COPYRIGHT © RAJIV MANI, Journalist, Patna

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रविवार, 27 नवंबर 2016

राजगीर में वाइल्ड लाइफ सफारी शुरू होगा

  • वाइल्ड लाइफ 192 हेक्टेयर में फैला होगा : नीतीश
  • अन्तर्राष्ट्रीय राजगीर महोत्सव का उद्घाटन
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजगीर के किला मैदान में दीप प्रज्ज्वलित कर अन्तर्राष्ट्रीय राजगीर महोत्सव का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि आज एक बार फिर राजगीर महोत्सव में शामिल होने का अवसर मिला है। मैं इसको अपना सौभाग्य मानता हूं। राजगीर की अपनी गरिमा है, इसका इतिहास काफी पुराना है। राजगीर मगध साम्राज्य की राजधानी थी। राजगीर से राजधानी पटना मगध सम्राट अजातशत्रु ने लाया था। राजगीर के जो पंच पर्वत हैं, जो पहाड़ियां हैं, इनका भी अपना महत्व है। ये पहाड़ियां हिमालय पर्वत श्रृंखला से ज्यादा पुरानी हैं, ये लगभग तीन करोड़ साल से ज्यादा पुरानी हैं। राजगीर का इतिहास प्राचीन है। महाभारत काल में जरासंध यहां के राजा थे। महाभारत काल में पाण्डव भी यहां ठहरे थे। उनके नाम पर पाण्डू पोखर है, जिसका जीर्णोद्धार किया गया है। यह काफी सुंदर दिखता है। 
उन्होंने कहा कि राजगीर अद्भूत जगह है। भगवान बुद्ध यहां ज्ञान प्राप्ति से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति के बाद भी आये थे। उन्होंने कहा कि राजगीर का बौद्ध धर्म से बहुत करीबी संबंध है। भगवान बुद्ध के बाद उनके विचार एवं वाणी को यहीं लिपिबद्ध किया गया था। राजगीर का जैन धर्म से भी काफी करीबी संबंध है। अगर भगवान महावीर की बात करें, तो वे राजगीर आये थे। आज राजगीर की पहाड़ियों पर जायें, तो हर जगह जैन मंदिर मिलेगा। सूफी संत मखदूम साहब का भी राजगीर में आवास रहा था। गुरूनानक देव जी भी राजगीर आये थे। जहां पर वे ठहरे थे, वहां के कुंड का पानी ठंडा है। उन्होंने कहा कि गुरू गोविंद सिंह जी का 350वां प्रकाश पर्व मनाया जाने वाला है। प्रकाश पर्व मनाये जाने के अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय सिख कनक्लेव का आयोजन किया गया था। इस आयोजन में मैंने ये बातें लोगों को बतायी। उन्होंने कहा कि राजगीर का हिन्दू धर्म से भी काफी नजदीकी संबंध है। राजगीर में जिस माह में मेला लगता है, यह मान्यता है कि 33 करोड़ देवी-देवता एक माह तक यहीं रहते हैं। उन्होंने कहा कि राजगीर की राजनैतिक, सामाजिक, धार्मिक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को इतिहास के पन्नों से हटाया नहीं जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद नालंदा विश्वविद्यालय को यूनेस्को विश्व धरोहर घोषित किया गया। नालंदा विश्वविद्यालय को देखने के लिये पहले भी काफी संख्या में लोग आते थे। विश्व धरोहर घोषित होने के बाद आने वाले लोगों की संख्या बढ़ जायेगी। उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय सबसे पुराने विश्वविद्यालयों में से एक है। पाकिस्तान के तक्षशीला विश्वविद्यालय का पुराने विश्वविद्यालयों के रूप में उदाहरण दिया। तेलहाड़ा विश्वविद्यालय का उदाहरण दिया और कहा कि खुदाई से पता चला है कि यह पहली शताब्दी का है। उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय से ज्यादा संगठित विश्वविद्यालय एवं महाविहार और कहीं नहीं है।
