COPYRIGHT © RAJIV MANI, Journalist, Patna

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शनिवार, 29 अक्तूबर 2016

शुक्रवार, 28 अक्तूबर 2016

साप्ताहिक ट्रेन का शुभारंभ

 संक्षिप्त खबर 
नई दिल्ली : रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने 28 अक्टूबर, 2016 को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ट्रेन संख्या 22427-22428 (बलिया - आनंद विहार टर्मिनस - बलिया) साप्ताहिक का शुभारंभ किया। रेल राज्य मंत्री एवं संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा इस अवसर पर विशेष रूप से दिल्ली में उपस्थित थे। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एके मित्तल, सदस्य (यातायात) मोहम्मद जमशेद और रेलवे बोर्ड के अन्य सदस्य एवं वरिष्ठ अधिकारीगण भी इस अवसर पर उपस्थित थे। सांसद हर्ष द्विवेदी और नीरज शेखर भी इस अवसर पर दिल्ली में मौजूद थे। 
इस अवसर पर रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि बलिया और दिल्ली के बीच एक सीधी रेलगाड़ी चलाने की मांग बलिया की जनता लंबे समय से करती आ रही थी। इस मांग की पूर्ति दीपावली के शुभ अवसर पर कर दी गई है। इस अवसर पर संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा ने कहा कि भारतीय रेलवे सच्ची भावना के साथ देश के हर कोने को रेलवे के मानचित्र पर लाना चाहती है और यह इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने इस नई ट्रेन का शुभारंभ किए जाने के मद्देनजर बलिया जिले की जनता को बधाई दी।

पहला राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाया जा रहा

नई दिल्ली : पूरे देश में धनवंतरी जयंती के अवसर पर भारत का पहला राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाया जा रहा है। नई दिल्ली में ‘आयुर्वेद के माध्यम से मधुमेह की रोकथाम और नियंत्रण’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर आयुर्वेद दिवस का लोगो जारी किया गया और राष्ट्रीय धनवंतरी आयुर्वेद पुरस्कार दिए गए।
‘आयुर्वेद के माध्यम से मधुमेह की रोकथाम और नियंत्रण’ विषय पर गोष्ठी का उद्घाटन करते हुए पूर्वोत्तर विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा विभाग तथा अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि आज पूरे देश में पहला राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसका श्रेय प्रधानमंत्री के विजन तथा आयुष राज्यमंत्री श्रीपद यशो नाइक के कठिन परिश्रम को जाता है। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि यह प्रसंशनीय है कि इस बार मधुमेह विषय पर विशेष दिवस समर्पित किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत में पिछले 15 वर्षों में मधुमेह रोगियों की संख्या बढ़ी है, विशेषकर युवा पीढ़ी में। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि मधुमेह नियंत्रण और प्रबंधन के संबंध में सरकार का फोकस युवाओं और गर्भवती महिलाओं पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानसिक तनाव के मधुमेह के एक महत्वपूर्ण कारण होने से इस बीमारी का आयुर्वेद, यूनानी, प्राकृतिक चिकित्सा, योग तथा जीवन शैली प्रबंधन सहित समग्र प्रबंधन होना चाहिए।
आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीपद यशो नाइक ने इस अवसर पर आयुर्वेद के माध्यम से मिशन मधुमेह लांच किया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए श्रीपद नाइक ने कहा कि आयुर्वेद का संबंध संपूर्ण जीवन से है। इसलिए आयुर्वेद को केवल निदान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसे स्वस्थ जीवन को प्रोत्साहित करने वाली पद्धति के रूप में समझा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि काफी समय से धनवंतरी जयंती को आयुर्वेद दिवस घोषित करने की मांग की जा रही थी, इसलिए सरकार ने धनवंतरी जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस बनाने का निर्णय लिया। 
उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष किसी एक बीमारी को, थीम बनाकर इस बीमारी की रोकथाम और नियंत्रण के बारे में जागरूकता फैलायी जाएगी और पूरे वर्ष अनुसंधान प्रयासों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसीलिए वर्ष 2016 के लिए मधुमेह मिशन को पहला थीम घोषित किया गया। आयुष सचिव अजित एम शरण ने कहा कि आयुर्वेद सहित पारंपरिक चिकित्सा में साक्ष्य आधारित अनुसंधान के लिए 200 अनुसंधान फेलोशिप गठित किए गए हैं। इसी तरह भारत सरकार आयुर्वेद में मानक विकसित करने और आधुनिक विज्ञान तथा विश्व के लिए इसे स्वीकार्य बनाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ सहयोग कर रही है। इस अवसर पर प्रो. वैद्य देवेन्द्र त्रिगुणा, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के निदेशक अशोक वैद्य, प्रो. अभिमन्यु कुमार और आयुष राज्यमंत्री के सलाहकार (आयुर्वेद) डॉ. मनोज नेसारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

गुरुवार, 27 अक्तूबर 2016

अब हर साल धनवंतरि जयंती को मनाया जायेगा राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस

 संक्षिप्त खबरें 
नई दिल्ली : राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयुष मंत्रालय 28 अक्टूबर, 2016 को नई दिल्ली में ‘आयुर्वेद के माध्यम से रोकथाम और मधुमेह का नियंत्रण’ पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन कर रहा है। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीएमओ, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास विभाग, डीओपीटी डॉ जितेन्द्र सिंह इस समारोह का उद्घाटन करेंगे और आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीपद यशो नाइक इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
इस अवसर पर आयुष मंत्रालय ‘आयुर्वेद के माध्यम से मिशन मधुमेह’ की शुरूआत करने जा रहा है। पूरे देश में मिशन मधुमेह एक विशेष रूप से परिकल्पित राष्ट्रीय उपचार प्रोटोकॉल लागू किया जाएगा। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी के अवसर पर राष्ट्रीय उपचार प्रोटोकॉल भी जारी किया जाएगा। इसके लिए आयुष मंत्रालय ने कई राज्य सरकारों (आयुष विभाग, स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग), राज्य आयुष निदेशालयों, सभी आयुर्वेद शिक्षण संस्थानों, आयुर्वेद फार्मा को आयुर्वेद के माध्यम से मधुमेह के नियंत्रण और रोकथाम के विषय पर सार्वजनिक व्याख्यान, संगोष्ठी, प्रदर्शनी आयोजित कर राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाने को कहा है।
कई राज्य सरकारों के आयुष विभागों ने इस संबंध में सक्रिय कदम उठाए हैं और मधुमेह के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए इस दिन स्वास्थ्य जांच शिविर, सार्वजनिक व्याख्यान, मधुमेह के रोगियों के लिए मुफ्त आयुर्वेदिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं जैसे कई कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है।
सरकार ने धनवंतरि जयंती के दिन प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाने का निर्णय लिया है।

विस्थापित परिवारों के पुनर्वास को 5.49 एकड़ भूमि

पटना : जिला भू-अर्जन कार्यालय, खगड़िया से प्राप्त सूचनानुसार, सार्वजनिक प्रयोजनार्थ यथा परियोजना ग्राम पूर्वी जानकी चक के कटाव विस्थापित परिवारों के पुनर्वास हेतु 5.49 एकड़ भूमि अपेक्षित है। उक्त कार्य हेतु ग्राम रहीमपुर इंगलिश, थाना नं0- 373/1, थाना-गोगरी, अंचल परबŸाा, जिला - खगड़िया में भिठ सिंचित खतियानी भूमि अर्जन हेतु चिह्नित किया गया है। उक्त भूमि का खाता संख्या-17 भूखंड संख्या-206 की 0.99 एकड़ तथा खाता संख्या - 14 भूखंड संख्या - 207 की 3.02 एकड़ एवं भूखण्ड संख्या - 208 की 1.48 एकड़ है। उक्त अधिघोषणा हितबद्ध व्यक्तियों की आपŸिायों को सुनने और अधिनियम संख्या - 30/2013 की धारा 15 में प्रदŸा यथा उपबंधित सम्यक् जांच के पश्चात् की गई है। यह भी जानकारी दी गयी है कि जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, खगड़िया के कार्यालय में किसी कार्य दिवस के दिन भूमि योजना का निरीक्षण किया जा सकता है।

