ओलंपिक की भावना और देश के ओलंपिक में रंगे माहौल की खुशी के बीच इंडिया गेट से जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (जेएनएस), लोधी रोड के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रियो जाने वाले भारतीय ऐथलीट्स को ये दिखाने के लिए कि पूरे देश को उनपर गर्व है और उन्हें आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामना देने के लिए हजारों स्कूली बच्चों और युवाओं ने पांच किलोमीटर की रियो दौड़ में भाग लिया।
प्रधानमंत्री ने भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के एक प्रकाशन ‘भारतीय ओलंपिक का सफर’ का भी विमोचन किया। इसमें भविष्य में देश की ओलंपिक उपलब्धियों और तैयारियों के बारे में दिलचस्प जानकारी है। नेशनल स्टेडियम में ‘रन फॉर रियो’ को हरी झंडी दिखाने से पहले नरेंद्र मोदी ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि दी। ‘रन फॉर रियो’ खेल और युवा मामलों के मंत्रालय द्वारा लोगों को बड़े स्तर पर विशेषकर बच्चों और युवाओं को ओलंपिक की भावना और खेलों की शक्ति से जोड़ने के लिए आयोजित की गई थी। रियो खेलों मे भारत अबतक के अपने सबसे बड़े 119 ऐथलीट्स के दल को भेज रहा है।
युवा मामलों और खेल राज्य मंत्री विजय गोयल ने अपने भाषण में इस दौड़ को रवाना करने का आमंत्रण स्वीकार करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया और और कहा कि उनका मंत्रालय नरेन्द्र मोदी के समग्र मार्गदर्शन में देश में खेलों को विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि रियो जाने वाले दल में ग्रामीण पृष्ठभूमि और देश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र से 80 प्रतिशत एथलीट हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर देशी खेलों और लोकप्रिय खेलों में जमीनी स्तर पर खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए सुविधाएं प्रदान करने और खेल के बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

गुरुवार, 28 जुलाई 2016

महान साहित्यकार महाश्वेता देवी का निधन

पटना : बांग्ला की जानी मानी साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ता महाश्वेता देवी का कोलकाता में निधन हो गया है। वो 90 साल की थीं। महाश्वेता देवी लंबे समय से उम्र संबंधी समस्याओं से पीड़ित थीं। उन्हें लंबे समय से गुर्दे और रक्त संक्रमण की समस्या थी। पिछले दो महीने से वो कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती थीं और 23 जुलाई को उन्हें हार्ट अटैक हुआ था।
उनके निधन की खबर मिलते ही सबसे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, ‘‘भारत ने एक महान लेखिका खो दिया है। बंगाल ने एक महान मां को खोया है। मैंने अपना एक मार्गदर्शक खो दिया है।’’
बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट में लिखा, ‘‘महाश्वेता देवी ने कलम की ताकत को बखूबी दिखाया है। न्याय, बराबरी और दया की यह आवाज हमें गहरे दुख में छोड़कर चली गई।’’ फिल्मकार महेश भट्ट और मधुर भंडारकर ने भी महाश्वेता देवी के निधन पर दुख व्यक्त किया। भट्ट ने ट्वीट में लिखा कि वह महिला जो कमजोरों के साथ चली और जिसने ताकतवर लोगों के साथ बैठने से मना कर दिया।
महाश्वेता देवी को ज्ञानपीठ, पद्म विभूषण, साहित्य अकादमी और मैग्सेसे पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। तीन दशक से ज्यादा समय तक वह आदिवासियों के बीच काम करती रहीं। उनके साहित्य का काफी हिस्सा आदिवासियों के जीवन पर आधारित था।
यूं तो महाश्वेता देवी बांग्ला में उपन्यास लिखा करती थीं, लेकिन अंग्रेजी, हिंदी और अलग-अलग भाषाओं में अनुवाद के जरिए उनके साहित्य की पहुंच काफी व्यापक स्तर पर थी। उनकी चर्चित किताबों में हजार चैरासी की मां, ब्रेस्ट स्टोरीज, तीन कोरिर शाध शामिल हैं। उनकी कई किताबों पर फिल्में भी बनाई गई हैं। ‘हजार चैरासी की मां’ पर फिल्मकार गोविंद निहलानी ने फिल्म बनाई है। इसके अलावा ‘रुदाली’, ‘संघर्ष’ और ‘माटी माय’ भी ऐसा सिनेमा है, जो महाश्वेता के उपन्यासों पर आधारित है।
साभार: बीबीसी

उत्तरी बिहार में बाढ़ से भारी तबाही

  • अबतक 22 लोगों के मरने की खबर
  • 10 जिले बाढ़ से प्रभावित
  • 1630 गांवों के करीब 18 लाख की आबादी प्रभावित

पटना : उत्तरी बिहार में रह-रह कर हो रही बरसात और नेपाल के तराई क्षेत्रों में भारी वर्षा से उत्तरी बिहार के 10 जिलों, पूर्णियां, किशनगंज, अररिया, दरभंगा, मधेपुरा, भागलपुर, कटिहार, सहरसा, सुपौल एवं गोपालगंज, में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस बाढ़ से कुल 1,630 गांवों के करीब 18 लाख की आबादी प्रभावित हुई है। वहीं करीब तीन हजार पक्के घरों एवं करीब पांच हजार झोपड़ियों के पूर्ण या आंशिक रूप से क्षति होने की खबर है। वहीं बाढ़ से मरने वाले लोगों की संख्या 22 और मृत पशुओं की संख्या 2 है। राज्य सरकार की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि क्षतिग्रस्त गृहों का अनुमानित मूल्य 56 लाख रुपए है। वहीं निष्क्रमित जनसंख्या 3,88,416 है। अभी इन बाढ़ क्षेत्रों में 357 राहत कैम्प एवं लोगों के लिए 1,36,154 शिविर लगाए गये हैं। साथ ही 100 चिकित्सा दलों एवं 38 पशु शिविरों की व्यवस्था की गई है।
ज्ञात हो कि कुल 49 प्रभावित प्रखण्डों में आंशिक प्रभावित पंचायतों की संख्या 258 और पूर्ण प्रभावित पंचायतों की संख्या 195 है। कुल एक लाख हेक्टेयर प्रभावित क्षेत्रफल में प्रभावित फसलों का रकवा 0.50 लाख हेक्टेयर और फसल क्षति का अनुमानित मूल्य करीब 204.50 लाख रुपए हैं। बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए कुल 779 नावों को लगाया गया है। साथ ही राहत कार्य जारी है। 
वत्र्तमान में महानन्दा, बखरा, कंकई, परमार, कोसी एवं अन्य नदी में आए बाढ़ से राज्य के पूर्णियां, किशनगंज, अररिया, दरभंगा, मधेपुरा, भागलपुर, कटिहार, सहरसा, सुपौल, गोपालगंज जिला बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। विदित हो कि बाढ़ के मद्देनजर विभिन्न जिलों की परिस्थतियों के अनुरूप की गई प्रशासनिक कार्रवाइयों के तहत सुपौल, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा एवं दीदारगंज, पटना में एनडीआरएफ की एक-एक टीमें तैनात की गई थी। वहीं खगड़िया, सीतामढ़ी, पूर्णियां, भागलपुर, मधुबनी, मधेपुरा में एसडीआरएफ की एक-एक टीम लगाई गई थी। एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की दो-दो टीमें बिहटा, पटना में सुरक्षित रखी गई थी।
बाढ़ग्रस्त अररिया जिले में राहत कार्य हेतु सुपौल जिला से 20 एनडीआरएफ जवानों को भेजा गया है। इसके अतिरिक्त बिहटा, पटना से एनडीआरएफ की एक स्पेशल टीम (40 जवान) भेजी गई है। साथ ही मधेपुरा से भी एसडीआरएफ की एक टीम (20 जवान) अररिया भेजी गई है। साथ ही भोजपुर एवं बक्सर से 25-25 सरकारी देशी नाव भी अररिया भेजे गये हैं।
पूर्णियां जिला में एसडीआरएफ की एक टीम पूर्व से प्रतिनियुक्त है। दरभंगा जिले से एनडीआरएफ की एक टीम (45 जवान) पूर्णियां जिला में राहत एवं बचाव कार्य हेतु भेजा गया है। इसके अतिरिक्त एसडीआरएफ की एक विशेष टीम (65 जवान) बिहटा, पटना से पूर्णियां जिला में राहत एवं बचाव कार्य के लिए भेजी गई है। साथ ही खगड़िया एवं मुजफ्फरपुर जिला से 25-25 सरकारी देशी नाव पूर्णियां जिला को भेजा गया है।
बाढ़ग्रस्त किशनगंज जिले में बचाव एवं राहत कार्य हेतु पूर्णियां जिला से दो इन्फलेटेबल मोटरबोट के साथ एसडीआरएफ के 10 जवानों को एवं खगड़िया जिला से 4 इन्फलेटेबल मोटरबोट के साथ 20 एसडीआरएफ जबानों को भेजा गया है। इसके अतिरिक्त दरभंगा जिला से एनडीआरएफ के 20 जवानों को किशनगंज जिला भेजा गया है। साथ ही दरभंगा एवं लखीसराय जिले से 50 सरकारी देशी नाव भी भेजा गया है। एसडीआरएफ की एक टीम (20 जवान) मधुबनी से कटिहार भेजी गयी है।
सीतामढ़ी जिला से एसडीआरएफ की टीम में से आधी टीम (20 जवान) पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) भेजी गई है। मुजफ्फरपुर से एनडीआरएफ की एक टीम (12 जवान) प0 चम्पारण (बेतिया) जिला में भेजा गया है। बिहटा (पटना) एवं दीदारगंज (पटना) से एनडीआरएफ की 1-1 टीम गोपालगंज भेजी गई है।  15,000-15,000 तैयार ड्राई फुड पैकेट मुजफ्फरपुर, मधुबनी, सहरसा, मधेपुरा जिला से पूर्णियां भेजा जा रहा है। ड्राई फुड पैकेट में 500 ग्राम सत्तु, 2 किग्रा चूड़ा, 250 ग्राम चीनी, छोटा पैकेट नमक, मोमवत्ती, माचिस, एक टाॅर्च एवं पाउडर दूध को पैकेट रखे जाने का निदेश दिया गया है। पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी एवं शिवहर से क्रमशः 5000, 3000, 4000, 3000 एवं 5000 कुल 20,000 पाॅलीथीन शीट्स पूर्णियां जिला को भेजा जा रहा है।
ज्ञात हो कि मौसम विभाग द्वारा जारी अभी और तेज बरसात होने की खबर से हालात और बिगड़ते दिख रहे हैं। अगर नेपाल में और भारी बरसात होती है और वहां से पानी छोड़ा जाता है तो स्थिति और बिगड़ सकती है। राज्य सरकार ने अधिकारियों को स्थिति पर नजर बनाये रखने को कहा है।