उन्होंने कहा कि मैंने पाकिस्तान भ्रमण के दौरान तक्षशीला विश्वविद्यालय को देखा है। नालंदा विश्वविद्यालय की पुनः स्थापना की गयी है। यहां पढ़ाई का सत्र शुरू हो गया है। हाल में ही भारत के राष्ट्रपति एवं उप राष्ट्रपति यहां आये थे। उन्होंने कहा कि आज मेरा मन थोड़ा दुखी है। केन्द्र सरकार ने नालंदा विश्वविद्यालय के लिये नया बोर्ड बनाया है। उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति जाॅर्ज तो नालंदा विश्वविद्यालय से शुरू से जुड़े हुये हैं। उन्होंने कहा कि मुझे समाचार से ज्ञात हुआ है कि नालंदा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति जाॅर्ज ने दुखी होकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिन पहले भारत के विदेश मंत्री का फोन आया था। उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय के नये बोर्ड के स्थापना के संबंध में पूछा था। शुरू से यह बात थी कि नालंदा विश्वविद्यालय के लिये नया बोर्ड गठन करने के कानून में संशोधन करना था। केन्द्र सरकार को कम से कम फैसला लेने से पहले नालंदा विश्वविद्यालय के स्थापना से जुड़े लोगांे से राय-विचार करना चाहिये था। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों से चितिंत हूं। उन्होंने कहा कि इतना मेहनत कर विश्वविद्यालय को बनाया गया था। बात थी इस कानून में संशोधन करने की, संस्थापकों को विश्वास में जरूर लिया जाना चाहिये था। उन्होंने कहा कि मैं यही चाहता हूं कि नालंदा विश्वविद्यालय के आइडिया से कोई छेड़छाड़ नहीं करे। पूरे तौर पर चाहेंगे कि नालंदा विश्वविद्यालय पूर्ण रूप से आगे बढ़े। कल हम रहें या न रहें, संस्थान हमेशा आगे बढ़ता रहे। नालंदा विश्वविद्यालय को पुनर्जीवित करने का जो कार्य प्रारंभ हुआ है, वह अविरल गति से आगे बढ़ता जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में राजगीर में वाइल्ड लाइफ सफारी शुरू किया जायेगा, इसके लिये मंजूरी मिल गयी है। यह 192 हेक्टेयर में फैला होगा। उन्होंने कहा कि वाइल्ड लाइफ सफारी शुरू होने पर लोग राजगीर आयें। यह पर्यावरण एवं पर्यटन दोनों के लिये लाभकारी रहेगा। यह बिहार में अद्भूत होगा तथा पूरे देश के गिने-चुने सफारी में से एक होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर का इतिहास सद्भावना का इतिहास है, प्रेम एवं भाईचारा का इतिहास है। समाज में सद्भाव कायम रहे, आपस में प्रेम एवं भाईचारा का माहौल अगर बना रहे, तो हमें ऊंचाइयों को छूने से कोई नहीं रोक सकता है। उन्होंने कहा कि लोग स्मार्ट सिटी बनाते हैं, हम सात निश्चय के कार्यान्वयन के फलस्वरूप गांव में रहने वाले सब लोगों के जीवन को स्मार्ट बना देना चाहते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि सद्भाव एवं प्रेम का माहौल बनाये रखें। उन्होंने कहा कि शराबबंदी से बड़ा सामाजिक काम हुआ है, इससे समाज का माहौल काफी अच्छा हो गया है।
राजगीर महोत्सव के अवसर पर नीतीश कुमार ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये प्रदर्शनी का अवलोकन किया। निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग द्वारा लगाये गये नीरा के उत्पादन एवं ताड़ के पेड़ के उत्पाद से संबंधित स्टाॅल का निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजगीर से संबंधित एप्प एवं पुस्तक का लोकार्पण किया।