बुधवार, 26 अक्तूबर 2016

सेवा क्षेत्र में काम करने वाले मतदाताओं के लिए ई-डाक मतदान प्रणाली

नई दिल्ली : भारत सरकार ने 21 अक्टूबर, 2016 को अधिसूचना जारी कर चुनाव नियमावली, 1961 के नियम 23 में संशोधन करते हुए सशस्त्र बलों के कर्मियों सहित सेवा क्षेत्र में काम करने वाले मतदाताओं को ई-डाक के जरिए मतदान करने की सुविधा प्रदान की है। इस प्रणाली के तहत उनको एक खाली डाक मतपत्र इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भेजा जाएगा। इस तरीके से डाक सेवा द्वारा मतपत्र भेजने और फिर मंगाने की प्रक्रिया में लगने वाले समय में काफी बचत होगी। दूर और सीमावर्ती क्षेत्रों में कार्यरत खासकर सशस्त्र बलों के कर्मियों को काफी फायदा होगा, क्योंकि डाक सेवाओं द्वारा मतपत्र को दो तरह से संचरण (भेजने-लाने) की वर्तमान प्रणाली मतदाताओं की अपेक्षाओं को पूरा करने में सक्षम नहीं थी।
दूर और सीमावर्ती क्षेत्रों में कार्यरत खासकर सशस्त्र बलों के कर्मियों को जिस तरह की कठिनाइयां और मुसीबतें झेलनी पड़ती थी, हालिया समय में सरकार का ध्यान इस ओर गया। नीला गोखले बनाम भारत सरकार और एएनआर (रिट याचिका सं 1005/2013) के द्वारा यह मामला माननीय उच्चतम न्यायालय में भी गया, जिसके जरिए ये मांग की गई कि सशस्त्र बलों के कर्मियों (एएफपी) और उनके परिवार के सदस्यों को मत देने की प्रक्रिया को और सुलभ बनाने के लिए कोई प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए।
उपरोक्त आलोक में सरकार ने दूर और सीमावर्ती क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए मतदान की प्रक्रिया में सुगमता लाने हेतु चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया। तब चुनाव आयोग की तकनीकी टीम के एक प्रणाली विकसित की, जिसमें खाली डाक मतपत्र इलेक्ट्रॉनिक रूप से अर्थात् ई-डाक मतपत्र मतदाता को भेजा जा सकता है। वैसे मतदाता जो पोस्टल मतपत्र के योग्य हैं, डाक मतपत्र को डाउनलोड कर मुद्रित (प्रिंट) कर सकते हैं।
वर्तमान के पोस्टल मतदान प्रणाली में डाक मतपत्र में अपना वोट दर्ज करने के बाद फिर डाक के जरिए ही हम उसे संबंधित निर्वाचन अधिकारी को भेज देते थे। चुनाव आयोग ने यह प्रस्ताव किया कि चुनाव नियमावली, 1961 के नियम 18 में उल्लेखित मतदाता ई-डाक मतपत्र प्रणाली के योग्य हो सकते हैं। हालांकि, भारत सरकार ने 21 अक्टूबर, 2016 को अधिसूचना जारी कर चुनाव नियमावली, 1961 के नियम 23 में संशोधन करते हुए प्रारंभिक तौर पर (अ) भारत सरकार के सशस्त्र बलों के कर्मियों (ब) सेना अधिनियम, 1950 के प्रावधानों तहत आने वाले अन्य बलों के कर्मी (स) राज्य के बाहर काम कर रहे राज्यों के सशस्त्र बलों के कर्मी और (द) भारत से बाहर भारत सरकार के अधीन कार्यरत कर्मियों के लिए यह सेवा शुरू की गई है। दो-तरफा इलेक्ट्रॉनिक संचरण सुरक्षा और गोपनीयता कारणों से निर्वाचन आयोग द्वारा अनुशंसित नहीं किया गया है।
खाली डाक मतपत्र का एक तरफ से इलेक्ट्रॉनिक संचरण मतगणना की तय तारीख से निर्वाचन अधिकारी तक मत देने के बाद मतपत्र की डाक से प्राप्ति में लगने वाले समय में कटौती करेगा। मुख्य रूप से दूर और सीमावर्ती क्षेत्रों में कार्यरत खासकर सशस्त्र बलों के कर्मियों को काफी लाभ मिलेगा। इस अधिसूचना के जारी होने से कर्मियों खासकर सशस्त्र बलों के कर्मियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया गया है।

फ्रांस ने भारत के शहरी विकास की प्रशंसा की

 संक्षिप्त खबरें 
नई दिल्ली : फ्रांस ने जलवायु परिवर्तन संबंधी चिंताओं को नए शहरी क्षेत्र मिशनों से जोड़ने के लिए उठाए गए कदमों की प्रशंसा की। शहरी विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडु और भारत के दौरे पर आए फ्रांस के उद्योग मंत्री अलेक्जेंडर जीग्लर ने बैठक में दोनों देशों के बीच नए शहरी मिशन और संभावित क्षेत्रों में सहयोग के लिए विस्तृत बातचीत की।
वेंकैया नायडू ने कहा कि स्थायी और जलवायु के अनुकूल शहरी योजना पिछले दो वर्षों में सरकार द्वारा शुरू किए गए नए शहरी मिशन में मील का पत्थर बन गई है। उन्होंने बताया कि विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन और गैर मोटर चालित परिवहन, प्रौद्योगिकी पर आधारित सुगढ़ परिवहन व्यवस्था, पर्याप्त पानी और दुर्लभ संसाधनों के संरक्षण के लिए ऊर्जा प्रबंधन, सौर ऊर्जा जैसे ऊर्जा के नए और नवीकरणीय स्रोतों पर ध्यान देना, हरित निर्माण, खुले और हरे क्षेत्रों का विकास, ठोस अपशिष्ट का खाद और ऊर्जा में रूपांतरण, बड़े पैमाने पर पानी के पुराने पंपों की जगह नए ऊर्जा सक्षम सेटों को लगाना आदि, जलवायु अनुकूल कुछ पहलें या कदम हैं, जो शहरी कायाकल्प के लिए शुरू किए गए नए शहरी मिशन के तहत उठाए गए हैं।
पेरिस में कोप-21 करार करने में भारत की सक्रिय भूमिका की सराहना करते हुए अलेक्जेंडर जीग्लर ने कहा कि ये प्रयास जलवायु परिवर्तन की चिंताओं के समाधान के लिए देश की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शहरों में सुधार के लिए भारत सरकार की पहल ‘शहरी कायाकल्प’ उपयुक्त शब्द है।
अलेक्जेंडर जीग्लर ने कहा कि फ्रांस को बड़े पैमाने पर भारत में नए शहरी क्षेत्र की पहलों को लागू करने में सहायता के लिए आवश्यक विशेषज्ञता हासिल है। फ्रांस ने पहले से ही चंडीगढ़, नागपुर और पुडुचेरी के स्मार्ट सिटी के रूप में विकास के लिए सहायता के लिए समझौते पर हस्ताक्षर कर लिए हैं। उन्होंने बताया कि एक फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल सहयोग के अवसरों की खोज के लिए आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती का 30 नवंबर, 2016 को दौरा करेगा।

‘स्कूलों में खेलों को अनिवार्य विषय बनाया जाए’

नई दिल्ली : युवा मामलों और खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विजय गोयल ने कहा कि खेलों को वांछित अहमियत देने के लिए यह जरूरी है कि खेलों को स्कूलों में अनिवार्य विषय बना दिया जाए और छात्रों को खेलों में उनकी भागीदारी के अनुसार उन्हें नंबर भी दिए जाएं। केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड की 64वीं बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों में बढ़ रही मधुमेह और अन्य संक्रामक बीमारियों से भी उन्हें बचाना जरूरी है। मंत्री ने कहा कि खेलों के पूरी क्षमताओं को जानने के लिए जरूरी है कि हम बिना कोई देरी किए शैक्षणिक संस्थाओं में इसको प्रोत्साहन देने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।
श्री गोयल ने जोर दिया कि हर शैक्षणिक संस्था में खेल का मैदान और खेलों की बुनियादी सुविधाएं जरूर होनी चाहिए। जिन संस्थाओं में ये सुविधाएं नहीं हैं, उनको नजदीक की संस्थाओं से जुड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर स्कूल में शारीरिक शिक्षा टीचर होने चाहिए। खेल कोटे से प्रवेश पाने वालों, परीक्षाओं में उपस्थिति से खिलाड़ियों को राहत आदि मानक दिशा-निर्देश तैयार किए जाने चाहिए।

छठ के पूर्व गंगा घाटों का निरीक्षण

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने छठ महापर्व के पूर्व छठ घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टीमर से नासरीगंज से दीदारगंज घाट तक गंगा घाटों का निरीक्षण किया और घाटों की सफाई, सुरक्षा एवं स्वच्छता के संबंध में पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये।
छठ घाटों के निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि छठ महापर्व के पूर्व घाटों की स्थिति को देखने और छठ घाटों को सुगम एवं स्वच्छ बनाने की कोशिश जिला प्रशासन एवं पटना नगर निगम के द्वारा किया जाता है, उसकी समीक्षा करने के लिये हम आते रहे हैं और जहां कहीं कमी होती है, उसे दूर करने के लिये सुझाव देता रहा हूं तथा उस पर तेजी से अमल किया जाता है। अब तक छठ घाटों की स्थिति ठीक रही है। इस वर्ष गंगा का जलस्तर ऊंचा है, क्योंकि इस वर्ष जलस्तर काफी बढ़ा तथा पुराने सभी रिकाॅर्ड तोड़ दिये। अभी भी जलस्तर पिछले वर्षों की तुलना में काफी ज्यादा है, वैसी स्थिति में छठ घाटों को सुरक्षा के दृष्टिकोण से अधिक कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुये हमने आज निरीक्षण का कार्यक्रम रखा, क्योंकि मुझे लगा कि जलस्तर ऊंचा होने के कारण मेरे दृष्टिकोण से कुछ खास सुझाव देने होंगे तो दे पायेंगे।
उन्होंने कहा कि सब जगह काम हो रहा है। काम की गति और तेज की जायेगी। जितने भी घाटों पर सरकार की ओर से पक्का निर्माण हुआ है, वैसे निर्माण कार्य पूरे होने के कगार पर है और कम से कम बारह जगहों पर निर्माण कार्य छठ के पूर्व पूर्ण हो जायेगा। उन्होंने कहा कि बाकी जगहों पर जहां कहीं भी श्रद्धालू भारी संख्या में अघ्र्य देने के लिये आते हैं, उन्हें अघ्र्य देने में असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि छठव्रती के अतिरिक्त दूसरे परिवार के जो श्रद्धालू आते हैं, इसके कारण होने वाली भीड़ को देखते हुये आवागमन को भी दुरूस्त रखना हेागा। इन सब बातों को देखना होगा और उसके लिये कई सुझाव दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई जगह खतरनाक घाट हैं, उसके पीछे तालाब का निर्माण और उसमें गंगा नदी का जल पम्प के द्वारा दिया जा सकता है। कई जगह तो चैनल एवं पाइप के जरिये भी दिया जा सकता है। दानापुर से दीदारगंज तक सभी घाटों को हमलोगों ने देखा है। सभी तैयारी चल रही है और ठीक ढ़ंग से तैयारी हो रही है। बुडको, नगर निगम, जल संसाधन विभाग, पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, नगर विकास विभाग, सब अपना-अपना कार्य कर रहे हैं। छठ व्रत के दिन पूरे तौर पर बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित होगी और लोगों को असुविधा न हो, इसके लिये क्राउड मैनेजमेंट के लिये पुलिस एवं प्रशासन सजग है और उसकी पूरी तैयारी चल रही है।