16 नवंबर को प्रेस कौंसिल आॅफ इंडिया मनाएगा गोल्डन जुबली

पटना : 16 नवंबर को प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय प्रेस दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष 16 नवंबर को प्रेस कौंसिल आॅफ इंडिया द्वारा गोल्डन जुबली समारोह का आयोजन दिल्ली में किया जा रहा है। ज्ञात हो कि प्रेस कौंसिल आॅफ इंडिया की स्थापना का यह 50वां वर्ष हैं। प्रेस कौंसिल आॅफ इंडिया की सचिव पूनम सिब्बल ने यक जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि समारोह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रिंट पत्रकारिता के विविध आयामों में विशेष दक्षतापूर्वक कार्य करने वाले पत्रकार/फोटोग्राफर/फ्रीलांसर को उनकी उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए सम्मानित किया जाएगा और नेशनल अवाडर््स दिए जाएंगे। अवार्ड्स हेतु इंट्रीज विज्ञापन के जरिए आमंत्रित हैं तथा प्रेस कौंसिल आॅफ इंडिया की वेबसाइट पर भी नोटिस को देखा जा सकता है। प्रेस कौंसिल आॅफ इंडिया की बेवसाइट का एड्रेस है - www.presscouncil.nic.iप्राप्त सूचनानुसार उपर्युक्त कार्यक्रम में जर्नलिस्ट्स, एडिटर्स, ओनर्स-न्यूजपेपर इंडस्ट्रीज सहित मास कम्यूनिकेशन के छात्रों को भी भाग लेने हेतु आमंत्रित किया गया है।

बुधवार, 27 जुलाई 2016

CBSE के नए चेयरमैन ने कार्यभार संभाला

 संक्षिप्त खबरें 
नई दिल्ली : राजेश कुमार चतुर्वेदी, आईएएस ने सीबीएसई के नए चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में सीबीएसई के दृष्टिकोण और भूमिका को साझा करते हुए श्री चतुर्वेदी ने पूरे देश में स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षा के स्तर में लगातार सुधार के लिए शिक्षक गुणवत्ता पर भी पर्याप्त ध्यान दिये जाने की जरूरत बतायी। उनकी सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में से एक सीबीएसई को एक आधुनिक और बहुआयामी रैंकिंग वाला संगठन बनाना है।

छात्रों के लिए विशेष आधार पंजीकरण अभियान 

नई दिल्ली : भारत के सभी नागरिकों का पंजीकरण करने की प्रतिबद्धता के अनुरूप भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने देश भर के स्कूली बच्चों के लिए एक विशेष आधार पंजीकरण अभियान शुरू किया है। जो छात्र छात्रवृत्ति योजना के लिए योग्य हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है। अपने-अपने जिलों के सभी स्कूलों के लिए जिलाधिकारी इस अभियान का समन्वय और निरीक्षण कर रहे हैं। स्कूलों के प्रधानाचार्यों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे छात्रों को अपने निकट के आधार पंजीकरण केन्द्र ले जायें और आधार के लिए उनका पंजीकरण करायें। जहां बड़ी संख्या में छात्रों का पंजीकरण होना है, उन स्कूलों में पंजीकरण शिविर लगाये जा रहे हैं। 
छात्रों को आधार के जरिये सीधे उनके बैंक खातों में बगैर किसी अड़चन के विभिन्न छात्रवृत्तियां प्राप्त करने में सुविधा होगी। सरकार विभिन्न कदम उठा रही है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत लाभ सही और योग्य हितधारकों को प्राप्त हो। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अजय भूषण पाण्डेय ने बताया की छात्रवृत्ति हितधारकों के आधार पंजीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे छात्रों को प्राथमिकता के आधार पर 15 अगस्त, 2016 तक आधार पंजीकरण प्रदान कर दिया जायेगा। राज्यों के स्कूली शिक्षा विभाग, स्कूलों के अध्यापकों और स्थानीय आधार पंजीकरण एजेंसियों के जरिए छात्रों को आधार पंजीकरण प्रदान करने के लिए अभियान चला रहे हैं, ताकि उन सभी छात्रों को पंजीकृत किया जा सके, जो छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करना चाहते हैं। इस प्रकार छात्रवृत्ति की राशि इन छात्रों को सीधे उनके बैंक खातों द्वारा प्राप्त होगी।
अबतक 103.5 करोड़ आधार का सृजन किया जा चुका है और 97 प्रतिशत वयस्क आबादी इसके दायरे में है। हालांकि 5 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों के संबंध की आधार की यह स्थिति अपेक्षाकृत 64 प्रतिशत के स्तर पर है।

मंगलवार, 26 जुलाई 2016

‘नकली वेबसाइटों से रहें सचेत’


  • ईईएसएल ऐसे कार्यों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी 
नई दिल्ली : एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने उपभोक्ताओं को वैसे नकली वेबसाइटों, जो उजाला कार्यक्रम के तहत 9 वाट के एलईडी बल्ब की बिक्री कर रहे हैं, से सतर्क रहने को कहा है। ये वेबसाइटें ऊर्जा मंत्रालय के तहत आने वाले ईईएसएल कंपनी के उजाला कार्यक्रम के साथ संबद्ध नहीं हैं।
जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि दो वेबसाइटें www.philips&led&at&10rs-inandpbs-twimg-com/media/CoGI9tÛWIAAybuk-jpg एक रुपये में एलईडी बल्ब उपलब्ध कराने की बात कर उपभोक्ताओं को दिग्भ्रमित कर रही हैं। http://pibphoto-nic-in/documents/rlink/2016/jul/i201672501-jpg है। ये कंपनियां न सिर्फ उजाला का लोगो इस्तेमाल कर रही हैं, बल्कि उपभोक्ताओं को धोखा देने के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर का भी इस्तेमाल कर रही हैं। ईईएसएल का ऐसे वेबसाइटों से कोई संबंध नहीं है और इनपर उपलब्ध लिंक-यूआरएल से भी किसी तरह के संबंध से भी पूरी तरह इंकार करती है। ईईएसएल या प्रधानमंत्री कार्यालय इस तरह के विज्ञापनों की सामग्री का समर्थन नहीं करता है और ऐसे वेबसाइट ईईएसएल और प्रधानमंत्री कार्यालय को बदनाम करने का एक प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा ईईएसएल ने ऐसे धोखाधड़ी करने वाले साइटों के बारे में पुलिस को सूचित कर दिया है और साथ ही इनको सार्वजनिक कर प्राथमिकी दर्ज करने को भी कह रही है।
ईईएसएल के प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार के अनुसार, ‘हमारी टीम संगठन द्वारा बनाये गये कड़े प्रक्रियाओं के आधार पर उस दिशा में काम कर रही है। हम ऐसे सभी कदाचारों पर नजर रखे हुए हैं, जो हमारे उपभोक्ताओं और उत्पादों की गुणवत्ता प्रदान करने के ईईएसएल के अच्छे प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस तरह की धोखाधड़ी से निपटने के लिए हम सभी कानूनी प्रक्रियाएं अपना रहे है। साथ ही मीडिया के माध्यम से विज्ञापनों और सूचनाओं के जरिए उपभोक्ताओं को भी अवगत करा रहे हैं। हम उपभोक्ताओं से भी अपील करते हैं कि वो उजाला के तहत मिलने वाले एलईडी बल्ब सिर्फ अधिकृत वितरण केन्द्रों से ही खरीदें।’
सिर्फ ईईएसएल ही अपने समर्पित और अधिकृत वितरण केन्द्रों के जरिए एलईडी बल्ब बांट रही है जिसकी पूरी सूचना www.ujala-gov-in वेबसाइट पर उपलब्ध है। अगर इसमें कोई भी परिवर्तन या बदलाव होता है, तो ईईएसएल इसकी सूचना अपने उपभोक्ताओं को मीडिया के माध्यम से उपलब्ध करायेगी। अगर कोई भी उपभोक्ता ईईएसएल के अधिकृत वितरण केन्द्रों के अलावा कहीं से भी एलईडी खरीदता है, तो उसके लिए ईईएसएल जिम्मेवार नहीं होगा। 
ईईएसएल उपभोक्ताओं और आम लोगों से आग्रह करती है कि ऐसे किसी भी धोखे में ना आयें और इसकी सूचना ईईएसएल के ट्विटर हैंडल www.facebook-com/EESLIndia और info@eesl-co.in पर दें। उपभोक्ता अपनी शिकायत ईमेल पदवि/ममेस.बवण्पद के जरिए भी भेज सकते हैं।