शराबबंदी का निर्णय अटल : नीतीश

  • ‘हम नोटबंदी के हिमायती हैं, परंतु लोगों को तकलीफ नहीं हो’
  • ‘केन्द्र सरकार को तत्काल बेनामी संपति पर हिट करना चाहिये, यही सही वक्त है’
 खास खबर 
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिवेशन भवन में दीप प्रज्ज्वलित कर मद्य निषेध दिवस 2016 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि 2011 से 26 नवम्बर को मद्य निषेध दिवस के आयोजन की शुरूआत की गयी। उन्होंने कहा कि शुरू से यह भावना रही है कि शराब बुरी चीज है, इसका प्रचलन समाप्त होना चाहिये। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के लिये माहौल बने, जन अभियान हो, इसलिये मद्य निषेध दिवस के आयोजन की शुरूआत 2011 से की गयी। 26 नवम्बर को संविधान दिवस भी है। शराबबंदी का कानून संविधान के भावनाओं के अनुरूप है। कुछ लोग कहते हैं कि उन्हें खाने-पीने का अधिकार है। जो खाना है खाइये, जो पीना है पीजिये, पर शराब नहीं पीजिये। शराब पीना मौलिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि 2011 से जीविका समूह या महिलाओं के अन्य समूह द्वारा अगर किसी गांव को शराबमुक्त किया जाता था, तो उनको पुरस्कृत किया जाता था। ऐसे अनेक समूहों को पुरस्कृत किया गया। मद्य निषेध के लिये पेंटिंग, चित्रकला, नारा लेखन, प्रतियोगिता शुरू किया गया। आज भी बाहर शराबबंदी के पक्ष में बनाई गयी चित्रकला की प्रदर्शनी लगायी गयी है। 
उन्होंने कहा कि आज सुबह मैं राजगीर से चला, वहां पर महिलाओं ने एक किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला शराबबंदी के पक्ष में बनायी। मैं नवोदय विद्यालय राजगीर में शराबबंदी के लिये बच्चों द्वारा बनायी गयी चित्रकला को देखा। बच्चों ने एक से एक नशाबंदी पर चित्रकारी की है। मैं सबसे मिला, सबने अपने चित्रकला पर हमसे दस्तखत कराये, यह एक अजीब उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष नारी सशक्तिकरण को केन्द्र में रखते हुये महिलाओं के ग्राम वार्ता कार्यक्रम का आयोजन श्रीकृष्ण मेमोरियल हाॅल में किया गया था। कार्यक्रम में महिलाओं ने माॅग की कि शराबबंदी लागू कीजिये। मैं वापस माइक पर आया और कहा कि अगली बार सत्ता में आने पर शराबबंदी लागू करूंगा। आप लोगों ने दुबारा काम करने का मौका दिया। महागठबंधन सरकार के गठन के बाद 26 नवम्बर, 2015 को मद्य निषेध दिवस के अवसर पर घोषणा की कि नई उत्पाद नीति बनेगी और 1 अप्रैल, 2016 से लागू होगी। शराबबंदी के लिये जन अभियान शुरू किया गया। नारे लिखे गये, दीवार लेखन कराया गया। लोगों ने शराबबंदी के लिये शपथ पत्र भरकर दिया। एक करोड़ 19 लाख लोगों ने शराब नहीं पीने तथा दूसरों को नहीं पीने का शपथ पत्र जमा किया। उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल, 2016 से ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्ण शराबबंदी लागू की गयी। शहरों में जब दुकान खुलने लगी, तो लोगों ने उसका विरोध शुरू किया। जब देखा कि शहर का भी वातावरण बन गया है, तो चार दिन बाद 5 अप्रैल 2016 से पूरे बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की गयी। शराबबंदी को व्यापक जन समर्थन मिला है। चंद पढ़े-लिखे लोग तरह-तरह की बातें बोलते एवं लिखते रहते हैं। उन्होंने कहा कि शराबबंदी का निर्णय अटल निर्णय है। सबकी राय ली गयी है, जरूरत होगी, तो विधानमंडल में भी आ सकते हैं। शराबबंदी से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। शराबबंदी के खिलाफ किसी प्रकार का बहाना नहीं चलने वाला है। जो बिना पीये नहीं रह सकते, तो उन्हें बिहार में रहने की जरूरत क्या है। उन्होंने कहा कि पूर्ण शराबबंदी सफलतापूर्वक अकेले कानून से लागू नहीं हो सकता है। चाहे कानून जितना भी कड़ा क्यों न हो, इसके लिये लोगों को जागरूक होना तथा उनका सहयोग आवश्यक है। आप सभी लेाग सतर्क रहियेगा, समाज मंे तरह-तरह के लोग हैं। कौन लोग गड़बड़ कर रहे हैं, उसपर नजर रखियेगा। 
उन्होंने कहा कि निश्चय यात्रा के क्रम में आठ जिलों का भ्रमण कर चुका हूं। निश्चय यात्रा के दौरान जिलों में चेतना सभा का आयोजन किया जाता है। चेतना सभा में महिलायें अधिक से अधिक की संख्या में भाग लेती हैं। कई स्थानों पर तो पुरुष से ज्यादा संख्या में महिलायें आती हैं। उन्होंने कहा कि शराबबंदी से एक सामाजिक परिवर्तन की बुनियाद रखी गयी है। सबको निरंतर सतर्क एवं सचेत रहना होगा, नहीं तो सावधानी हटी दुर्घटना घटी। उन्होंने कहा कि शराबबंदी में किसी प्रकार की ढिल नहीं होनी चाहिये। अवैध शराब का धंधा करने वाले लोग पकड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो पहले शराब का धंधा करते थे, पता लगाइये कि वे आजकल क्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले शाम में लोग शराब पीकर आते थे। लड़ाई झगड़ा करते थे, एक गमगीन माहौल रहता था। वही पति जो पहले शराब पीकर आते थे, आज सब्जी लेकर आते हैं। आज माहौल बदल गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम नोटबंदी के हिमायती हैं, परंतु लोगों को तकलीफ नहीं हो। केन्द्र सरकार को प्रयत्न करना चाहिये। नोटबंदी से दो नंबर का