सोमवार, 24 अक्तूबर 2016

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने “उड़ान” लॉन्च की

नई दिल्ली : नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने छोटे शहरों के साधारण जन की हवाई यात्रा का सपना पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नागरिक उडड्यन मंत्री पी. अशोक गजपति राजू ने नई दिल्ली में मंत्रालय की बहुप्रतीक्षित क्षेत्रीय कनेक्टविटी योजना “उड़ान” लॉच की। उड़ान क्षेत्रीय उड्डयन बाजार विकसित करने के लिए एक नवाचारी योजना है। यह बाजार आधारित व्यवस्था है, जिसमें एयरलाइन्स सीटों की सब्सिडी के लिए बोली लगाएंगी। यह विश्व की अपने किस्म की पहली योजना है, जो क्षेत्रीय हवाई मार्गों पर किफायती और आर्थिक रूप से व्यावहारिक उड़ानें प्रस्तुत करेंगी और इससे छोटे शहरों के साधारण व्यक्ति को किफायती दर पर हवाई सेवा की सुविधा मिलेगी।
इस अवसर पर श्री राजू ने आशा व्यक्त की कि योजना के अंतर्गत अगले वर्ष जनवरी में पहली उड़ान भरी जाएगी। उन्होंने बताया कि हितधारकों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद योजना तैयार की गयी है। उन्होंने इस योजना को सफल बनाने की अपील की।
इस अवसर पर नागरिक उडड्यन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य “उड़े देश का आम नागरिक” है। उन्होंने कहा कि यह योजना रियायत, कनेक्टविटी और विकास सुनिश्चित करती है। इसमें सभी हितधारकों का लाभ होगा। नागरिकों को रियायत, कनेक्टविटी और अधिक रोजगार मिलेंगे। केंद्र क्षेत्रीय वायु संपर्क और बाजार का विस्तार करने में सक्षम होगा। राज्य सरकारें दूर-दराज के क्षेत्रों का लाभ उठाएंगी। व्यापार बढेगा और वाणिज्य तथा पर्यटन का विकास होगा। सेवा प्रदान कर रही एयरलाइंसों के लिए नए मार्ग और अधिक यात्री मिलेंगे। यह योजना स्टार्ट-अप एयरलाइंस को नए कारोबार का अवसर प्रदान करेगी।
उड़ान योजना में सेवा रहित और क्षमता से कम सेवा वाले देश के हवाई अड्डों को वर्तमान हवाई पट्टियों तथा हवाई अड्डों का पुनर्रोद्धार कर कनेक्टविटी प्रदान करना है। यह योजना 10 वर्षों के लिए होगी।
उड़ान क्षेत्रीय कनेक्टविटी विकसित करने के लिए अनूठा बाजार आधारित मॉडल है। रुचि रखने वाली एयरलाइंस तथा हेलीकॉप्टर ऑपरेटर योजना लागू करने वाली एजेंसी को प्रस्ताव प्रस्तुत करके अभी तक संपर्क से नहीं जुड़े मार्गों पर संचालन शुरू कर सकते हैं। ऑपरेटर विभिन्न रियायतें प्राप्त करने के अतिरिक्त संभाव्यता अंतर राशि पूर्ति चाहेंगे। ऐसे सभी मार्ग प्रस्तावों को उल्टी बोली व्यवस्था के माध्यम से स्पर्धी बोली लगाने की पेशकश की जाएगी और मार्ग अधिकार उस ऑपरेटर को मिलेगा, जिसकी बोली प्रति सीट न्यूनतम वीजीएफ की होगी। मूल प्रस्ताव प्रस्तुत करने वाले ऑपरेटर हों, यदि उसकी मौलिक बोली सबसे कम बोली के 10 प्रतिशत के अंदर है, तो उसे सबसे कम बोली को बराबर करने में इंकार का पहला अधिकार मिलेगा। सफल बोली लगाने वाले को तीन वर्ष की अवधि के लिए मार्ग संचालन का विशेष अधिकार प्राप्त होगा। तीन साल की अवधि के बाद यह समर्थन वापस ले लिया जाएगा, क्योंकि तब तक मार्ग स्वयं में सक्षम हो जाएगा।
विमान सेवा में चयनित एयरलाइन ऑपरेटर को न्यूनतम 9 और अधिकतम 40 उड़ान सीटें सब्सिडी दरों पर देनी होंगी और हैलीकॉप्टर के लिए न्यूनतम 5 और अधिकतम 13 सीटें सब्सिडी दर पर देनी होंगी। ऐसे प्रत्येक मार्ग पर विमान सेवा की गति प्रति सप्ताह न्यूनतम 3 और अधिकतम 7 प्रस्थान सेवा होगी। आर्थिक और विमान की उपयोग क्षमता को हासिल करने के लिए योजना के तहत मार्ग नेटवर्कों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
विमान से 500 किलोमीटर की एक घंटे की यात्रा तथा हैलीकॉप्टर से 30 मिनट की यात्रा के लिए किराये की सीमा 2,500 रुपये होगी।
इसे हासिल करने का जरिया होगा (1) केंद्र व राज्य सरकारों और एयरपोर्ट ऑपरेटरों से मिली रियायतों के रूप में एक वित्तीय प्रोत्साहन, और (2) ऐसे हवाई हड्डों से संचालन शुरू करने में दिलचस्पी रखने वाली विमान सेवाओं के लिए व्यवहार्यता अंतर राशि ताकि यात्री किरायों को सस्ता रखा जा सके।
घटे हुए उत्पाद शुल्क, सेवा कर, नॉन-आरसीएस (उड़ान) सीटों के बदले एएसकेएम के लेने-देने की अनुमति और आरसीएस (उड़ान) हवाई अड्डों पर कोड साझा करने के लचीलेपन के रूप में केंद्र सरकार छूट प्रदान करेगी।
राज्य सरकारों को एटीएफ पर मूल्य वर्धित कर यानी वैट 1 प्रतिशत या उससे भी करना होगा। इसके साथ ही उन्हें सुरक्षा और अग्निशमन सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध करवानी होगी। उन्हें बिजली, पानी और अन्य सुविधाएं काफी रियायती दरों पर प्रदान करनी होगी।
रूट नैविगेशन के सुविधा शुल्क पर छूट के साथ हवाई अड्डा संचालक, लैंडिंग और पार्किंग प्रभार और टर्मिनल नैविगेशन लैंडिग प्रभार नहीं लागू करेंगे। इस योजना के अंतर्गत व्यवहार्यता अंतर राशि की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक क्षेत्रीय संपर्क कोष बनाया जाएगा। कुछ घरेलू उड़ानों पर प्रति प्रस्थान आरसीएफ कर लागू किया जाएगा।
भागीदार राज्य सरकारें (इनमें पूर्वोत्तर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल नहीं हैं, जिनका योगदान 10 प्रतिशत होगा) इस कोष के लिए 20 प्रतिशत हिस्से का योगदान देगी। संतुलित क्षेत्रीय विकास के लिए इस योजना के तहत आवंटन देश के पांच भौगोलिक क्षेत्रों में समान रूप में किया जाएगा। वे क्षेत्र हैं - उत्तर, पश्चिम, दक्षिण, पूर्व और उत्तर-पूर्व।
इस योजना के अंतर्गत राज्यों की एक महत्वपूर्ण भूमिका है। उड़ान योजना का संचालन जिन हवाई अड्डों से शुरू किया जाएगा, उनका चयन राज्य सरकार के साथ विचार-विमर्श करके और उनकी रियायतों की पुष्टि के बाद ही किया जाएगा। ज्ञात हो कि अधिकांश राज्यों की यह मांग लंबे समय से रही है कि बेकार हवाई अड्डों का पुनरुद्धार हो और गैर-सेवा वाले हवाई अड्डों पर संचालन शुरू किया जाए और उड़ान योजना के जरिए मोटे तौर पर इसे संबोधित किया जाएगा।
देश के भीतरी प्रदेशों में पर्यटन और रोजगार निर्माण को प्रमुख गति देने का काम उड़ान करेगी। हैलीकॉप्टरों और छोटे विमानों को लाने के माध्यम से ऐसा लग रहा है कि काफी दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों, द्वीपों और देश के अन्य क्षेत्रों में यात्रा में लगने वाला समय काफी घट जाएगा।