सोमवार, 25 जुलाई 2016

SEX : कि‍स करने के 10 बेस्ट तरीके

 SEX 
हाल में हुए अनुसंधान में यह बात सामने आई है कि पूरे आवेग से लिया गया चुंबन एक खास किस्म के कांप्लेक्स केमिकल को दिमाग की तरफ भेजता है, जिससे व्यक्ति खुद को ज्यादा उत्तेजित, खुश अथवा आरामदायक स्थिति में महसूस करता है। प्यार का इजहार करने के लिए चुंबन से बढ़कर शायद ही कोई दूसरा माध्यम हो। एक प्यार भरा चुंबन प्रेमी या प्रेमिका को दिन भर की तमाम उलझनों से मुक्त करके एक प्यार भरे संसार में ले जा सकता है। चुंबन के महत्व को देखते हुए यहां चुंबन के विभिन्न प्रकारों को बताया जा रहा है।
बिगिनर्स किस
इस किस का अर्थ दो होठों के साधारण मिलन से है। यह किस होठों को ब्रुश के समान स्पर्श करके या हल्का दबाकर किया जाता है। इस किस के लिए अतिरिक्त प्रयास करने की जरूरत नहीं होती। अपने लवर को चारों तरफ से चूमकर इस किस को अंजाम दिया जाता है।
बटरफ्लाई किस
अपनी आंखों की बरौनी से प्रेमी के होठों, आंखों के बाल, गाल और गर्दन के स्पर्श को बटरफ्लाई किस कहते हैं।
लार किस
इस प्रकार का किस को पूरी गर्मजोशी के साथ किया जाता है। जब आप अपने प्रेमी को पूरी आत्मीयता से किस करें तो अपने होठों को धीर से हटा लें और लार की कुछ बूंदे प्रेम से उनके मुख में टपका दें।
फ्रेंच किस
फ्रेंच किस में अपनी जीभ अपने प्रेमी के मुख की कोमल त्वचा में डालकर उसे चारों ओर घुमाया जाता है। मुख से मुख मिलाकर फ्रेंच किस किया जाता है।
लवर्स पास
जब आप अपने प्रेमी को कुछ उत्तेजना भरा संदेश देना चाहें तो यह किस अपनाया जाता है। इसमें चाकलेट, फल या बर्फ का टुकड़ा अपने होठों से दबाकर अपने प्रेमी के होठों का स्पर्श किया जाता है। स्पर्श के बाद अपनी जीभ के सहारे दबाया गया टुकड़ा अपने प्रेमी के मुख में डाल दिया जाता है।
लस्ट लैप
यह किस पूरे नियंत्रण के साथ किया जाता है। इस किस में होठों से दबाकर चाटा जाता है। अपने होठों से अपने प्रेमी के होठों और त्वचा को सख्ती से दबाकर इसका आनंद लिया जाता है।
मेडिवल नेकलेट
कहा जाता है कि इस प्रकार का किस मध्यकाल के नाइट्स अपनी प्रेमिका या पत्नीा को करते थे, जब वह लो कट नेकलाइन्स पहनती थीं। इस किस में उनकी गर्दन को चारों तरफ से धीरे-धीरे चूमा जाता था। पुरूष और महिलाएं दोनों इस प्रकार के चुंबन का लुत्फ उठाते थे।
मेडिटिरनियन फ्लिक
कहा जाता है कि इस चुंबन की उत्पत्ति लैटिन के प्रेमियों ने की थी। इस चुंबन का आनंद लेने के लिए लैटिन प्रेमी मिठाई के दानों को अपने प्रेमी के शरीर पर डालते थे। उसके बाद अपनी जीभ से उनके शरीर पर धीरे से हमला करते थे। अपने प्रेमी के शरीर की मनपसंद जगह में इन मिठाई के दानों को डाला जाता था। स्तन और पेट के आसपास के चुंबन से इसका विशेष रूप से आनंद लिया जाता है।
नॉटी डॉग
यह किस शरीर के सर्वाधिक संवेदनशील हिस्सों खासकर गर्दन, छाती, पेट और निचली जांघों में किया जाता है। अधखुला मुंह खोलकर इन हिस्सों का स्पर्श किया जाता है। छाती के निचले हिस्सों विशेषकर स्तन के निप्पलों को चूमने में विशेषरूप से आनंद आता है।
स्लाइडिंग किस
इस चुंबन में जीभ आगे पीछे गति करती है। जिस प्रकार क्रीम या सॉस को चाटा जाता है ठीक उसी प्रकार स्लाइडिंग किस किया जाता है। फोरप्ले में यह किस काफी उपयोगी होती है।