धंधा बंद हुआ है। यह मेरी व्यक्तिगत राय है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, काला धन के खिलाफ कुछ भी होता है, तो हम उसका समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ नोटबंदी से काम नहीं चलेगा। मैं प्रधानमंत्री से आग्रह करूंगा कि बेनामी संपति को भी हिट किया जाय। केन्द्र सरकार को तत्काल बेनामी संपति पर हिट करना चाहिये, यही सही वक्त है। उन्होंने कहा कि मैं यह भी अनुरोध करूंगा कि बिहार इतने बड़े राज्य में हमने शराबबंदी लागू किया है, इसको अन्य जगह भी फैलाइये। शराब का व्यापार भी दो नंबर के धंधों को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी, बेनामी संपति, शराब के व्यापार पर हिट कीजिये, तभी भ्रष्टाचार मुक्त एवं काला धन मुक्त देश बनेगा। उन्होंने कहा कि जो हमें उचित लगता है, हम करते हैं। लोग इसका अलग राजनीतिक मतलब निकाल लेते हैं। उन्होंने समाचार पत्रों में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात से संबंधित आये समाचार का खंडन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी का जो सामाजिक प्रभाव है, वह इतना सकारात्मक है कि लोग इसे आकर देखें। उन्होंने कहा कि लोग खुद ही जगह चुनकर किसी कस्बा, गांव में जाकर देखें, माहौल कितना अच्छा बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रेम से कमाइये, प्रेम से खाइये, प्रेम से जिन्दगी व्यतीत कीजिये, यही आनंद है। उन्होंने कहा कि हम जब तक हैं, इसे छोड़ने वाले नहीं हैं। हम इसी तेवर के साथ काम करते रहंेगे। हमारा लक्ष्य है कि समाज शराबमुक्त हो। उन्होंने कहा कि अबतक 2011 से आज के दिन को मद्य निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है। मैं चाहूंगा कि अगले साल से आज के दिन को नशामुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाय।
शराब के साथ-साथ अन्य प्रकार के नशा के विरूद्ध भी जन चेतना जगायी जाय। उन्होंने कहा कि 21 जनवरी से व्यापक जन जागृति अभियान चलाया जायेगा। यह अभियान बिहार दिवस यानी 22 मार्च तक चलेगा। उन्होंने कहा कि 21 जनवरी को पूरे बिहार में मानव श्रृंखला बनायी जायेगी। हमारा लक्ष्य है कि दुनिया की सबसे बड़ी मानव श्रृंखला बनायी जाय। उन्होंने कहा कि इसमें दो करोड़ से कम लेागों की सहभागिता नहीं होनी चाहिये। हम सभी लोग मानव श्रृंखला में हाथ पकड़कर खड़े होंगे। आप सभी लोग इसका प्रचार कीजिये। 45 मिनट तक यह कार्यक्रम चलेगा, इससे दुनिया भर में यह प्रचारित होगा कि बिहार में शराबबंदी के विरूद्ध कितना अच्छा माहौल बना है। उन्होंने कहा कि जन सहयोग, जन चेतना का प्रतीक होगा यह मानव श्रृंखला। उन्होंने कहा कि आज इस कार्यक्रम में जीविका की दीदीयों द्वारा अपना अनुभव बताया गया। यह समाज के लिये उदाहरण है। सरकार उनकी हर मदद करेगी। उन्होंने कहा कि हम लोग स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हैं। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि जब कोई बड़ा काम करोग,े तो लोग पहले उसका मजाक उड़ायेंगे, उसका विरोध करेंगे और फिर सब साथ चल देंगे। उन्होंने कहा कि हमें पूरा भरोसा है कि सभी लोग इस अभियान में अपना पूरा सहयोग देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की जो आमदनी है, उसका सही उपयोग होना चाहिये। शराबबंदी से जो लोगों का पैसा बचा है, उसका वे सही उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुधा डेयरी से प्राप्त आॅकड़ों के अनुसार, शराबबंदी के पश्चात पिछले सात महीनों में दूध की बिक्री 11 प्रतिशत, रसगुल्ला की बिक्री 16.5 प्रतिशत, गुलाब जामुन की बिक्री 15.5 प्रतिशत, पेड़ा की बिक्री 15.5 प्रतिशत बढ़ गयी है। उन्होंने कहा कि मीठा चीज खाइयेगा, तो मन में मिठास होगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा घरेलू उपस्कर की खरीद भी बढ़ गयी है। घरेलू उपस्कर की बिक्री से सरकार को प्राप्त होने वाले टैक्स से आमदनी बढ़ गयी है। इसका मतलब है कि लोगों के पास अब इन चीजों को खरीदने का पैसा है। उन्होंने कहा कि आचार-विचार एवं व्यवहार सब में परिवर्तन आयेगा। उन्होंने कहा कि शराबबंदी से बिहार का आर्थिक विकास होने वाला है। लोगों के पास पैसा रहेगा, उससे लोग खरीददारी करेंगे। व्यापार बढ़ेगा, सामानों की बिक्री से टैक्स से प्राप्त होने वाली सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी। लेागों का जीवन भी सुधरेगा। उन्होंने कहा कि सबों के सहयोग से शराबबंदी की नीति प्रभावी ढ़ंग से क्रियान्वित हो रही है, इसके लिये मैं सभी को बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि शराब पीने वाले लोगों पर ध्यान रखियेगा, कहीं वे कोई दूसरा नशा तो नहीं करने लगे हैं। सब मिलकर उन्हें समझाइयेगा, अगर नहीं समझे तो नशामुक्ति केन्द्र में ले जाइये। अब शराब ही नहीं, बल्कि अन्य नशीली पदार्थों के सेवन करने वाले लोगों का भी काउंसलिंग किया जायेगा। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी कामयाब हो रहा है, तो अब बाकी जगहों पर भी हलचल हो रही है। ज्यादा दिन तक बाकी जगहों पर भी शराबबंदी को रोकना संभव नहीं होगा।