बुधवार, 19 अक्तूबर 2016

तीन पनबिजली परियोजना राष्ट्र को समर्पित

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के मंडी में एनटीपीसी के 800 मेगावाट के कोलदाम जल विद्युत घर, एनएचपीसी की 520 मेगावाट की पार्वती परियोजना और एसजेवीएनएल के 412 मेगावाट के रामपुर ताप बिजली घर को राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीर भद्र सिंह, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय विद्युत, कोयला, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा, तथा खान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। 
देश के विकास में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के योगदान की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इन जल विद्युत परियोजनाओं से हिमाचल प्रदेश और देश के अन्य भागों में समृद्धि आएगी। 
एचएचपीसी की पार्वती 3 परियोजना नदी योजना .संचालित है और इसमें 43 मीटर ऊंचा रॉकफिल बांध है, बिजली घर भूमिगत है और इसमें 10.58 किमी लंबी जल कंडक्टर प्रणाली है। 520 मेगावाट (4.130 मेगावाट) स्थापित क्षमता के साथ चार वर्टिकल फ्रैंसिस टरबाइनों को चलाने के लिए 326 मीटर के कुल सिरे का उपयोग किया गया है। इस विद्युत परियोजना से सालाना 1963.29 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन होगा। पार्वती 3 परियोजना से हिमाचल प्रदेश, जम्मू तथा कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान तथा केंद्र शासित क्षेत्र चंडीगढ़ लाभान्वित होंगे। यह विद्युत घर 13 प्रतिशत बिजली निःशुल्क गृह राज्य को सप्लाई करता है। 13 प्रतिशत में 12 प्रतिशत हिस्सा गृह राज्य का और 1 प्रतिशत स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के लिए है। परियोजना की पूर्णता लागत लगभग 2600 करोड़ रुपये है और 30 सितम्बर, 2016 तक 816 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति के साथ कुल 1880 एमयू बिजली उत्पादन हुआ है।
200 मेगावाट की चार इकाइयों में उत्पादन शुरु होने के साथ एनटीपीसी की कोलदाम परियोजना ने 800 मेगावाट की क्षमता हासिल कर ली है और यह उत्तरी ग्रिड को शीर्ष क्षमता प्रदान कर रही है। 90 प्रतिशत निर्भरता वर्ष आधार पर इस परियोजना से 3054 जीडब्ल्यूएच बिजली उत्पादन होगा। कोलदाम में उत्पादित 12 प्रतिशत बिजली गृह राज्य हिमाचल प्रदेश को निःशुल्क दी जाएगी और 1 प्रतिशत बिजली स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के लिए दी जाएगी। परियोजना से प्रभावित सभी परिवारों को हर महीने 100 यूनिट बिजली निःशुल्क दी जाएगी जो कि यह कुल उत्पादन का 0.62 प्रतिशत है। इस तरह संयंत्र से उत्पादित कुल 13.62 प्रतिशत बिजली निःशुल्क हिमाचल प्रदेश को मिलेगी। शेष बिजली की आपूर्ति दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू तथा कश्मीर, उत्तराखंड तथा केंद्र शासित क्षेत्र चंडीगढ़ जैसे अन्य लाभार्थी राज्यों को की जाएगीा। कुल्लू जिले में एसजेवीएनएल की 412 मेगावाट की रामपुर जल विद्युत परियोजना नाथपा झाकरी जल विद्युत स्टेशन के साथ-साथ संचालित होगी। यह परियोजना गृह राज्य हिमाचल प्रदेश को 13 प्रतिशत बिजली निःशुल्क देगी।

सोमवार, 17 अक्तूबर 2016

‘दो वर्षों में भारत-पाक सीमा सील’

 संक्षिप्त खबरें 
नई दिल्ली : भारत सरकार ने निर्णय लिया है कि पाकिस्तान के साथ लगने वाली अंतर्राष्ट्रीय सीमा (आईबी) को वस्तुगत गैर वस्तुगत बैरियरों द्वारा दिसंबर, 2018 तक पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच 181.85 किलोमीटर की सीमा ऐसी है, जिसमें नदियों के तटवर्ती क्षेत्र, नाले, दलदल जैसी भौगोलिक बाधाओं के कारण वस्तुगत बैरियर संभव नहीं है। ऐसे क्षेत्रों में कैमरा, सैंसर, राडार, लेजर आदि जैसी अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जम्मू-कश्मीर, पंजाब और गुजरात पायलट के जरिये उपलब्ध इस तकनीक का परीक्षण कर रहा है। चंडीगढ़ में आयोजित क्षेत्रीय संपादक सम्मेलन के दौरान इस बात की घोषणा करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमा सुरक्षा एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है और भारत पाकिस्तान को छोड़कर सभी पड़ोसी देशों से सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए कूटनीतिक तौर पर बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की वजह से चीन से लगी सीमा पर अपराध की घटनाओं में काफी कमी आई है। राजनाथ सिंह ने सीमाओं को मित्रता, सक्रिय और समारिक सीमाओं के रूप में वर्गीकृत किया। 
हालिया सर्जिकल ऑपरेशन का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि यह पाकिस्तान के खिलाफ एक पूर्व नियोजित कार्रवाई थी और भारत की पाकिस्तान के लोगों के खिलाफ कोई दुर्भावना नहीं है। पाकिस्तान ने आतंकवाद को अपनी नीति बना लिया है और वह आतंकवादियों को शरण दे रहा है। यही कारण है कि वह न केवल दक्षिण एशिया में अलग-थलग पड़ रहा है, बल्कि विश्व धरातल पर भी वह अलग-थलग पड़ चुका है। उन्होंने कहा कि भारत-पाक अधिकृत कश्मीर सहित पाकिस्तान के साथ आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को ‘आतंक की फैक्ट्री’ को बंद करना चाहिए। जिससे दक्षिण एशिया में विकास का दरवाजा खुलेगा और शांति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
पूर्वोत्तर में उग्रवाद की घटनाओं के बारे में बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार लगातार सभी समूहों के साथ बातचीत कर रही है और इस तरह की घटनाओं में कमी आई है। इसी प्रकार, वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं में भी तेजी से कमी आई है, क्योंकि विकास के मुद्दे के साथ सुरक्षाबलों की सख्त कार्रवाई के जरिये सरकार ने दो आयामी दृष्टिकोण अपनाए हैं। 
गृह मंत्री ने कहा कि मुम्बई हमले के बाद तटीय सुरक्षा को उच्च प्राथमिकता दी गई है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद तटीय सुरक्षा का तीसरा चरण बहुत जल्द ही सामने आ जाएगा। यह हमारी विशाल तटीय सेना की रक्षा के लिए मदद करेगा। इस बात की घोषणा करते हुए कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में शांति के लिए प्रतिबद्ध है, राजनाथ सिंह ने कहा कि जल्द ही राज्य में हालात सामान्य हो जायेंगे। मीडिया के एक प्रश्न का जवाब देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत में कट्टरता की बड़ी चुनौती नहीं है, क्योंकि लोग इस मुद्दे के प्रति बहुत समझदारी भरा दृष्टिकोण रखते हैं। 

‘मीडिया आत्म नियामक तंत्र विकसित करे’

नई दिल्ली : पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने कहा कि जनता से संबंधित मुद्दों की सही-सही तस्वीर सरकार के सामने प्रस्तुत करने के लिए मीडिया को आत्म नियामक तंत्र विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आम लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाने में मीडिया की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। मीडिया इन मुद्दों के समाधान में भी मदद कर सकता है। उन्होंने यह बात क्षेत्रीय संपादकों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहीं। पेड न्यूज की कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए बदनौर ने कहा कि इस बुराई को रोकने के लिए स्वयं मीडिया को आगे आना चाहिए। उन्होंने चंडीगढ़ में बुनियादी ढांचे और जन सुविधाओं में सुधार करने के लिए जनता से सुझाव आमंत्रित किये और उन्होंने कहा कि इन सुझावों को प्राप्त कराने में मीडिया को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
सम्मेलन में भाग ले रहे प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए पत्र सूचना कार्यालय के महानिदेशक एपी फ्रैंक नरोन्हा ने कहा कि सरकार अपने विकास के एजेंडे में मीडिया को एक महत्वपूर्ण हितधारक मानती है। मीडिया की एक मददकर्ता और प्रहरी के रूप में बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, ताकि विकास के लाभ जरूरतमंद तक वितरित किये जा सकें। उन्होंने कहा कि इस मीडिया, विशेष रूप से क्षेत्रीय मीडिया इस उपक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। उद्घाटन सत्र के दौरान गृह मंत्री राजनाथ सिंह और सांसद किरण खेर भी उपस्थित थे। सम्मेलन में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, असम, मेघालय, त्रिपुरा, मणिपुर, मिजोरम और चंडीगढ़ राज्यों के संपादक भाग ले रहे हैं।