रूटीन लाइफ से बोर हैं तो हेयर स्टाइल बदलें



Shalini Yogendra Gupta
 महिला जगत 
फीचर@ई-मेल
फैशन साल दर साल अपना रंग बदलता है। और क्यों न बदले ? आजकल यूथ नए ट्रेंड की ओर जल्दी आकर्षित होते हैं। और वैसे भी चेंज हर किसी को अच्छा लगता है। शायद इसलिए कहा जाता है कि आप अगर अपनी रूटीन लाइफ से बोर हो गईं हैं, तो सबसे पहले अपनी हेयर स्टाइल बदल डालिए। आइए जानते हैं सीडब्लूसी ब्यूटी एन मेकअप स्टूडियो की ब्यूटी एन मेकअप एक्सपर्ट शालिनी योगेन्द्र गुप्ता के साथ :
लांग हेयर
लंबे बालों के लिहाज से ‘ब्रेडेड टॉपनॉट्स’ और ‘बर्ड्स नेस्ट बन’ साल की शुरुआत से ही महिलाओं में लोकप्रिय रही है। हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड तक की सेलिब्रिटीज इनकी दीवानी हो रही हैं। वैसे बर्ड्स नेस्ट बन तो हमारी पुरानी हीरोइनों शर्मिला टैगौर, राखी, हेमा मालिनी की फिल्मों में भी खूब दिखाई दिया है। वही ट्रेंड अब थोड़े अलग अंदाज में वापस लौटा है। 
नई ब्रेडेड स्टाइल में सिंपल ढीली चोटी गूंथने से लेकर छोटी-छोटी कई चोटियां बनाने के अलावा आप हाई पोनीटेल ब्रेड, हेडबैंड तथा फिशटेल जैसी कई हेयर स्टाइल बना सकती हैं। वहीं बर्ड्स नेस्ट बन भी आजकल पार्टीज से लेकर सामान्य दिनचर्या तक में काफी पसंद किया जा रहा है। इसे ‘बुफॉन’ नाम से भी प्रचार मिल रहा है। 
शार्ट हेयर 
‘वेव्ड बॉब’ या ‘वेवी बॉब्ड’ इस बार छोटे बालों में काफी अपनाए जा रहे हैं। ये स्टाइल कर्ली हेयर और स्ट्रेट हेयर दोनों में काफी सुंदर दिखाई देती है। साथ ही, इससे आपके चेहरे को स्मार्ट लुक भी मिलता है। यह हेयर स्टाइल भी सेलिब्रिटीज से लेकर आम युवतियों तक में काफी पसंद की जा रही है। कंगना रानावत से लेकर प्रियंका चोपड़ा तक आपको पिछले दिनों इस हेयर स्टाइल के साथ आपको दिखाई दी होंगी।
हेयर कट्स 
इस साल लंबे बालों के लिए फ्रिंज और बैंग्स जैसे हेयर कट्स फैशन में हैं। फ्रिंज हेयर कट्स को आप बहुत कुछ साधना कट की तरह भी रख सकती हैं। चाहें तो कम फ्रंट फ्रिंज के साथ खुले बाल रखें या फिर पूरे माथे पर फैलती फ्रिंज अपनाएं। लगभग इसी से मिलते-जुलते बैंग हेयरकट में आप साइड पार्टिंग के साथ थोड़ी फ्रिंज रख सकती हैं।
मीडियम लेंथ बालों के लिए ‘बॉब विथ फ्रिंज’, ‘बैंग्स’ आदि तथा छोटे बालों के लिए ‘पिक्सी क्रॉप’ हेयरकट अपनाए जा सकते हैं। ये सभी इस साल फैशन में बने रहेंगे। पिक्सी क्रॉप को पसंद करने वालों में हॉलीवुड हॉटी ‘हेल बेरी’ तथा ‘विक्टोरिया बैकहम’ के अलावा बॉलीवुड सुंदरी लारा दत्ता, दिया मिर्जा तथा दीपिका पादुकोण भी शामिल हैं।
हेयर कलर 
इस साल ‘व्हाइट ब्लांड’ तथा रेड कलर सबसे ज्यादा फैशन में रहने के अनुमान हैं। अगर आप सोबर लुक चाहती हैं, तो व्हाइट ब्लांड अपनाएं। थोड़ा फंकी और चटपटा लुक चाहती हैं, तो रेड या उसके शेड्स। इसके अलावा रिच ब्राऊन, डार्क चॉकलेट ब्राऊन, लाइट कैरेमल तथा ब्लांड के सिंपल शेड्स भी अपनाए जा सकते हैं। बस तो अब देर किस बात की, बदलें अपना हेयर स्टाइल और अपनाएं नई अदा।
हेयर कलरिंग में रखें सावधानी
हेयर कलर के प्रोडक्ट के सही सलेक्शन न होने से हेयर फॉल जैसी समस्या के साथ ही कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। 
जिन्हें कलर्स से एलर्जी की समस्या होती है, उसके बावजूद वे इसका इस्तेमाल नियमित रूप से कर रहे हैं, उनमें स्किन कैंसर तक का खतरा हो सकता है। 
बालों के लिए वही कलर यूज करें, जो सूट करें। डाइबीटिक, हाई बीपी के पेशेंट, प्रेग्नेंट लेडी व 
बच्चों को अमोनिया फ्री कलर का ही यूज करना चाहिए। मेटेलिक कलर का उपयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए। 
यदि पहली बार कलर करवा रहे हैं, तो एलर्जी पैच टेस्ट जरूर करें। कलर करने में इस्तेमाल होने वाला ब्रश व बाउल साफ रखें। स्कल्प को भी टेस्ट जरूर करवाएं। कलर प्रोटेक्शन शैम्पू व ऑयल का यूज करें।

शालिनी योगेन्द्र गुप्ता 
ब्यूटी एन मेकअप एक्सपर्ट 
सीडब्लूसी ब्यूटी एन मेकअप स्टूडियो, कानपुर

युवा लेखकों से पुरस्कार आवेदन आमंत्रित

 संक्षिप्त खबरें 
नई दिल्ली : संस्कृति मंत्रालय के तहत साहित्य अकादमी ने भारतीय भाषाओं में लिखने के लिए युवा लेखकों, जो 35 वर्ष से कम आयु के हैं, को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2011 में ‘युवा पुरस्कार’ प्रारंभ किया था। तब से अकादमी द्वारा मान्यता प्राप्त भारतीय भाषाओं जैसे असमी, बंग्ला, बोडो, डोगरी, अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिली, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, राजस्थानी, संथाली, संस्कृत, तमिल, तेलुगू, सिंधी एवं उर्दू में युवा भारतीय लेखकों द्वारा लिखी गई सर्वश्रेष्ठ पुस्तकों को कुल 106 पुरस्कार दिए जा चुके हैं। ये पुरस्कार एक सम्मानित समारोह में प्रदान किए जाते हैं और इनमें 50 हजार रुपये की राशि, एक फलक एवं एक प्रशंसात्मक उल्लेख शामिल होता है।
साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार, 2017 के लिए अकादमी द्वारा मान्यता प्राप्त सभी 24 भाषाओं में 35 वर्ष या उससे कम आयु के युवा भारतीय लेखकों तथा प्रकाशकों से पुस्तकें आमंत्रित कर रहा है। आवेदक लेखक की उम्र पहली जनवरी, 2017 को 35 वर्ष या उससे कम होनी चाहिए। प्रतिवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर, 2016 है। पुस्तकें जन्म तिथि प्रमाण पत्र की एक प्रमाणित प्रति के साथ भेजी जानी चाहिए। प्रतिवेदन के बारे में और जानकारी http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/yuva_puraskar.jspसे प्राप्त की जा सकती है।
प्रविष्टियां निम्न पते पर भी भेजी जा सकती हैं : http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/yuva_puraskar.jsp.

नीरज चोपड़ा को पुरस्कार

नई दिल्ली : केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विजय गोयल ने जेवलीन थ्रोअर नीरज चोपड़ा को पोलैंड के बिडगोसजेज में आयोजित अंडर 20 एथलेटिक्स प्रतियोगिता के तहत आईएएएफ में स्वर्ण पदक हासिल करने तथा विश्व रिकार्ड बनाने पर बधाई दी है। नीरज चोपड़ा के 86.48 एमके प्रयास ने भारत को इसका पहला विश्व रिकार्ड एवं किसी विश्व एथलेटिक्स प्रतियोगिता में देश का अब तक का पहला स्वर्ण दिलाया। श्री गोयल ने इस युवा एथलीट की उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई दी है। साथ ही, घोषणा की कि उनका मंत्रालय नीरज चोपड़ा को 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देगा।

स्टार्ट-अप इंडिया राज्यों की बैठक

नई दिल्ली : वाणिज्य और उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत में विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र को सुनिश्चित करने के लिए सरकार हर संभव सुविधा प्रदान करेगी। उन्होंने स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र के सभी हितधारकों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। श्रीमती सीतारमण ने कहा कि स्टार्ट-अप इंडिया पहल नवाचार को बढ़ावा देने, रोजगारों के सृजन और निवेश की सुविधा प्रदान करने के लिए की गई है। स्टार्ट-अप इंडिया राज्यों के सम्मेलन के अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सरकार स्टार्ट-अप को एक सकारात्मक वातावरण प्रदान करने और इस पहल को साकार रूप देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि भारत उद्यमशीलता की गतिविधियों में एक उद्यमी क्रांति के साथ सबसे आगे है। भारत स्टार्ट-अप की संख्या के मामले में अमरीका और ब्रिटेन के बाद तीसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि भारत 4400 प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप के करीब है और एक युवा और विविध उद्यमशील पारिस्थितिकी तंत्र की सहायता से इनके 2020 तक 12,000 से ज्यादा तक पहुंचने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा स्टार्ट-अप राष्ट्र है, जहां 72 प्रतिशत संस्थापक 35 वर्ष से कम हैं और अभिनव उपक्रम भारत में उल्लेखनीय प्रगति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये संख्या भारत के सकारात्मक उद्यमी स्वभाव का संकेत है। उन्होंने कहा कि यह वर्तमान की सिर्फ वास्तविकता नहीं, बल्कि एक शानदार अवसर भी है। श्रीमती सीतारमण ने कहा कि उनकी सरकार लोगों से लगातार मिलने और उनकी प्रतिक्रियाएं लेने में विश्वास रखती है। इस दिशा में 28 जुलाई, 2016 को स्टार्ट-अप फाउंडर्स के साथ उनकी बैठक तय है। इसके अलावा वह उद्यमशील प्रकोष्ठों और प्रेरणादायी लोगों से जुड़े शैक्षिक संस्थानों, बेहतर निवेशकों और नेटवर्क, वीसी और निजी इक्विटी कंपनियों के साथ भी बैठक करेंगी।

शुक्रवार, 22 जुलाई 2016

‘सरकारी कामकाज में हिंदी की अनदेखी दुखद’