गुरुवार, 24 नवंबर 2016

पेंसिल की नोक पर उकेर रहे आकृति

  • पिछले 20 वर्षों से पेड़ के तनों, बंबू और चॉक पर बना रहे मूर्तियां
  • बुक रिकार्ड्स में शामिल होने की चाह ने पेंसिल की नोंक तक पहुंचाया
 संक्षिप्त खबरें 
नई दिल्ली : मन में कुछ अलग और नया करने की चाहत हो, तो मुश्किलें भी आपका रास्ता नहीं रोक पातीं। इसका जीता जागता उदाहरण झारखण्ड पवेलियन में देखने को मिला। यहां राकेश कुमार शर्मा पेंसिल की नोंक को तराशकर उसे माइक्रो मिनिएचर आर्ट के जरिए शानदार मूरत में तब्दील कर रहे हैं।
झारखण्ड के जमशेदपुर के नजदीक स्थित जिला सरायकेला खरसावा निवासी राकेश बताते हैं कि उन्हें बचपन से उत्सवों और पंडालों में बनाई जाने वाली मूर्तियों के प्रति आकर्षण था। वहीं से उन्होंने मूर्तियां बनानी सीखी। लेकिन उन्हें मिट्टी की मूरत के बजाय पत्थर और लकड़ी को तराशकर मूर्तियां बनाना ज्यादा पसंद था।
धीरे-धीरे यही उनका व्यवसाय और पैशन बन गया। उन्हें बड़ी-बड़ी मूर्तियों के बजाय छोटी से छोटी मूर्तियां बनाना पसंद था। इसलिए जहां वे पहले पेड़ के तनों और पत्थरों को तराशकर मूर्तियां बनाते थे, अब माइक्रो मिनिएचर आर्ट के जरिए लकड़ी के बहुत छोटे टुकड़ों से लेकर पेंसिल की नोंक तक तराशकर उन्हें मूर्तियों की शक्ल में तब्दील करते हैं।
झारखण्ड पवेलियन में उन्होंने 50 रुपए से पांच हजार रुपए तक की ऐसी माइक्रो मूर्तियां प्रदर्शित की हैं। पेंसिल की नोंक पर तराशी गई मूर्तियों को वे रिकॉर्ड बुक में दर्ज करना चाहते हैं। साथ ही वे इस कला को आगे बढ़ाने के लिए छोटे बच्चों और बड़ों को भी माइक्रो मिनिएचर आर्ट सीखा रहे हैं।

‘जहां जरूरत वहां सुविधा, नोट बदलवाएं आपके द्वार’

बेकारो : उपायुक्त राय महिमापत रे की पहल पर जिला प्रशासन के सहयोग से भारतीय डाक सेवा विभाग ने जिले के चार पंचायतों में ‘‘जहां जरूरत वहां सुविधा, नोट बदलवाएं आपके द्वार‘‘ कार्यक्रम चलाया। ग्रामीणों की असुविधा को देखते हुए उपायुक्त रे ने चास प्रखण्ड के पुण्डरू, चंदनकियारी के खमारबेंदी, कसमार के खैराचातर तथा नावाडीह ब्लाॅक के प्रज्ञा केन्द्र में भारतीय डाक विभाग द्वारा पुराने नोट के बदले नये नोट बदलने का कार्यक्रम चलवाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों द्वारा पुराने नोट को बदलकर 100 रुपए का नोट लिया गया। जिला प्रशासन ने प्रति व्यक्ति 2000 रुपए तक की ही राशि बदलने के अनुमति प्रदान की थी। पुराने नोट बदलने वालों से पहचान पत्र के साथ उसकी एक छायाप्रति ली जा रही थी। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए प्रत्येक केन्द्र में दण्डाधिकारियों के साथ पुलिस बल भी प्रतिनियुक्त किये गए थे। कार्यक्रम की निगरानी हेतु जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को प्रतिनियुक्त किया गया था। डाक विभाग से सहायक अधीक्षक, विपीन कुमार मार्केटिंग मनेजर, कौशल कुमार उपाध्याय मार्केटिंग मैनेजर एवं अशोक शर्मा शाखा डाकपाल ने कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग किया।

पुराने नोट बदलने के लिए कैंप का आयोजन

बेकारो : विकास आयुक्त-सह-अपर मुख्य सचिव योजना-सह-वित्त विभाग झारखंड रांची के निर्देश के अनुपालन में जिला प्रशासन एवं भारतीय डाक सेवा विभाग द्वारा पेटरवार प्रखंड के पेटरवार बाजार के गागीहाट में तथा चंदनकियारी के लंका एवं सिमुलिया पंचायत में लगने वाले बाजार में 1000 एवं 500 के पुराने रुपये बदलने हेतु कैंप का आयोजन किया गया।
उपायुक्त राय महिमापत रे ने अनुमंडल पदाधिकारी चास एवं बेरमों को निर्देश दिया है कि 23 से 30 नवम्बर, 2016 तक पुराना नोट अदला-बदली कैंप प्रत्येक दिन दो स्थानों पर लगाने हेतु स्थान चिन्ह्ति करेंगे। कैम्पों में सुरक्षा व्यवस्था हेतु पुलिस अधीक्षक को पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिये गये हैं। उपायुक्त श्री रे ने वैसे ग्रामीण क्षेत्रों का चयन करने का निर्देश दिया है, जहां अबतक कैश संबंधी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इस कार्यक्रम को ‘‘जहां जरूरत वहां सुविधा, नोट बदलवाएं आपके द्वार‘‘ का नाम दिया गया है।