सरकार मानव तस्करी निरोधक विधेयक जल्द संसद में लाएगी

नई दिल्ली : महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी ने कहा है कि सरकार मानव तस्करी निरोधक विधेयक जल्द ही संसद में लाएगी, जिसका मसौदा तैयार है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय द्वारा चंडीगढ़ में आयोजित क्षेत्रीय संपादकों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इस विधेयक को संसद के शीतकालीन अधिवेशन में लाने की कोशिश करेगी। इसमें तस्करी किये गये व्यक्तियों को मुक्त कराना, राहत प्रदान कराना और पुनः एकीकरण शामिल होंगे और इसके द्वारा पहली बार तस्करी करने वालों और तस्करी किये गये व्यक्तियों के बीच एक स्पष्ट अंतर आएगा। 
मेनका संजय गांधी ने देश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी। हाल ही में महिला और बाल विकास मंत्रालय ने पॉस्को ई-बॉक्स की शुरूआत की है, जिसपर बाल यौन अपराध या उत्पीड़न के शिकार बच्चे स्वयं या कोई अन्य व्यस्क व्यक्ति आसानी से इस बारे में अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। इस ई-बॉक्स पर अभी तक 81 शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। लापता बच्चों का पता लगाने के लिए एक और महत्वपूर्ण पहल खोया पाया पोर्टल में अभी तक लगभग 6000 गुमशुदा और भगोड़े बच्चों की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इस पोर्टल की शुरूआत पिछले साल की गई थी। भगोड़े व लापता बच्चों को रेलवे के सहयोग से विकसित विशेष संचालन प्रक्रियाओं के अधीन भी मदद दी जा रही है। मेनका गांधी ने बताया कि इस पहल के अधीन 13000 बच्चों की सहायता की जा चुकी है और परेशानी या संकट में फंसे बच्चों के बारे में रिपोर्ट करने के रेल के सभी डिब्बों में पोस्टर चिपकाये जा रहे हंै। 
सरकार द्वारा उठाई गई अन्य ऐतिहासिक पहलों में 01 जनवरी, 2017 से संकटग्रस्त महिलाओं के लिए सभी सेल फोन पर पैनिक बटन लगाना, मार्च, 2017 तक हिंसा से प्रभावित महिलाओं के लिए लगभग 170 वन स्टॉप केंद्रों की स्थापना, गिरते हुए बाल लिंग अनुपात को बदलने के लिए ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ नामक फ्लैगशिप कार्यक्रम की शुरूआत, पुलिस बल में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण और वृंदावन में 1000 विधवाओं के लिए एक बड़े घर का निर्माण करना आदि शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वैवाहिक वेबसाइटों के लिए दिशानिर्देश लागू किये जा रहे है, ताकि इनका दुरुपयोग रोका जा सकें। महिलाओं के लिए अपने उत्पाद बेचने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल महिला ई-हाट स्थापित किया गया है, जिसपर पिछले पहले छह महीनों में लगभग छह लाख रुपये के लेन-देन हुये हंै। महिलाओं को प्रशिक्षण के लिए स्टैप कार्यक्रम को पूरी तरह से बदल दिया गया है। महिला सरपंचों को सशक्त बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे पेशेवर रूप से ये गांवों का प्रशासन संभाल सकें। इसके अलावा स्कूलों में जैंडर चैम्पियन्स योजना की शुरूआत की गई है। 
सरकार आंगनवाड़ी प्रणाली में बड़ा बदलाव लाने के लिए पूरी तरह कार्य कर रही है, ताकि इसके तरीकों को इस प्रकार बदला जाए, जिससे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषण उपलब्ध कराया जा सके। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने यह भी कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए सरकार कामकाजी महिलाओं को छह महीने के अनिवार्य मातृत्व अवकाश देने के लिए कार्य कर रहा है, इसके लिए उनके मंत्रालय ने संशोधन पेश करने के लिए कदम उठाये है। सरकार देश में महिलाओं और बच्चों की स्थिति सुधारने के लिए सभी मोर्चों पर तेजी से आगे बढ़ रही है।

6.47 करोड़ रुपए मूल्य का 21 किलो सोना व 6.44 करोड़ रुपए का भारतीय मुद्रा जब्त

नई दिल्ली : वित्त मंत्रालय के राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की दिल्ली जोनल यूनिट (डीजेडयू) ने पुरानी दिल्ली इलाके की एक दुकान पर छापा मारकर 20.64 किलोग्राम सोना और 6.44 करोड़ रुपये की भारतीय मुद्रा जब्त की है। जब्त किये गये सोने का मूल्य लगभग 6.47 करोड़ है, जिसमें विदेशी मोहर लगी एक-एक किलोग्राम की 20 छड़ें शामिल हैं, जिनकी शुद्धता 995 है। छापे के दौरान तस्करी किये गये सोने की बिक्री से हुई 6.44 करोड़ रुपये की भारतीय मुद्रा भी प्राप्त हुई है। जब्ती माल का कुल मूल्य लगभग 12.91 करोड़ रुपये आंका गया है। इस सिलसिले में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
डीआरआई तस्करी और काले धन के खिलाफ अभियान चला रहा है और उसने हाल के दिनों में महत्वपूर्ण परिणाम हासिल किये है। डीआरआई की दिल्ली जोनल यूनिट पिछले महीने लगभग 7000 किलोग्राम सोने की तस्करी का पता लगाया था, जिसका कुल मूल्य लगभग 2,000 करोड़ रुपये आंका गया था तथा दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। इस गिरोह की मुख्य सरगने को विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी रोकथाम अधिनियम (कोफेपोसा) 1974 के तहत भी हिरासत में लिया गया है।

‘राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव 2016’ का शुभारंभ

 संक्षिप्त खबरें 
नई दिल्ली : संस्कृति मंत्रालय ने भारत की विरासत को बढ़ावा देने के प्रयासों को जारी रखते हुए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए), जनपथ, नई दिल्ली में 10 दिवसीय विविध सांस्कृतिक उत्सव ‘राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव-2016’ का आयोजन किया। इस समारोह का शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. महेश शर्मा, नगालैंड के राज्यपाल पद्मनाभा आचार्य भी मौजूद रहे। साथ ही संस्कृति मंत्रालय में सचिव एनके सिन्हा और संस्कृति मंत्रालय में ही संयुक्त सचिव एमएल श्रीवास्तव सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। शुभारंभ के मौके पर लगभग 400 कलाकारों ने लोक और जनजातीय सहित विभिन्न नृत्यकलाओं का प्रदर्शन किया। यह उत्सव 24 अक्टूबर, 2016 तक लोगों को भारत की संपन्न संस्कृति से जोड़े रखेगा।
इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारे देश में विविधता में ही एकता है और यही संस्कृति हम सभी को आपस में जोड़े रखती है। उन्होंने इस तरह के विशेष कार्यक्रम के आयोजन के लिए संस्कृति मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की, जिससे विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को अपनी प्रतिभा, कलाकृतियों और व्यंजनों को एक ही मंच पर प्रदर्शित करने का मौका मिलता है। संस्कृति मंत्रालय हमारी संपन्न सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने और देश को एकजुट बनाने में अहम भूमिका निभाता है।
डॉ. महेश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा, ‘हम आपको सांस्कृतिक उत्सव राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव 2016 में देखकर काफी खुश हैं, जिससे भारत की विरासत मजबूत होकर सामने आती है। यह कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों की कला, शिल्पकारों, नृतकों, हस्तकलाओं, विशिष्ट व्यंजनों और संगीत को एकसाथ लाया है, जिससे यह भारतीय संस्कृति का सबसे बड़ा कार्यक्रम बन गया है। जहां इस कार्यक्रम से देश में रहने वाले हमारी संपन्न संस्कृति के कई संप्रदायों के युवा एक-दूसरे से जुड़ गए हैं, वहीं इसने विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को अपनी प्रतिभा, कलाकृतियों और व्यंजनों को प्रदर्शित करने का मौका मिला है।’
इस अवसर पर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों द्वारा लाई ‘मांडू’ पर एक कॉफी टेबिल बुक और ‘बर्बरता’ पर एक डीवीडी का विमोचन भी किया गया। उत्सव के दौरान देश के विभिन्न शहरों और कस्बों के जनजातीय और लोक विविधता के साथ ही नृत्य, संगीत, नाटक, मनोरंजन और व्यंजनों की विविधता का प्रदर्शन किया जाता है। 24 एकड़ में फैले आईजीएनसीए कैंपस में 35 फूड स्टाल, लखनऊ की ‘मक्खन मलाई’, नगालैंड की ‘बैंबू शूट’, हरियाणा की जलेबा और कई अन्य व्यंजनों का प्रदर्शन करते हैं। इसके अलावा लोक, सामयिक, काल्पनिक कार्यों आदि का प्रदर्शन किया जाता है।
इस अवसर पर आईसीसीआर, विदेश मंत्रालय द्वारा प्रायोजित थाईलैंड से आए एक समूह द्वारा रावण द्वारा सीता के अपहरण का मंचन किया जा रहा है, जिस दृश्य में दर्शकों के सामने गोदावरी नदी के तट पर रामायण का मंचन किया गया। इस उत्सव में फोटो प्रदर्शनी के साथ ही हस्तकौशल और कला के विभिन्न रूपों के माध्यम से भारत की संपन्न धरोहर का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही यहां आए मेहमानों हस्तकलाओं, व्यंजनों, रंगोली चित्रकारी, मूर्तिकला, फोटोग्राफी और पोंग चोलम नृत्य (मणिपुर) और युद्ध नृत्य (नगालैंड) जैसे लोक नृत्यों का एक ही जगह पर प्रदर्शन किया गया।

राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव 2016 की विशेषताएं

नई दिल्ली : संस्कृति मंत्रालय 15 से 25 अक्टूबर, 2016 तक आईजीएनसीए परिसर, जनपथ नई दिल्ली में राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव (आरएसएम) 2016 का आयोजन कर रहा है। इस महोत्सव की कल्पना वर्ष 2015 में संस्कृति मंत्रालय द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य सभी समृद्ध और विविध आयामों जैसे - हस्तशिल्प, भोजन, चित्रकला, मूर्तिकला, फोटोग्राफी, प्रलेखन और लोककला आदिवासी और समकालीन अभिव्यक्ति आदि का एक ही स्थान पर प्रदर्शन करना था। मंत्रालय के सभी 7 क्षेत्रीय केन्द्रों को दिल्ली और देश के विभिन्न शहरों में एक भारत, श्रेष्ठ भारत के नारे के बैनर के तहत यह महोत्सव आयोजित करने का कार्य सौंपा गया है।
देश के सभी सात सांस्कृतिक केन्द्रों के साथ-साथ अकादमियों और आईजीएनसीए द्वारा एक शिल्प हॉट बनाई जाएगी, जिसमें बनाये जाने वाले मंडपों को आंगन कहा जाता है। कुशल और दक्ष कारीगरों द्वारा अपने शिल्प के आधार पर बर्तनों बनाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया जाएगा। आगंनों को दक्ष और परंपरागत चित्रकारों तथा मूर्तिकारों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रीय केन्द्रों की शैली में सजाया जाएगा। इसके साथ-साथ दो फोटो प्रदर्शनियों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। पहली प्रदर्शनी ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व के स्थानों की बरबर्ता पर आधारित है। इसमें गुमराह और असंवेदनशील लोगों द्वारा की जा रही हानिकारक गतिविधियों की ओर जनता का ध्यान आकर्षित किया जा सके, क्योंकि ऐसी गतिविधियों से राष्ट्रीय विरासत को अपूर्णीय क्षति पहुंचती है। यह प्रदर्शनी प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत अभियान का एक हिस्सा है, जिसमें इस अभियान के आयामों पर ध्यान केन्द्रित किया गया है। दूसरी प्रदर्शनी अभी हाल में समाप्त सिंहस्थ कुम्भ मेले पर आधारित होगी, जिसमें राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना में इसके महत्व के साथ-साथ इसकी भव्यता और वैभव का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
बहरूपिया, बाजीगर, कच्ची घोड़ी जैसी लोक कलाओं के पारंपरिक कलाकार पूरे दिन अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे, जिसका शिल्प हॉट और अन्य परिसरों में आयोजन किया जाएगा। इन कलाकारों को मैदानी कलाकारों के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि ये बिना किसी मंच के खुले में भी अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं।
एक फूड कोर्ट भी स्थापित किया जाएगा, जिसमें देश के विभिन्न भागों के पारंपरिक व्यंजनों द्वारा दर्शकों की खातिरदारी की जाएगी, ताकि उन्हें अच्छी पाक कला का अनुभव हो सके। एक खुली हवा मंच क्षेत्र में भव्य मंच बनाया जाएगा, जहां राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकार शाम को छह बजे से रात दस बजे तक अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। शिल्प हॉट क्षेत्र में एक सहायक मंच भी बनाया जाएगा, जिसमें शहर के छात्र और विभिन्न सांस्कृतिक समूह अपने कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। इस मंच पर ‘मुझे भी कुछ कहना है’ नामक कार्यक्रम प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें कलाकारों को अपनी प्रतिभा का बड़ी संख्या में दर्शकों के सामने अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा।

भारतीय रेशम की ब्रांडिंग करने की आवश्यकता : स्मृति

नई दिल्ली : केन्द्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने कहा है कि भारत और विदेशों में भारतीय रेशम की ब्रांडिंग करने की तत्काल आवश्यकता है, ताकि ब्रांडेड उत्पाद और अधिक विदेशी खरीदारों को आकर्षित कर सके और इससे बेहतर कीमत हासिल हो सके। मंत्री महोदया भारतीय रेशम निर्यात संवर्द्धन परिषद (आईएसईपीसी) की अग्रणी कार्यक्रम पांचवें अंतरराष्ट्रीय रेशम मेले के उद्घाटन के दौरान बोल रही थीं। इस मेले का आयोजन 15 से 17 अक्टूबर, 2016 तक राजधानी के प्रगति मैदान में किया गया है।
उन्होंने कहा कि रेशम उद्योग का भविष्य बहुत ही उज्ज्वल है। श्रीमती ईरानी ने लघु एवं मंझौले उद्योगों को एक प्लेटफाॅर्म उपलब्ध कराने तथा विदेशी खरीदारों के समक्ष उत्पादों के प्रदर्शन के लिए एक प्रदर्शनी का आयोजन करने के लिए परिषद की प्रशंसा की। इस अवसर पर कपड़ा राज्य मंत्री अजय टमटा विशेष अतिथि के रूप में, केन्द्रीय रेशम बोर्ड के अध्यक्ष केएम हनुमंतरायप्पा और भारतीय रेशम निर्यात संवर्द्धन परिषद के अध्यक्ष टीवी मारुति भी उपस्थित थे।
इस मेले में देश भर के अलग-अलग भागों से 110 भागीदार भाग ले रहे हैं। इस मेले में पोशाक, सामग्री, कारपेट साड़ी और आंतरिक सजावट की रेशम और रेशम मिश्रित रेशों से बनाई गई वस्तुओं का प्रदर्शन किया जा रहा है। मेले के पहले ही दिन एक सौ से अधिक विदेशी खरीदारों ने अपना पंजीकरण कराया है। जापान से 26 खरीदारों का एक प्रतिनिधिमंडल रेशम के धागे, सामान, पोशाक और फर्श की सजावट की वस्तुओं के लिए इस मेले में आया हुआ है। मेले में प्रदर्शित सामग्री खरीदारों के लिए विशेष आकर्षण के केंद्र बने हुए हैं। वे इनके बारे में पूछताछ कर रहे हैं और इनका ऑर्डर दे रहे हैं।
केन्द्रीय रेशम बोर्ड ने इस मौके पर ‘सॉइल टु सिल्क’ विषय पर भारतीय रेशम उद्योग के ‘विषयगत उभार’ कर्यक्रम का आयोजन किया है। इसमें दिखाया गया है कि शहतूत की पत्तियों में रेशम के कीड़े कैसे बढ़ते हैं और फिर ये कैसे कोया में परिवर्तित होते हैं। इसके बाद रेशम के धागा बनता है। इसके अलावा बोर्ड ने भारतीय रेशम के पोशाक, मलबरी रेशम, एरी रेशम तस्सर रेशम और मुगा रेशम जैसे विभिन्न उत्पादों का भी प्रदर्शन किया है। इस तीन दिनों के मेले में आईएसईपी करीब 50 मीलियन अमेरिकी डॉलर का कारोबार होने की उम्मीद कर रही है।

गुरुवार, 13 अक्तूबर 2016

रूपा गांगुली राज्यसभा के लिए मनोनीत

 संक्षिप्त खबरें 
नई दिल्ली : भारत के संविधान के अनुच्छेद 80 की धारा 3 के साथ पठित अनुच्छेद की धारा-1 की उपधारा (ए) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए राष्ट्रपति ने मनोनीत सदस्य की रिक्ति भरने के लिए रूपा गांगुली को राज्यसभा में मनोनीत किया है।

ई-नाम से 250 मंडियां जुड़ी

नई दिल्ली : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) के पहले चरण को सफलतापूर्वक पूरा करने की घोषणा की और ई-नाम मोबाइल एप लांच किया। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री परषोत्तम रुपाला उपस्थित रहे। 
इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय कृषि बाजार कृषि उत्पाद की पारदर्शी और कार्य कुशल खरीद और बिक्री के लिए अखिल भारतीय इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल है। ई-नाम के सफल कार्यान्वयन हेतु भारत सरकार राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों को अवसंरचनात्मक ढांचा जैसे हार्डवेयर, गुणवत्ता परिक्षण लैब इत्यादि के लिए एकमुश्त राशि 30 लाख रुपये तक प्रति मंडी की दर से उपलब्ध करा रही है। इसके अतिरिक्त ई-नाम का मुफ्त सॉफ्टवेयर एवं सहायता हेतु एक वर्ष के लिए एक आईटी एक्सपर्ट (मंडी एनालिस्ट) भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
8 राज्यों की  21 जोड़ 2 मंडियों में पायलट के रूप में 14 अप्रैल, 2016 को योजना शुरू की गई थी। 30 सितम्बर, 2016 तक 200 मंडियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था। मुझे यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि पायलट चरण में आए अधिकतर कार्यान्वयन मुद्दों का समाधान कर लिया गया है तथा अबतक 10 राज्यों के 250 मंडियों में  ई-नाम प्लेटफाॅर्म शुरू हो चुका है {आंध्र प्रदेश (12), छत्तीसगढ़ (05), गुजरात (40), हरियाणा (36), हिमाचल प्रदेश (07), झारखंड (08), मध्य प्रदेश (20), राजस्थान (11), तेलंगाना (44), उत्तर प्रदेश (67)}। अबतक 14 राज्यों से 399 मंडियों को ई-नाम से जोड़ने हेतु प्रस्ताव प्राप्त हुए है - इन सभी को स्वीकृति प्रदान कर दी गयी है।

नहर सेवा पथ पक्कीकरण हेतु रुपये स्वीकृत

पटना : जल संसाधन विभाग, पटना से प्राप्त सूचनानुसार, पटना मुख्य नहर के बलिदाद लाॅक 36 मील (57.6 किमी) से भुसौला पुल 76.31 मील (122.10 किमी) कुल लंबाई 64.50 किमी तक नहर सेवा पथ का पक्कीकरण कार्य हेतु एक सौ सड़सठ करोड़ छिहŸार लाख पचासी हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हो गयी है। उक्त कार्य के लिए नियंत्री पदाधिकारी मुख्य अभियंता, सिंचाई सृजन, जल संसाधन विभाग, औरंगाबाद/अधीक्षण अभियंता, सोन उच्चस्तरीय नहर, औरंगाबाद होंगे तथा राशि की निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, सोन नहर प्रमंडल, खगौल द्वारा होगी। निर्माण कार्य के कार्यान्वयन की समय सीमा अगस्त 2018 है।