नई दिल्ली : केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री सुश्री उमा भारती ने सरकारी कामकाज में हिंदी की निरंतर उपेक्षा पर गहरा रोष जताया है। अपने मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की नई दिल्ली में हुई बैठक में उन्होंने कहा, ‘अंग्रेजी की जकड़न से न निकल पाना एक मनोरोग है। जिसका इलाज किया जाना बहुत जरूरी है।’ मंत्री महोदया ने अपने मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि वे सरकारी फाइलों में हिंदी के प्रयोग की शुरूआत अपनी टिप्पणियां हिंदी में लिखकर कर सकते हैं। 
सुश्री भारती ने मंत्रालय के उपक्रमों और अन्य संगठनों से कहा कि वे महत्वपूर्ण बैठकों, गोष्ठियों और सम्मेलनों की कार्यसूची पहले हिंदी में तैयार करें और बाद में उसका अंग्रेजी अनुवाद करें। उन्होंने कहा कि सरकारी कामकाज में बातचीत की हिंदी को बढ़ावा दिया जाए, जिसमें आवश्यकतानुसार अंग्रेजी और उर्दू के शब्दों का प्रयोग किया जा सकता है। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि यह अत्यंत दुःख और शर्म का विषय है कि अंग्रेजों के भारत से चले जाने के 68 साल बाद भी हम अंग्रेजी भाषा की गुलामी से मुक्त नहीं हो पाये हैं। उन्होंने कहा, ‘अपनी भाषा पर जिसे गर्व नहीं होता, वह रीढ़हीन समाज होता है।’
सलाहकार समिति की बैठक लगभग तीन वर्ष के अंतराल पर आयोजित किए जाने पर अफसोस जताते हुए मंत्री महोदया ने निर्देश दिया कि आगे से इसकी बैठक हर तीन महीने पर कम से कम एक बार अवश्य आयोजित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ बैठक आयोजित करने से ही हमारा उद्देश्य पूरा नहीं होगा। पिछली बैठकों के फैसलों पर समुचित कार्रवाई न किए जाने पर दुःख जताते हुए सुश्री भारती ने कहा, ‘हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि इन बैठकों में लिए गए फैसलों पर निश्चित समयावधि के अंदर कार्यान्वयन हो।’
अपने समापन भाषण में केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण राज्यमंत्री संजीव बालियान ने कहा कि हम सभी को सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए सरल हिंदी का प्रयोग करना चाहिए और इसमें गर्व भी महसूस करना चाहिए।

‘राष्ट्रीय मतदाता सूची शुद्धिकरण’ शुरू

नई दिल्ली : भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) सभी पात्र नागरिकों के नामांकन को बहुत महत्व देता है और मतदाताओं को सुविधाजनक स्थान पर स्थित भवनों तक पहुंचने और वहां बिना किसी परेशानी के अपने वोट डालने के लिए उनकी सहायता करता है। वर्ष 2016 के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग का उद्देश्य है कि ‘कोई भी मतदाता पीछे न छूटे’। आयोग के फील्ड पदाधिकारियों और हितधारकों के साथ विचार-विमर्श करके गहन सत्यापन के साथ पूरे देश में इस सप्ताह ‘राष्ट्रीय मतदाता सूची शुद्धिकरण’ (एनईआरपी) कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूचियों की शुचिता और निष्ठा को बढ़ाना और मतदाताओं को अपने-अपने मतदान केंद्रों तक आसानी से पहुंचने में सहायता प्रदान करने के लिए मतदाताओं की सुविधा हेतु मतदाता केंद्रों का मानकीकरण करना है। 
एनईआरपी 2016 के दो लक्ष्य हैं - (1) मतदाता सूचियों में सुधार लाने के लिए एक मिशन के रूप में सभी पात्र नागरिकों को शामिल करना, मतदाता सूचियों में कोई त्रुटि न होना, विशिष्ट मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) संख्या के साथ प्रत्येक पात्र मतदाता के लिए एकल मतदाता सूची प्रवेश, सभी अनुपस्थित (ए) स्थान बदलने वाले (एस) मृत (डी) मतदाताओं की प्रविष्टियों और उनके दोहराव को हटाना और फोटो मतदाता सूची (पीईआर) को भारतीय निर्वाचन आयोग के मानकों की पुष्टि करते हुए प्रत्येक मतदाता के अच्छी गुणवत्ता वाले सही फोटो के साथ, फोटो मतदाता सूचियां सुनिश्चित करना, और मतदाताओं के संपर्क विवरणों को प्राप्त करके मतदाताओं को भारतीय निर्वाचन आयोग से जोड़ना। (2) सेक्सनों, मतदान केंद्रों की चारदीवारियों और स्थल का मानकीकरण और जीआईएस प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए सेक्सनों के मानकीकरण के साथ चारदीवारियों के हिस्से के अधिकतम उपयोग द्वारा मतदान केंद्रों के नक्शे में सुधार करना। मतदान केंद्रों को हिस्सों या आसन भागों में और संशोधित मतदाता केंद्र नक्शे को ‘मतदान केंद्र तक कैसे पहुंचे’ दर्शाने वाले नक्शे के हिस्से द्वारा स्थानांतरण करना। इसके लिए मतदान केंद्र भवन के फोटो और न्यूनतम मूल सुविधाओं के विवरण के साथ परिमापित मतदान केंद्र कक्ष की ड्राइंग को भी शामिल किया जाएगा। 
आयोग ने एनईआरपी 2016 की व्यापक फील्ड कार्यान्वयन चरण की शुरूआत की है। यह कार्य वार्षिक सारांश संशोधन के लिए मतदाता सूची के अगले मसौदा के प्रकाशन से पहले ही 1 जनवरी, 2017 तक पूरा हो जाएगा। बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) मतदाताओं के सम्पर्क विवरण मतदाता सूची में शामिल न हुए परिवार के सदस्यों और 1 जनवरी, 2017 को पात्र होने वाले व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए ए / एस / डी आदि श्रेणियों के अधीन पहचान करने के लिए घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। एनईआरपी 2016 के अधीन सेक्सन मतदान केंद्र चारदीवारियों और स्थलों को उपयुक्त बनाने का कार्य जीआईएस पर पूरा किया जाएगा। 
नागरिकों और मतदाताओं की मतदान सूची से संबंधित सेवाओं में आसान पहुंच उपलब्ध कराने के लिए फील्ड कर्मचारियों द्वारा परिवार के सदस्यों के मोबाइल नंबर / ई-मेल आईडी का स्वैच्छिक संग्रह किया जा रहा है। निर्वाचन आयोग का आदेश है कि किसी भी परिस्थिति में ऐसी सूचनाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में न डाला जाए या किसी प्राधिकरण के साथ साझा न किया जाए। पीईआर में सुधार करने के लिए घटिया क्वालिटी और स्वेत-श्याम फोटो को पर्याप्त संख्या में डिजिटल कैमरों को उपलब्ध कराके हटाए जाने का प्रस्ताव किया गया है। मतदाताओं से अनुरोध किया गया है कि वे इस बारे में निर्वाचन आयोग के फील्ड स्टाफ के साथ सहयोग करें और इस कार्य में सक्रिय रूप से भाग लें। 
एनईआरपी-2016 का उद्देश्य प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग और ‘स्वीप’ रणनीति के द्वारा मतदाता सूचियों की शुचिता में सुधार करना है। जानकारी प्राप्त करने, प्रोसेसिंग, साझा करने और इस उद्देश्य के लिए प्रभावी निर्णय लेने में सूचना प्रौद्योगिकी का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। बूथ स्तर के अधिकारी को एनईआरपी के बारे में व्यापक प्रशिक्षण दिया गया है और ‘बूथ जागरूकता समूह’ सदस्यों के उन्मुखीकरण का कार्य प्रभावी क्रमबद्ध मतदाता, शिक्षा एवं मतदान भागीदारी अभियान आयोजित करने के लिए किया जाएगा। इसमें सार्वजनिक बैठकें, मतदाता सूचियां पढ़ कर सुनाना, पर्चे का वितरण, पोस्टर आदि का चिपकाना शामिल होंगे। किसी क्षेत्र के नागरिकों की पारदर्शी और सार्थक तथा सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने यह निर्णय लिया है कि ईआर में ए / एस / डी आरई के कारण मतदाता सूची से हटाए जाने वाले प्रस्तावित नामों की पैरावार सूची तैयार करेंगे और उसे कम से कम 7 दिनों की अवधि के लिए अपने कार्यालयों में चिपकाएंगे। यह कथित सूची सीईओ और डीईओ की वेबसाइट पर डाली जाएगी। डीईओ अपने अधिकार क्षेत्र के जिलों में विधानसभा क्षेत्रों में ईआरओ द्वारा नाम हटाने की प्रक्रिया पर निगरानी रखेंगे। 
आयोग ने यह भी इच्छा जाहिर की है कि इस योजना के परिणामों को संकलित करके समय-समय पर एक संरचित और व्यवस्थित तरीके से मीडिया के साथ साझा किया जाए और सभी सीईओ को एनईआरपी 2016 को लोकप्रिय बनाने के लिए व्यापक स्वीप कार्यक्रमों की शुरूआत की जानी चाहिए तथा सभी हितधारकों को सक्रिय रूप से इसमें भाग लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इस उद्देश्य के लिए केन्द्र और राज्य सरकारों और कॉरपोरेट के विभिन्न विभागों को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा कि वे अपने कर्मचारियों को एनईआरपी 2016 कार्यक्रम के बारे में शिक्षित करें और मतदाता सूचियों में अपना विवरण स्वैच्छिक रूप से सत्यापित करने में उनकी सहायता करें। कॉरपोरेट से अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के तहत एनईआरपी के बारे में आम प्रचार अभियान में अपना सहयोग देने के लिए कहा जाए। डीएसई / आरईएस की प्रमाणीकरण, संशोधन, विलोपन नामक तीन श्रेणियों में बीएलओ, ईआरओ और डीईओ के स्तर पर शतप्रतिशत उपलब्धि हासिल करने वालों के लिए एक पुरस्कार का भी गठन किया गया है।