रविवार, 20 नवंबर 2016

इंदौर-पटना एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त, 120 मरे

  • सैंकड़ों घायल, बचाव व राहत कार्य जारी
  • जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी : सुरेश प्रभु
  • मृतकों के परिजनों को दो लाख, घायलों को पचास हजार रुपए : नीतीश
 खास खबर 
कानपुर/पटना : रात 03:10 बजे कानपुर में इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। ट्रेन पटना आ रही थी। बताया जाता है कि रेल हादसे में मरने वालों की संख्या 120 तक पहुंच गयी है। कानपुर रेंज के आईजी जकी अहमद इसकी पुष्टि कर चुके हैं। राहत व बचाव कार्य बड़े पैमाने पर जारी है। बताया जाता है कि मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। घायलों में कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
रेलवे ने हादसे का शिकार हुए यात्रियों के लिए एक स्पेशल ट्रेन का इंतजाम किया है। दानापुर रेल मंडल के जनसंपर्क पदाधिकारी रंजीत कुमार सिंह के मुताबिक, 794 यात्रियों को लेकर यह ट्रेन रविवार दोपहर दो बजे कानपुर से रवाना हो चुकी है। यह ट्रेन लखनऊ और मुगलसराय के रास्ते पटना के राजेंद्र नगर टर्मिनल तक आएगी। 
रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने कहा है कि कानपुर रेल हादसे की जांच होगी और जो भी लोग हादसे के लिए जिम्मेदार होंगे, उनपर कड़ी कार्रवाई होगी। 
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उत्तर प्रदेश के कानुपर के पास पुखरायां में हुए इंदौर-पटना एक्सप्रेस रेल दुर्घटना को दुखद बताते हुये इस रेल दुर्घटना में बिहार के रहने वाले मृतकों के आश्रितों को दो लाख रुपये अनुग्रह अनुदान एवं गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों के परिजनों को पचास हजार रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से देने की घोषणा की है।
ज्ञात हो कि नोटबंदी के बाद बिहार के मजदूर, जो दूसरे राज्यों में जाकर काम करते हैं, काम बंद हो जाने के कारण बड़ी संख्या में अपने घर लौटने लगे हैं। साथ ही शादी-ब्याह का मौसम है। ऐसे में यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि इस ट्रेन से काफी संख्या में बिहार के लोग अपने-अपने घरों को लौट रहे थे।

गुरुवार, 17 नवंबर 2016

अब आसानी से मिलेंगे नये नोट !

😐  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने करेंसी नोटों की आपूर्ति एवं उपलब्धता के बारे में स्थिति की समीक्षा की एवं बैंकिंग संवाददाताओं (बीसी), डाकघरों, एटीएम, बैंकों एवं ई-पेमेंट प्रणालियों के नेटवर्कों द्वारा नकदी बांटने को और सक्रिय बनाने के लिए कुछ निर्णय लिए  😐
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने करेंसी नोटों की आपूर्ति एवं उपलब्धता की समीक्षा की बैठक की। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय वित्त एवं कंपनी मामले मंत्री अरुण जेटली, केंद्रीय शहरी विकास एवं सूचना प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू, केंद्रीय कोयला एवं बिजली राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार के अलावा और अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर एवं डिप्टी गवर्नर वित्त मंत्रालय के सभी सचिव एवं प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।
बैठक में नोटों की आपूर्ति एवं उपलब्धता के बारे में ताजा स्थिति की समीक्षा की गई एवं बैंकिंग संवाददाताओं (बीसी), डाकघरों, एटीएम, बैंकों एवं ई-पेमेंट प्रणालियों के नेटवर्कों के द्वारा नकदी बांटने को और सक्रिय बनाने के लिए कुछ निर्णय लिए गए। आम जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित निर्णय भी लिए गए।
बैंकिंग संवाददाता (बीसी) नेटवर्क
  • बैंक प्रत्येक बीसी के लिए नकदी रखने की सीमा को कम से कम 50,000 रूपये तक बढ़ाएंगे। बैंक उपयुक्त मामलों में उच्चतर सीमा की भी अनुमति देंगे।
  • बैंक बीसी की आवश्यकता के अनुसार एक दिन में कई बार बीसी की नकदी की पुनः पूर्ति करेंगे।
  • बीसी की ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक उपस्थिति है। कुल मिलाकर, देश में 1.2 लाख बीसी की व्यापक उपस्थिति है। उपरोक्त निर्णय बैंकों को ग्रामीण क्षेत्रों में खातों से विनिमय (एक्सचेंज) एवं नकदी की निकासी में व्यापक पहुंच सुलभ कराने में सहायता देंगे।

डाक नेटवर्क
  • देश में लगभग 1.3 लाख डाकघर शाखाएं हैं। डाक खातों से नकदी निकासी को सुगम बनाने के लिए डाकघर शाखाओं में नकदी की आपूर्ति को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
  • उल्लेखनीय है कि 1.2 लाख बीसी एवं 1.3 लाख डाकघर शाखाओं को और सक्रिय बनाया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 2.5 लाख स्थान नकदी का वितरण करने तथा बैंक खातों से नकदी निकासी के लिए उपलब्ध हो जाएंगे।

एटीएम नेटवर्क
  • एटीएम को दुरूस्त कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर की अध्यक्षता में एक कार्यबल की स्थापना की जा रही है, जिसमें बैंकों एवं वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह कार्यबल कार्य योजना तैयार करेगा एवं एटीएम के शीघ्र अंशांकन के लिए इस कार्य योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगा, जिससे कि उन्हें 500 एवं 2000 रुपये के नए नोट वितरित करने में सक्षम बनाया जा सके।
  • इस बीच, एटीएम के लिए लागू नकदी सीमा तक डेबिट, क्रेडिट कार्ड से संबंधित नकदी बांटने के लिए सूक्ष्म एटीएम भी स्थापित किए जाएंगे।