सिंचाई योजना के निर्माण कार्य हेतु रुपये स्वीकृत

पटना : जल संसाधन विभाग, पटना से प्राप्त सूचनानुसार, दुर्गावती बायां मुख्य नहर के 1.70 विदु से निःसृत उद्वह सिंचाई योजना के निर्माण कार्य की प्राक्कलित राशि 996.93 लाख रुपये की प्रशासनिक एवं व्यय की स्वीकृति दी गयी है। उक्त कार्य के लिए नियंत्री पदाधिकारी मुख्य अभियंता, सिंचाई सृजन, जल संसाधन विभाग, डिहरी/अधीक्षण अभियंता, दुर्गावती निर्माण अंचल, भीतरीबांध होंगे तथा राशि की निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, दुर्गावती बायां तट नहर प्रमण्डल, भीतरीबांध होंगे। निर्माण कार्य के कार्यान्वयन की समय सीमा मार्च 2018 है।

सभी प्रखंडों में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खुलेंगे : मुख्यमंत्री

देवघर : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य के युवाओं को हुनरमंद तथा उनके कौशल विकास हेतु सभी प्रखण्डों में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खुलेगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राज्य में अबतक 32 नये औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोलने की स्वीकृति दे दी है। पूर्व में इसकी संख्या मात्र 14 थी। वे पिछले दिनों देवघर जिले के मधुपुर के चेतनारी गांव में स्थापित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के नये सत्र का उदघाट्न कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पांच औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान यथा महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, देवघर, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, विद्यासागर, सरैयाहाट, जरमुण्डी एवं सुन्दरपहाड़ी के नये सत्र भी का आॅनलाईन उद्घाटन किया।
श्री दास ने कहा कि अप्रवासी भारतीय उद्योगपति झारखण्ड आना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए हमें युवाओं को हुनरमंद बनाना होगा; ताकि उनका उपयुक्त नियोजन हो सके। उन्होंने लोगों को राज्य में शक्ति विश्वविद्यालय खोले जाने की जानकारी देते हुए कहा कि इसके माध्यम से राज्य में हुनरमंद मानव संसाधन को विकसित किया जायेगा। राज्य के युवाओं को विशेष विद्यालय दक्ष करेगी, ताकि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में राज्य के युवा अपनी प्रतिभा दिखाकर राज्य को आगे ले जा सकें। झारखण्ड औद्योगिक सुरक्षा बल का गठन जल्द होगा। इसके माध्यम से प्रशिक्षित कुशल मानव संसाधन की राज्य मंे स्थापित प्रतिष्ठानों मंे सरुक्षा बल के रूप में होगी।  साथ ही बतलाया कि जिनका नियोजन नहीं होता है, वैसे कुशल कामगारों के लिए ‘मुद्रा बैंक योजना’ से परिसम्पति उपलब्ध करायी जायेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘‘सबका साथ सबका विकास’’ के नारा को साकार करने के लिए सभी को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु या तो सीएसआर या पीपीपी मोड पर भी औद्योगिक ईकाईयों का या अन्य जनोपयोगी आवश्यक संस्थानों का संस्थापन किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने समाज के हर वर्ग एवं तबके के विकास पर जोर देते हुए कहा कि स्त्री-पुरुष विकास की गाड़ी के दो पहिए हैं, तो हिन्दु-मुस्लिम सरकार के दो नेत्र हैं। मुख्यमंत्री द्वारा महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए ‘‘पहले पढ़ाई तब विदाई’’ के तहत् सभी बच्चियों की पढ़ाई पर ध्यान देने का अनुरोध करते हुए अल्पायु में बच्चियों की शादी नहीं करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर स्वयं सहायता समूहों से जुड़े महिलाओं का राज्य के विकास में अहम् भूमिका हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने गांधी जयंती से प्रारंभ विशेष ग्राम सभा में लोगों से सक्रियता से भाग लेने का अनुरोध सबों से किया, ताकि बापू के ग्राम स्वराज का सपना पूर्ण हो सके तथा सुराज से स्वराज की प्राप्ति के तहत ग्राम स्तर से ही भारत के विकसित राष्ट्र की परिकल्पना साकार। उन्होंने कहा कि कई विद्यालयों में अभी भी फर्नीचरों की कमी है। इस कमी को दूर करने हेतु सरकार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री द्वारा सड़क सुरक्षा के संदर्भ में भी सभी को सचेत करते हुए ट्रैफिक नियमों का पालन करने तथा अनिवार्य रूप से हेलमेट एवं सीट बेल्ट लगाने का अनुरोध किया तथा बतलाया कि नियम बना दिया गया है कि अब से जो चालक बिना सीट बेल्ट के लगातार तीन बार पकडे़ जायेंगे, उनका लाईसेंस रद्द कर दिया जायेगा। 
इस अवसर पर कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने आौद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के उद्घाटन पर मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार गरीबी उन्मूलन के लिए सतत् प्रयत्नशील है तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान ही नहीं, अपितु नये एवं बंद पड़े कृषि एवं पशुपालन काॅलेजों के खोले जाने के प्रति सरकार लगातार कार्य कर रही है। विधायक नारायण दास ने मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में हो रहे समावेशी विकास की प्रशंसा की। राजपलिवार श्रम नियोजन प्रशिक्षण एवं कौशल विकास मंत्री ने मुख्यमंत्री के मधुपुर आगमन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया तथा मधुपुर में जलापूर्ति योजना एवं महिला महाविद्यालय खोले जाने की मांग की ।
प्रधान सचिव श्रम नियोजन ने सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की जानकारी देते हुए कहा कि कि पहले 7,000 प्रशिक्षु थे, परन्तु अब इसमें और 12,000 प्रशिक्षुओं की वृद्धि हो जायेगी। इस अवसर पर जिला प्रशासन के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं युवा उपस्थित थे।

सोमवार, 3 अक्तूबर 2016

दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं

वृद्धजनों एवं संस्थानों को ‘वयोश्रेष्ठ सम्मान’

 संक्षिप्त खबरें 
नई दिल्ली : राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित एक समारोह में विख्यात नागरिकों एवं संस्थानों को वृद्धजनों, विशेष रूप से निर्धन वरिष्ठ जनों के कल्याण की दिशा में किये गए उनके कार्यों के लिए राष्ट्रीय वृद्धजन पुरस्कार ‘वयोश्रेष्ठ सम्मान 2016’ प्रदान किया। केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री विजय सांपला एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, सामजिक न्याय एवं अधिकारित मंत्रालय में सचिव अनिता अग्निहोत्री एवं कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। इन पुरस्कारों को 01 अक्टूबर को पड़ने वाले अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस (आईडीओपी) समारोह के एक हिस्से के रूप में प्रदान किया गया। 
राष्ट्रपति महोदय ने इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय समाज में वृद्धजनों के विभिन्न राहत प्रदान करने के द्वारा एक अच्छा काम कर रहा है। मंत्रालय के प्रयासों को भारत सरकार के अन्य मंत्रालयों द्वारा भी समर्थन प्राप्त हो रहा है, लेकिन यह समस्या बहुत विशाल है। हमारे देश में वरिष्ठ नागरिक, जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है, की संख्या लगभग साढ़े दस करोड़ है। इनमें से 5.1 करोड़ पुरुष एवं 5.3 करोड़ महिलाएं हैं। वर्तमान अनुमानों से संकेत मिलता है कि वर्ष 2026 तक वरिष्ठ नागरिकों, पुरुष एवं महिला की संख्या क्रमशः 8.4 एवं 8.8 करोड़ अर्थात हमारी आबादी की कुल 10 प्रतिशत होगी। इसे देखते हुए वृद्ध देखभाल के लिए प्रशिक्षित श्रम बल एवं स्वास्थ्य आधारभूत ढांचे की आवश्यकता बढ़ेगी। उनके अधिकारों की सुरक्षा करने एवं उनके सामाजिक समावेश और आर्थिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता होगी। वृद्ध आबादी का सामाजिक समावेश एक अपरिहार्य भाव प्रदर्शन है, जो हमारे वृद्धजनों से प्राप्त जीवन का उपहार एवं पोषण का केवल आंशिक रूप से प्रतिदान है।

पोरबंदर खुले में शौच से मुक्त जिला घोषित 

नई दिल्ली : इस महीने की 25 तारीख को शुरू हुआ स्वच्छ भारत सप्ताह संपन्न हो गया। इस मौके पर गुजरात और आंध्र प्रदेश अपने-अपने शहरों और नगरों को खुले में शौच से मुक्त घोषित करने वाले पहले राज्य हो गये हैं। महात्मा गांधी की 147वीं जयंती और स्वच्छ भारत मिशन की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर पोरबंदर सहित कुछ जिले खुल में शौच से मुक्त घोषित किए गए। महात्मा गांधी का पैतृक जिला पोरबंदर और गुजरात के सभी 180 नगर और शहर पोरबंदर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय पेयजल और स्वच्छता मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी की मौजूदगी में खुले में शौच से मुक्त घोषित किए गए। आंध्र प्रदेश में तिरुपति में आयोजित एक समारोह में राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने प्रदेश के सभी 110 शहरों को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया।