गुरुवार, 21 जुलाई 2016

अटल पेंशन योजना में 100 करोड़ रुपये जारी

नई दिल्ली : देशभर के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में एपीवाई सेवा प्रदाता के अंतर्गत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारिता बैंक और डाक विभाग द्वारा अटल पेंशन योजना को लागू किया जा रहा है। 30 जून, 2016 तक एपीवाई योजना के अंतर्गत पंजीकृत होने वाले ग्राहकों की संख्या 30 लाख के पार पहुंच चुकी है और रोजाना करीब 5,000 नए ग्राहकों को इस योजना के साथ जोड़ा जाता है। 
31 मार्च, 2016 से पहले ग्राहक अंशदान के 50 फीसदी हिस्से (अधिकतम 1,000 रुपये) के साथ जो ग्राहक पंजीकरण करा चुके हैं, यह योजना उन्हें सरकार से सह-अंशदान की सुविधा प्रदान करती है और ये ग्राहक 2015-16 से 2019-20 तक पांच वर्ष की अवधि के लिए सह-अंशदान करने के लिए योग्य हो जाएंगे। आयकर की श्रेणी में न आने वाले एवं किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा योजना से न जुड़े ग्राहक ही इस योजना में शामिल होने के लिए योग्य हैं। उपरोक्त तथ्य को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार ने पीएफआरडीए के जरिए वर्ष 2015-16 के लिए 16.96 लाख योग्य ग्राहकों के लिए 99.57 करोड़ रुपये की सह-अंशदान राशि जारी कर दी है। जिन ग्राहकों का मार्च, 2016 तक एपीवाई खाते में अंशदान बकाया है, उनको सरकार की ओर से दिया जाने वाला सह-अंशदान नहीं दिया जाएगा। ऐसे ग्राहकों को पीएफआरडीए के द्वारा सलाह दी गई है कि वे अपने एपीवाई खाते को नियमित करें, ताकि सरकार द्वारा दिया जाने वाला सह-अंशदान सितंबर माह में उन्हें दिया जा सके। सरकार द्वारा दिया जाने वाला सह-अंशदान केवल तभी देय है, जब एपीवाई खाते को नियमित रूप से संचालित किया जाए और भारत सरकार का यह सह-अंशदान ग्राहकों के बचत बैंक खाते में अदा किया जाता है।
अटल पेंशन योजना ग्राहकों को 60 वर्ष की उम्र से कम से कम 1,000 रुपये से 5,000 रुपये के बीच निश्चित पेंशन की गारंटी उपलब्ध कराता है। ग्राहक की मृत्यु होने की अवस्था में समान राशि लाभार्थी के जीवनसाथी को मुहैया कराई जाती है। दोनों की मृत्यु होने की स्थिति में पेंशन की बकाया राशि नामिति को एकमुश्त रूप में उपलब्ध कराई जाती है। ग्राहक की मृत्यु 60 वर्ष की उम्र से पूर्व होने पर अपरिपक्वता की स्थिति में लाभार्थी के जीवनसाथी के पास यह विकल्प मौजूद है कि वह इस पॉलिसी को बकाया समय तक आगे भी जारी रख सकते हैं, ताकि परिपक्व होने की स्थिति में लाभार्थी के जीवनसाथी को इस पेंशन का लाभ मिल सके। इसके साथ ही, संचय चरण के दौरान पेंशन योगदान पर वास्तविक लाभ न्यूनतम गारंटी पेंशन के लिए कल्पित लाभ से अधिक है, तब इस अतिरिक्त लाभ का फायदा ग्राहक को मिलेगा, जिससे योजना के फायदों में निश्चित रूप से बढ़ोतरी होगी।

गुरुवार, 14 जुलाई 2016

राजेन्द्र केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय का नाम डॉ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय में परिवर्तन को मंजूरी

 संक्षिप्त खबरें 
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राजेन्द्र केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय का नाम डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय करने हेतु राजेंद्र केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय विधेयक, 2015 में आधिकारिक संशोधन के लिए अपनी स्वीकृति दे दी है। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा वांछित लक्ष्य को पूरा करने और शिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने तथा कृषि एवं संबद्ध विज्ञान में शिक्षित उपयोगी श्रमशक्ति तैयार कर रहा है। 
इससे तकनीकी और ढांचागत सुविधाओं में श्रमशक्ति की कमी खत्म करने में मदद मिलेगी और जो कृषि, पशुपालन, बागवानी और मत्स्य पालन के क्षेत्र में विकास में योगदान देंगे। मौजूदा कॉलेजों में नई तकनीकों से किसानों को परिचित कराने में मदद मिलेगी, जिससे इस क्षेत्र में उत्पादन और कृषि की उत्पादकता के योगदान में मदद मिलेगी। 

आतंकी हमला में मरने वालों को अब पांच लाख रुपये का मुआवजा

नई दिल्ली : केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा पार फायरिंग में मरने वाले नागरिक को पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि देने की स्वीकृति दी है। आतंकवादी और माओवादी हिंसा में मरने वाले को मुआवजा राशि तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी गई है। 
आतंकी हमला, नक्सली हिंसा तथा सीमा पार से फायरिंग, बमबारी और आईईडी विस्फोट में व्यक्ति के मरने पर समान रूप से पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि दी जाएगी। यह राशि मृतक के परिजन को दी जाएगी। इन कारणों से 50 प्रतिशत या उससे अधिक असमर्थता या अक्षमता के मामले में भी व्यक्ति को पांच लाख रुपये की राशि दी जाएगी। मुआवजा राशि इस शर्त पर दी जाएगी कि सरकार द्वारा मृत व्यक्ति के परिवार के किसी सदस्य को रोजगार नहीं दिया गया है। 

जावडेकर को मानव संसाधन विकास मंत्रालय

नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय  (एचआरडी) का कार्यभार ग्रहण किया। मीडिया से जुड़े व्यक्तियों के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके मंत्रालय का मिशन सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना और विशेष रूप से निर्धनों के जीवन में सार्थक बदलाव लाना होगा। प्रकाश जावडेकर ने 6 जुलाई, 2016 को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी।
प्रकाश जावडेकर ने दुहराया कि वह एवं मंत्रालय के उनके सहयोगी राष्ट्र की आकांक्षाओं को पूरी करने के लिए टीम एचआरडी के रूप में काम करेंगे। राज्य योजना बोर्ड में अपने कार्यकाल का स्मरण करते हुए उन्होंने भारत में शिक्षा प्रणाली की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों के साथ सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि टीम एचआरडी सभी मुद्वों का समाधान करेगी एवं भारत में शिक्षा क्षेत्र के लिए बेशुमार अवसरों को सृजित किया जाएगा। मीडिया से जुड़े व्यक्तियों के साथ बातचीत करने के बाद उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों के साथ परिचयात्मक बैठक की। 
मानव संसाधन विकास मंत्रालय का कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व वह स्वतंत्र प्रभार के साथ पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे। इससे पूर्व, वह स्वतंत्र प्रभार के साथ सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एवं संसदीय मामले मंत्री के रूप में भी काम कर रहे थे। 

स्मृति ईरानी अब केन्द्रीय वस्त्र मंत्री

नई दिल्ली : स्मृति जुबिन ईरानी ने केन्द्रीय वस्त्र मंत्री का कार्यभार संभाल लिया। श्रीमती ईरानी केंद्रीय वस्त्र मंत्री के रूप में पदभार संभालने से पहले मानव संसाधन विकास मंत्री के रूप में कार्य कर रही थीं। इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए श्रीमती ईरानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया कि उन्हें ऐसे विभाग का काम दिया गया है जो कृषि के बाद सबसे ज्यादा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि कौशल और रोजगार के मामले में इस विभाग की क्षमता अतुल्यनीय है और जो प्रधानमंत्री के मेक अन इंडिया विजन को आगे बढ़ाने में प्रमुख रोल अदा कर सकता है।