बैंकों का नेटवर्क एवं पहुंच
  • प्रति सप्ताह 20,000 रुपये की निकासी सीमा को बढ़ाकर 24,000 कर दिया गया है।  प्रतिदिन 10,000 रुपये की निकासी सीमा समाप्त कर दी गई है।
  • पुराने 500 एवं 1,000 रुपये के नोट के बदले काउंटर एक्सचेंज के लिए 4,000 रुपये की सीमा को बढ़ाकर 4,500 रुपये कर दी गई है।
  • एटीएम को लगातार दुरूस्त बनाया जा रहा है, उनके दुरूस्त हो जाने पर ऐसे एटीएम की नकदी सीमा प्रति निकासी 2,500 रुपये तक बढ़ा दी जाएगी।
  • चालू खाता रखने वाले व्यवसायिक संस्थान, जो पिछले तीन महीनों या इससे अधिक समय से परिचालन में है, को प्रति सप्ताह  50,000 रुपये की निकासी की अनुमति दी जाएगी।
  • जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) के पास पर्याप्त नकदी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वर्तमान खातों से निकासी को सुगम बनाया जा सके।

ई-भुगतान
  • केंद्र सरकार के सभी विभागों एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को अधिकतम संभव सीमा तक ई-भुगतान की विधि का उपयोग करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
  • भारतीय रिजर्व बैंक ने राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) को 31 दिसंबर, 2016 तक नेशनल फिनेंशियल स्विच (एनएफएस) के माध्यम से निपटाए गए लेन-देन पर अपने ट्रांजेक्शन शुल्कों को माफ करने की सलाह दी है।
  • बैंकों को भी उनके द्वारा लगाए गए इस प्रकार के प्रभारों को माफ करने की सलाह दी गई है।

जनता की सुविधा के लिए व्यवस्था 
  • बैंकों को वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांग व्यक्तियों के लिए उनकी शाखाओं में अलग कतारों की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
  • पेंशनरों को नवंबर के महीने के दौरान वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता होती है। इस समय सीमा को बढ़ाकर 15 जनवरी, 2017 कर दिया गया है।
  • कुछ विशेष प्रकार के लेन-देनों के लिए पुराने 500 एवं 1,000 रुपये के नोटों को स्वीकार करने के लिए वर्तमान छूटों को 14 नवंबर, 2016 की मध्य रात्रि से 24 नवंबर, 2016 की मध्य रात्रि तक बढ़ाया जा रहा है।

पत्रकारों की हत्या गंभीर मसला : पीएम

  • राष्ट्रीय पत्रकारिता दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुए प्रधानमंत्री 
  • मीडिया के लिए स्व-नियंत्रण सबसे बेहतर : वेंकैया नायडू 
 संक्षिप्त खबरें 
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय पत्रकारिता दिवस पर प्रेस काउंसिल द्वारा आयोजित समारोह में हिस्सा लिया। इस मौके पर प्रेस काउंसिल की स्वर्ण जयंती भी मनाई गई। इस अवसर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने प्रेस की आजादी के मह्त्व पर जोर दिया और कहा कि प्रेस स्व-नियंत्रित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रेस पर बाहरी हस्तक्षेप और नियमन नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने हाल के दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में पत्रकारों की हत्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सच्चाई बताने वाले पत्रकार का अपनी जान गंवाना बेहद ही गंभीर मसला है।
इससे पहले केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि मीडिया में स्व-नियंत्रण ही सबसे बेहतर नीति है। इससे पत्रकारिता की नैतिकता और लोकतांत्रिक आदर्श सुरक्षित रहेंगे। सरकार संचार के किसी भी माध्यम पर किसी तरह की रोक का समर्थन नहीं करती है, लेकिन देश की एकता, संप्रभुता, सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए संयम बरतने की जरूरत है।
मीडिया की जिम्मेदारी पर विस्तार से बोलते हुए नायडू ने कहा कि मुंबई आतंकी हमले की इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर प्रसारण को लेकर माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी एतराज जताया था, जिसमें कहा गया था - टीवी चैनल इस तरह की आतंकी वारदात की हालत में अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर दिखाकर खुद को पाक साफ नहीं ठहरा सकते। उन्होंने पठानकोट कवरेज पर भी ध्यान दिलाते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की ऐसी कवरेज से आम नागरिकों और सैनिकों की जान खतरे में पड़ सकती है।
इस अवसर पर उन्होंने भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में क्षेत्रीय मीडिया की भूमिका के बारे में भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदायों और स्थानीय भाषा के साथ अपनी निकटता के कारण मीडिया की भूमिका क्षेत्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण हो जाती है, जिससे नागरिकों की भागीदारी क्षमता बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों तक पहुंचने के माध्यम से क्षेत्रीय मीडिया स्वस्थ्य लोकतंत्र के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सरकार की नई प्रिंट मीडिया विज्ञापन नीति के बारे में नायडू ने कहा कि यह पैनल प्रक्रिया में छूट प्रदान कर क्षेत्रीय भाषाओं, बोलियों, छोटे और मध्यम समाचार पत्रों को समान रूप से विशेष प्रोत्साहन प्रदान करेगा। सोशल मीडिया द्वारा की पेश किए गये अवसरों के बारे में कहा कि यह संचार का नया उपकरण है, जो सहज और क्रियात्मक है। इस तरह के माध्यम में अवसर और चुनौतियां दोनों होती हैं। संचार की इस विधा को व्यापक राष्ट्रीय हित और व्यक्तिगत भलाई के लिए विवेकपूर्ण तरीके से इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, और भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष न्यायमूर्ति सीके प्रसाद भी उपस्थित थे। इस अवसर पर पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए प्रमुख पत्रकारों और फोटो पत्रकारों को सम्मानित किया गया, जिनमें सुरेन्द्र निहाल सिंह, मृणाल पांडे, रघु राय, रंजीत जॉन, अरविंद कुमार सिंह, जेवियर सेल्वा कुमार शामिल थे।