देश के एक लाख गांव व 37 जिले खुले में शौच से मुक्त 

नई दिल्ली : केंद्रीय ग्रामीण विकास, पेयजल और स्वच्छता तथा पंचायती राज्यमंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने महात्मा गांधी के जन्मस्थल पोरबंदर जिले को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया। पोरबंदर में आयोजित एक रैली में महात्मा गांधी की 147वीं जयंती और स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर यह घोषणा की गयी। रैली सुदामा मंदिर से शुरू हुई और समारोह स्थल नगरपालिका पार्टी प्लॉट, चैपाटी, पोरबंदर में समाप्त हुई। गुजरात के दो अन्य जिले महेसाणा और नर्मदा को भी आज 30 तालुकों और राज्य की 3 हजार ग्राम पंचायतों के साथ खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया। 
इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि उन्हें देश के एक लाख गांव और 37 जिलों को खुले में शौच से मुक्त घोषित करने से काफी प्रसन्नता हो रही है। यह इस बात का प्रमाण है कि स्वच्छ भारत मिशन अब सचमुच जनआंदोलन बन गया है। उन्होंने कहा कि केवल शौचालय निर्माण की जगह लोगों के व्यवहार में परिवर्तन पर फोकस करके भारत सरकार और भारत की जनता 02 अक्टूबर, 2019 तक स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त कर लेगी।

बिहार में नया शराबबंदी कानून आज से प्रभावी

पटना : बिहार में रविवार से नया शराबबंदी कानून प्रभावी हो गया है। रविवार को बिहार सरकार की ओर से इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। रविवार दोपहर कैबिनेट की बैठक में एकबार फिर शराबबंदी को लेकर संकल्प लिया गया है, जिसमें साफ कहा गया है कि पूरे सूबेे में शराबबंदी के लिए बिहार सरकार कृतसंकल्प है।
इससे पहले पटना में अग्रसेन जयंती के मौके पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा कि कोई भ्रम में नहीं रहे। नया काूनन विधानमंडल से पारित है और कानून को राज्यपाल से मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि हम गांधीजी के विचारों को धरती पर उतारने चाहते हैं। इसलिए 2 अक्टूबर के दिन को चुना है। महात्मा गांधी के विचारों को जमीन पर उतारने के लिए इससे उपयुक्त दिन दूसरा कोई नहीं हो सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी निर्दोष को सजा ना मिले, उसके लिए भी सब कुछ करेंगे। शराब मामले में लोगों को गलत ढंग से फंसाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि शराबबंदी का व्यापक प्रभाव हुआ है। इसका असर देखना है, तो गांवों में जाइए। यह बात अलग है कि कुछ लोगों को बिहार से शुरू हुई यह सामाजिक क्रांति नहीं दिख रही है।
सीएम ने कहा कि शराबबंदी से सरकार को पांच हजार करोड़ रुपए प्राप्त हो रहे थे, लेकिन आम आदमी के तो दस हजार करोड़ रुपए बर्बाद हो रहे थे। शराबबंदी के बाद वह रुपया दूसरे सकारात्मक कार्यों में खर्च हो रहा है। इससे राज्य में व्यवसाय बढ़ेगा, सरकार को अधिक रकम टैक्स के रूप में हासिल होगी।

शनिवार, 1 अक्तूबर 2016

शराबबंदी कानून रद्द, लिकर शेयरों में तेजी

पटना : बिहार में शराबबंदी पर पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आया है। हाईकोर्ट ने शराबबंदी कानून लागू करने के तरीके को गलत बताया है। इस खबर के आने के बाद लिकर शेयरों में 5-10 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली है।
नीतीश कुमार के शराबबंदी के कानून को झटका देते हुए कोर्ट ने इस फैसले को असंवैधानिक करार दिया। नए कानून को रद्द करने के साथ ही कोर्ट ने नीतीश के शराबबंदी के एजेंडे को भी झटका दिया है। कोर्ट ने कहा कि शराब बेचने, पीने पर सजा देना बिल्कुल गलत है।
मालूम हो कि 5 अप्रैल 2016 को सरकार ने देशी के बाद विदेशी शराब को बैन करने का बड़ा फैसला लिया था जिसके बाद से राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी गई थी। राज्य में देशी के बाद विदेशी शराब की बिक्री बंद होने के खिलाफ शराब के विक्रेता कोर्ट गए थे। इस मामले में हाईकोर्ट में चली लंबी सुनवाई के बाद सरकार के शराबबंदी के कानून को गलत ठहराते हुए इसे रद्द कर दिया।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद से बिहार में पूर्ण शराबबंदी के कानून पर ग्रहण लग सकता है। बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी के कानून को लागू कर दिया था। सरकार के इस फैसले के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस फैसले के आने के बाद राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट जा सकती है। कोर्ट के फैसले के बाद नीतीश की उस शराबबंदी की मुहिम को भी लगा है जिसमें नीतीश बिहार के बाद पूरे देश में शराबबंदी को लेकर अभियान चला रहे थे।
साभार : मनी कॉंट्रोल

निःशुल्क हृदय परीक्षण शिविर संपन्न

न्यूज@ई-मेल
आलोक कुमार
पटना : विश्व ह्नदय दिवस के अवसर पर महावीर वात्सल्य अस्पताल परिसर स्थित महावीर हृदय अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅक्टर अशोक कुमार ने कहा कि वर्ष 2000 से 29 सितम्बर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर महावीर वात्सल्य अस्पताल में निःशुल्क हृदय परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। सैकड़ों लोगों की जांच की गयी। पंजीयन के बाद डाॅक्टर आरएन प्रसाद और डाॅक्टर अशोक कुमार ने जांच किये। शिविर के दौरान पंजीकृत रोगियों का मधुमेह, लिपिड प्रोफाईल तथा ईसीजी, ईको, टीएमटी जांच निःशुल्क की गयी। 
शिविर का उद्घाटन पटना उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति एन. पाण्डेय, महावीर मंदिर न्यास समिति, पटना के सचिव किशोर कुणाल, महावीर वात्सल्य अस्पताल के अपर निदेशक एमडब्लूए अंजुम ने दीप जलाकर किया। 
इस अवसर पर अपने उद्घाटन भाषण में किशोर कुणाल ने कहा कि बड़े लंबे समय में ह्नदय अस्पताल स्थापित करने की हमारी इच्छा पूरी हो पायी है। मुझे बताते हुए हर्ष हो रहा है कि महावीर ह्नदय अस्पताल पूरी तरह से कार्य कर रहा है। डाॅक्टर अशोक कुमार विभागाध्यक्ष अपने कार्य में दक्ष हैं। उनके द्वारा स्टेंट लगाना, पेसमेकर लगाना तथा हृदय संबंधी अन्य जांच एवं गंभीर मरीजों की चिकित्सा की जाती है। आने वाले समय में इस अस्पताल से हृदय रोग से पीड़ित अधिक से अधिक जरूरतमंद मरीजों को लाभ पहुंचेगा। 
उन्होंने कहा कि हृदय रोग आज पूरे भारत के लिए एक गंभीर समस्या है। मधुमेह के मामले में तो भारत विश्व की राजधानी बन गयी है। हृदय रोग की जटिलता भी अनेक प्रकार की है। उन्होंने कहा कि महावीर मंदिर न्यास समिति ने इस क्षेत्र में हृदय रोग निवारण के लिए विश्व के आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित ह्नदय अस्पताल स्थापित कर परोपकार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में इस अस्पताल में कार्डियोथोरेसिक सर्जरी की व्यवस्था की जायेगी। विशेषकर नवजात जो जन्मजात हृदय विकृति से ग्रसित होते हैं, उन्हें समय रहते समुचित चिकित्सा उपलब्ध हो सके।
इस मौके पर हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅक्टर अशोक कुमार ने कहा कि वर्ष 2012 के आकड़ा के अनुसार 1 करोड़ 70 लाख लोग हृदय रोग से पीड़ित हैं। इसके बाद कैंसर से 80 लाख लोग परेशान हैं। श्वसन और मधुमेह से ही हलकान हैं। इस साल का थीम ‘पावर टू योर लाइफ’ है। उन्होंने कहा कि हृदय रोग को मोडिफाइड और नन मोडिफाइड में विभक्त किया जा सकता है। लोगों की उम्र, सेक्स, वंशावली आदि को नियंत्रित नहीं कर सकते हैं। हां, जन जागरण के बल पर हृदय रोग को 80 प्रतिशत कम कर सकते हैं। लोगों को ब्लड प्रेशर, सुगर, धूम्रपान और तनाव से बचना होगा। किसी व्यक्ति को हृदय में किसी भी प्रकार का दर्द, सांस लेने में कठिनाई या गर्दन में ऐंठन महसूस हो अथवा चक्कर जैसा महसूस हो, तो उसे किसी भी प्रकार से नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। फौरन ही निकटवर्ती हृदय रोग विशेषज्ञ अथवा अस्पताल से संर्पक करना चाहिए। ऐसी परिस्थिति में 5 मिनट की देरी भी घातक सिद्ध हो सकती है। 
न्यायमूर्ति पीके सिन्हा ने परोपकार के लिए महावीर मंदिर न्यास समिति द्वारा पांच अस्पताल स्थापित करने के लिए आचार्य किशोर कुणाल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल के खुलने के बाद बिहार में पैसे के अभाव में हार्ट के हर मरीज का इलाज संभव हो सकेगा। इस अवसर पर अवकाश प्राप्त न्यायाधीश एन. पाण्डेय, डाॅक्टर एससी मिश्रा, अस्पताल के निदेशक प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डाॅक्टर एसएस झा, न्यायमूर्ति पीके सिन्हा, डाॅक्टर एसपी श्रीवास्तव, आरबीपी यादव आदि उपस्थित थे। इसके पूर्व अस्पताल के निदेशक प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डाॅक्टर एसएस झा ने लोगों का स्वागत और अस्पताल के अपर निदेशक एमडब्लूए अंजुम ने धन्यवाद दिया।