रवि शंकर प्रसाद अब विधि एवं न्याय मंत्री

नई दिल्ली : रवि शंकर प्रसाद ने नई दिल्ली में नये केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया। उन्हें केंद्रीय दूरसंचार एवं आईटी मंत्री के वर्तमान प्रभार के अलावा यह अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि समय पर न्याय दिलाना और पारदर्शिता इस सरकार की एक प्रमुख प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हम इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए भरसक प्रयास करेंगे कि निपुण एवं सर्वाधिक योग्य व्यक्ति ही न्यायिक प्रणाली से जुड़ें। श्री प्रसाद ने महत्वपूर्ण कार्यों हेतु स्वयं पर भरोसा व्यक्त किए जाने के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया।

पीपी चैधरी ने विधि एवं न्याय राज्यमंत्री का कार्यभार संभाला 

नई दिल्ली : पीपी चैधरी ने नई दिल्ली में नए विधि एवं न्याय राज्यमंत्री का कार्यभार संभाल लिया। इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए श्री चैधरी ने इस चुनौतीपूर्ण काम के लिए उनमें विश्वास जताने और उनके नाम पर विचार करने के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा आम आदमी को समय पर न्याय दिलाने का उन्हें मौका मिला है। उन्होंने श्री रविशंकर प्रसाद के साथ काम करने और भविष्य में मिलने वाले उनके मार्गदर्शन पर भी खुशी जाहिर की। 

औषधीय क्षेत्र में चीन से श्रेष्ठ है भारत 

नई दिल्ली : भारत ने 2015 में भी अपने औषधीय निर्यात को चीन से अधिक बरकरार रखा है। भारत का औषधीय निर्यात 2015 में 7.55 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 11.66 बिलियन डॉलर से बढ़कर 12.54 बिलियन डॉलर हो गया, जबकि इसी अवधि के दौरान चीन के औषधीय उत्पाद का निर्यात 5.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर 6.59 बिलियन डॉलर से बढ़कर 6.94 बिलियन डॉलर रहा। 
भारत का निर्यात अमरीका, यूरोपीय संघ और अफ्रीका जैसे महत्वपूर्ण बाजारों में चीन से अधिक है। भारत से अमरीका को औषधीय उत्पादों का निर्यात 23.4 प्रतिशत की वृद्धि से 3.84 बिलियन डॉलर से बढ़कर 4.74 बिलियन डॉलर हो गया, जबकि इसी अवधि के दौरान चीन के उत्पादों का निर्यात केवल 15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1.16 बिलियन डॉलर से बढ़कर 1.34 बिलियन डॉलर हो पाया। भारत यूरोपीय संघ और अफ्रीका में भी औषधीय निर्यात के क्षेत्र में आगे है और यूरोपीय संघ तथा अफ्रीका में क्रमशः 1.5 बिलियन डॉलर और 3.04 बिलियन डॉलर का निर्यात किया गया, जबकि चीन का निर्यात यूरोपीय संघ और अफ्रीका के बाजारों में कम है।

इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर विशाल चरखे का लोकार्पण

 अहमदाबाद के 42 बढ़इयों ने इस चरखे को 55 दिनों में बनाया 
नई दिल्ली : केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मंझौले उद्यम मंत्री कलराज मिश्रा ने राजधानी के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर दुनिया के सबसे बड़े चरखे का लोकार्पण किया। देश के व्यस्तम हवाई अड्डे पर विश्व के सबसे बड़े चरखे के प्रदर्शन के पीछे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के दिखाए समतावादी समाज को बढ़ावा देने के भारत की खोज पर प्रकाश डालना है। 
चरखे का लोकार्पण करते हुए कलराज मिश्रा ने कहा कि चरखा गांधीवादी मूल्यों के प्रतीक और देश में सरकार की ग्रामीण उद्योगों में खादी को वरीयता देने का प्रदर्शन है। उन्होंने कहा कि चरखा स्वदेशी, आत्म निर्भरता और इसी समय परस्पर निर्भरता का प्रतिनिधित्व करता है, क्योंकि पहिया कपास उत्पादकों के नेटवर्क, कैडरों, बुनकरों वितरकों और उपयोगकर्ताओं के केन्द्र में है। 
इस प्रतिष्ठित चरखे की प्रस्थान प्रांगण में स्थापना हमारी समृद्ध संस्कृति को विभिन्न कला कार्यों के जरिये आगे बढ़ाएगी। टर्मिनल पर लगाए गए मुद्रा, राजसी जूलूस, हाथी प्रतिमाएं, सूर्य मूर्तिकला, सूर्य नमस्कार और अन्य कला विश्व स्तर पर भारतीय विरासत का वर्णन करते हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक संदेश में कहा, ‘चरखा हमारी गौरवशाली विरासत का संकेत और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में लड़े गए स्वतंत्रता संग्राम को याद दिलाने वाला है।’ प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यह चरखा आईजीआई हवाई अड्डा से यात्रा करने वाले यात्रियों को भारत की कालातीत विरासत और इसके स्थायित्व एवं सद्भावना के मूल्यों जिसके लिए यह जाना जाता है, की याद दिलाएगा। 
चार टन भारी बर्मा सागवान की लकड़ी से बने इस चरखे के जीवन काल का अनुमान 50 साल से अधिक लगाया गया है। यह 9 फीट चैड़ा, 17 फीट ऊंचा और 30 फीट लंबा है। यह अहमदाबाद के उच्च दक्षता वाले 42 बढ़इयों के एक दल द्वारा बनाया गया है। अज्ञात सैनिकों की तरह चरखा भी उन अज्ञात ग्रामीण लोगों का स्मारक है, जिन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आत्मनिर्भरता और श्रम की प्रतिष्ठा के प्रदर्शन करने के आह्वान को सुना। जब श्रद्धा के साथ हम चरखे का कीर्तिगान करते हैं, तो हम प्रतीकात्मक रूप से खादी शिल्पकारों के प्रति सम्मान और श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

नमामि गंगे योजना के तहत 231 परियोजनाएं शुरू

नई दिल्ली : नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत देशभर में विभिन्न स्थानों पर 231 परियोजनाओं की शुरूआत की जाएगी। नई दिल्ली में यह जानकारी देते हुए केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने बताया कि ये परियोजनाएं उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और दिल्ली में शुरू की जा रही हैं। सुश्री भारती ने बताया कि इन परियोजनाओं में घाटों का नवीनीकरण, सीवेज ट्रीटमेंट संयंत्रों का पुनर्वास - विकास, वृक्षारोपण एवं जैव विविधता संरक्षण शामिल है। 
मंत्री महोदया ने बताया कि उत्तराखंड के देहरादून, गढ़वाल, टीहरी गढ़वाल, रूद्र प्रयाग, हरिद्वार और चमोली जिलों में 47 परियोजनाएं शुरू की जाएगी। मुख्य कार्यक्रम हरिद्वार में आयोजित होगा, जिसमें मंत्री महोदया के साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, चैधरी बीरेन्दर सिंह और महेश शर्मा मौजूद रहेंगे। 
नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत 20 परियोजनाएं पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना, नदिया, दक्षिण 24 परगना और हावड़ा जिलों में शुरू की जाएंगी। मुख्य कार्यक्रम बजबज में आयोजित होगा। बिहार के बक्सर, वैशाली, सारण, पटना और भागलपुर जिलों में 26 परियोजनाएं शुरू की जाएगी। मुख्य कार्यक्रम पटना में आयोजित होगा। उत्तर प्रदेश के अमरोहा, बिजनौर, हापुड़, मुजफ्फरनगर, मेरठ, मथुरा, इलाहाबाद, वाराणासी, फरूखाबाद और कानपुर जिलों में 112 परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। नरोरा, मथुरा, वाराणसी और कानपुर में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 
गंगा ग्राम योजना का उल्लेख करते हुए सुश्री भारती ने कहा कि इस योजना के पहले चरण में गंगा के तट पर बसे 400 गांवों का विकास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि देश के 13 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों ने ऐसे 5-5 गांवों का विकास करने की जिम्मेदारी ली हैं। सुश्री भारती ने कहा कि इन गांवों के 328 सरपंचों को अबतक पंजाब के सींचेवाल गांव ले जाया गया है, जहां उन्होंने सींचेवाल के विकास की जानकारी ली। मंत्री महोदया ने बताया कि गंगा के किनारे आठ जैव विविधता संरक्षण केंद्रों का विकास किया जाएगा। ये केंद्र ऋषिकेश, देहरादून, नरोरा, इलाहाबाद, वाराणासी, भागलपुर, साहिबगंज और बैरकपुर में स्थापित किए जा रहे हैं। 
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन घाटी आधारित समग्र दृष्टिकोण अपनाते हुए राष्ट्रीय गंगा नदी प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले पांच राज्यों में प्रदूषण नियंत्रण, जलीय संसाधन संरक्षण और संस्थागत विकास परियोजनाओं को लागू करने का निरंतर प्रयास कर रहा है। इन्हीं प्रयासों के अंतर्गत ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित करने हेतु गंगा के किनारे बसे शहरों एवं 1657 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों के साथ जन जागरूकता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा नियमित संवाद किया जा रहा है तथा उन्हें नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत क्रियान्वित की जा रही विभिन्न गतिविधियों से अवगत कराया जा रहा है।

लंबी अवधि के वीजा पर भारत में रहने वालों को अधिक सुविधाएं

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए अल्पसंख्यक समुदायों जैसे हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई लोगों के लिए जो लॉग टर्म वीजा (एलटीवी) पर भारत में रह रहे हैं, उनके लिए कई सुविधाएं बढ़ाने की मंजूरी दी है। सरकार ने यह कदम उनकी कठिनाइयों में सहजता लाने के उद्देश्य से की है, जिनमें प्रमुख सुविधाएं निम्नलिखित हैं :
  • बैंक खाता खोलना
  • स्व-नियोजन और स्व-रोजगार हेतु उपयुक्त आवास के लिए संपत्ति खरीदने की अनुमति
  • स्वरोजगार की अनुमति
  • ड्राइविंग लाइसेंस, पैन नंबर और आधार नंबर जारी करना
  • जिन राज्यों या केन्द्र शासित प्रदेशों में वे रह रहे हैं, उन्हें वहां मुक्त आवागमन की अनुमति दें
  • एक राज्य से दूसरे राज्य में एलटीवी कागजात के स्थानांतरण की सुविधा
  • समय पर कम अवधि के वीजा/एलटीवी का विस्तार नहीं होने पर दंड में छूट
  • वर्तमान निवास स्थान से ही एलटीवी के लिए आवेदन करने की अनुमति  

ऐसे लोगों को नागरिकता नियम 2009 में संशोधन द्वारा नागरिकता प्राप्ति की सुविधा प्रदान करने के लिए निम्नलिखित प्रावधानों से मदद मिलेगी :
  • कलेक्टर / डीएम को आवेदक को निष्ठा की शपथ दिलाने के लिए किसी अधिकारी को प्राधिकृत करने का अधिकार दिया जाएगा, लेकिन ऐसा अधिकारी उप मंडल मजिस्ट्रेट के पद से नीचे का नहीं होगा
  • भारत के नागरिक के रूप में पंजीकरण के लिए 7 राज्यों के 16 जिलों के कलेक्टरों को दो साल की अवधि के लिए सौंप दी जाएगी
  • भारत की नागरिकता के लिए पंजीकरण शुल्क की मौजूदा सीमा 3000 रुपये - 15000 रुपये से घटाकर 100 रुपये करना

पृष्ठभूमि : सरकार ने इन देशों के अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित लोगों को इस देश में ठहरने में मदद करने के लिए पिछले दो वर्षों में अनके कदम उठाए हैं। हालांकि अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदाय के व्यक्तियों - हिन्दुओं, सिखों, बौद्धों, जैन, पारसियों और ईसाइयों को लम्बी अवधि के वीजा पर भारत में लगातार ठहरने में जीवन के अनेक पहलुओं के संबंध में दिक्कतें आ रही हैं। कैबिनेट की इस मंजूरी से इन्हें आ रही कठिनाइयों को कम करने में मदद मिलेगी।

बुधवार, 6 जुलाई 2016

राष्ट्रपति भवन खोलेगा तीन पर्यटक सर्किट

 संक्षिप्त खबर 
नई दिल्ली : राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति की सचिव ओमिता पॉल ने 24 प्रसिद्ध यात्रा संचालकों (टूर ऑपरेटर्स) के साथ बैठक की। ये बैठक राष्ट्रपति भवन के अंदर बनाए जा रहे तीन पर्यटक सर्किट (क्षेत्रों) के प्रचार के लिए की गई थी। पर्यटन के ये तीन क्षेत्र राष्ट्रपति भवन का मुख्य भवन, संग्रहालय और उद्यान होंगे। यहां आने वाले आगंतुक इन तीनों में से एक या सभी को एकसाथ देख पाएंगे। 
इन सर्किट का उद्घाटन 25 जुलाई, 2016 को किया जाएगा। यात्रा संचालकों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति सचिव ओमिता पॉल ने कहा कि राष्ट्रपति भवन मुख्य पर्यटक स्थल के तौर पर सेवा देने की दिशा में आगे देख रहा है। उन्होंने टूर ऑपरेटर्स से अधिक जागरूकता फैलाने और भारत से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी आगंतुकों को आकर्षित करने को कहा। राष्ट्रपति की सचिव ने टूर ऑपरेटर्स को जानकारी दी कि जुलाई, 2012 में 13वें सभापतित्व से ही महामहिम राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी के प्रयास राष्ट्रपति भवन के हर पहलू के रहस्यों से परदा हटाने और इसे आम जनता के नजदीक लाने के रहे हैं। 

रेलमंत्री ने “निवारण” पोर्टल शुरू किया

नई दिल्ली : रेलभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में रेलमंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने औपचारिक रूप से निवारण पोर्टल शुरू किया। ये पोर्टल सेवारत कर्मचारियों और पूर्व रेल कर्मचारियों की सेवा संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए एक ऑनलाइन प्रणाली है। इस अवसर पर राज्य रेल मंत्री मनोज सिन्हा, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एके मित्तल, रेलवे स्टॉफ बोर्ड के सदस्य प्रदीप कुमार, अन्य रेलवे बोर्ड के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद थे। रेलवे महासंघ और संघ के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। 

‘तेजस‘ भारतीय वायु सेना के 45वें स्क्वाड्रन में शामिल 

नई दिल्ली : हल्का लड़ाकू विमान ‘तेजस‘ 01 जुलाई, 2016 को भारतीय वायु सेना के 45वें स्क्वाड्रन में शामिल हो गया। 45वें स्क्वाड्रन को ‘फ्लाइंड डैगर्स‘ कहा जाता है। पहले यह स्क्वाड्रन एमऐआईजी 21 बीआईएस विमान से सुसज्जित था और इसका संचालन नलिया से किया जाता था। इसका नारा है “अजीत नभ“। लगभग दो वर्षों तक इस विमान का संचालन बंगलुरु से किया जाएगा। इसके बाद संचालन कोयम्बटूर के निकट निर्धारित स्थान सुलुर से किया जाएगा। यह पहला लड़ाकू विमान है, जो तिरुअनंतपुरम स्थित भारतीय वायु सेना के दक्षिणि एयर कमान का हिस्सा होगा।

16वीं बिहार विधानसभा का तृतीय सत्र 29 से

पटना : 16वीं बिहार विधानसभा का तृतीय सत्र 29 जुलाई, 2016 से आहूत है। बिहार विधानसभा सचिवालय ने उक्त जानकारी दी है। जानकारी के मुताबिक, 29 जुलाई, शुक्रवार को पूर्वाह्न 11.00 बजे से बिहार विधानसभावेष्म, पटना में सत्र प्रारंभ होगा, जिसमें पहले दिन शपथ या प्रतिज्ञान ग्रहण (यदि हो) के पष्चात् सत्रान्तराल में महामहिम द्वारा प्रख्यापित अध्यादेषों की प्रमाणीकृत प्रतियां सदन पटल पर रखी जाएंगी (यदि हो)। उसके बाद वित्तीय वर्ष 2016-17 के प्रथम अनुपूरक व्यय-विवरणी का उपस्थापन होने के बाद शोक प्रकाष (यदि हो) संपन्न होगा। ज्ञातव्य है कि 30 एवं 31 जुलाई को शनिवार, रविवारीय अवकाषों की वजह से बैठक नहीं होगी। पुनः 1 एव 2 अगस्त को राजकीय विधेयक एवं अन्य राजकीय कार्य लिए जाएंगे, 3 अगस्त को वित्तीय वर्ष 2016-17 के प्रथम अनुपूरक व्यय-विवरणी पर वाद-विवाद, मतदान एवं तत्संबंधी विनियोग विधेयक प्रस्तुत होंगे और 4 अगस्त को गैर सरकारी सदस्यों के कार्य (गैर सरकारी संकल्प) लिए जाएंगे।’

तनहाई

 कविता 
राजीव मणि
तब मैं तनहा

खोजता था किसी का साथ
हर वक्त, हर पहर
ढूंढती थीं निगाहें किसी को
... और तभी तुम मिले।
कई बसंत बिताये हैं हमने
एकसाथ
विशाल वृक्षों से
गिरते पत्तों को देखा
और फिर
छाती हुई हरियाली
सजते हुए रंग-बिरंगे फूल भी।
इसी बीच
मिलने-जुलने में
ना जाने क्या हुआ
मैंने खुद को भुला दिया
और अब
बस, खोजता हूं खुद को
हर वक्त, हर पहर
अपने ही आसपास।