ओमान में भारत महोत्सव आयोजित

नई दिल्ली : 15 नवंबर, 2016 से 24 मार्च, 2017 तक ओमान में भारत महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव में भारतीय संस्कृति की विविध विधाएं प्रस्तुत की जाएंगी, जिनमें शास्त्रीय और लोक नृत्य, संगीत, भारतीय व्यंजन और इस्लामी चित्रकला शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर के कलाकार लोक नृत्य प्रस्तुत करने के साथ-साथ लोकगीत भी प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम ओमान के चार शहरों मस्कट, सुर, सोहर और सलालाह में आयोजित किए जाएंगे। निम्नलिखित कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे :
1. 15 से 19 नवंबर तक जयदीप पाटिल के नेतृत्व में हरीताल डांस ग्रुप द्वारा आठ सदस्यीय शास्त्रीय नृत्य पेश किया जाएगा।
2. 21 नवंबर से लेकर 3 दिसंबर, 2016 तक रामपुर रजा लाइब्रेरी द्वारा इस्लामी चित्रकला का प्रदर्शन किया जाएगा।
3. 24 से 29 जनवरी, 2017 तक डॉ सोमा घोष के नेतृत्व में एक आठ सदस्यीय समूह द्वारा सूफियाना गायन संगीत प्रस्तुत किया जाएगा।
4. 10-14 फरवरी, 2017 तक उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, पटियाला का पंद्रह सदस्यीय जम्मू-कश्मीर नृत्य और संगीत समूह अपनी प्रस्तुति देगा।
5. भारतीय पर्यटन विकास निगम, पर्यटन मंत्रालय द्वारा 15 से 19 मार्च, 2017 तक खाद्य महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
6. मार्च, 2017 में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान, वस्त्र मंत्रालय द्वारा फैशन शो का आयोजन किया जाएगा।

राष्ट्रीय बाल पुरस्कार

नई दिल्ली : राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन में बाल दिवस के अवसर पर केंद्रीय महिला एवं शिशु विकास मंत्री मेनका संजय गांधी एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान किए। राष्ट्रीय बाल पुरस्कारों में शिक्षा, संस्कृति, कला, खेल, संगीत आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण क्षमताओं एवं शानदार उपलब्धि हासिल करने वाले बच्चों को सम्मानित करने के लिए असाधारण उपलब्धि के लिए राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, बाल विकास एवं कल्याण के क्षेत्र में असाधारण प्रदर्शन करने वाले संस्थान एवं व्यक्ति विशेषों के लिए राष्ट्रीय बाल कल्याण पुरस्कार और बच्चों की सेवा की दिशा में असाधारण योगदान देने वाले व्यक्ति विशेषों को राजीव गांधी मानव सेवा पुरस्कार शामिल हैं।
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शनिवार, 12 नवंबर 2016

कालाधन है, तो गए काम से !

 बैंकों में पुरानी मुद्रा के रूप में जमा राशि पर आयकर विभाग द्वारा लिए गए फैसलों से संबंधित सवालों पर वित्त सचिव डॉ. हसमुख अधिया द्वारा दिए गए कुछ जवाब 
सवाल : बहुत सारे छोटे व्यापारियों, गृहिणियों, कारीगरों, कामगारों के पास बचत के रूप में कुछ नकद राशि घरों में रखे हो सकते हैं, क्या अगर उसे बैंक में जमा कराने जाने पर आयकर विभाग पैसों को लेकर पूछताछ करेगा।
जवाब : सवाल में दिए गए वर्ग के लोग जो 1.5 या 2 लाख रुपये जमा कराने के लिए जाते हैं, उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि ये आयकर की न्यूनतम सीमा के भीतर है। इस तरह की छोटी जमा राशि के लिए आयकर विभाग किसी को भी परेशान नहीं करेगा।
सवाल : क्या इस दौरान जमा की गई नकद रकम की रिपोर्ट आयकर विभाग लेगा। अगर हां, तो क्या 10 लाख नकदी जमा की सीमा को पार करने पर सूचित करने का वर्तमान नियम आगे भी जारी रहेगी।
जवाब : हम 10 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच जमा कराई जाने वाली 2.5 लाख से ऊपर की हर नकदी रकम का और ऐसे खाते का हिसाब लेंगे। विभाग इस रकम और इसे जमा कराने वाले व्यक्ति द्वारा फाइल की गई आयकर रिटर्न का मिलान कर जांच करेगा। उसके बाद उसपर उचित कार्रवाई की जा सकती है।
सवाल : मान लीजिए की विभाग को ये पता चलता है कि किसी खाते में 10 लाख से ज्यादा की रकम जमा की गई है और वो रकम जमाकर्ता की घोषित आय से मेल नहीं खा रही है। ऐसे में जमाकर्ता पर कितना कर और जुर्माना लगाया जाएगा।
जवाब : इस तरह के मामलों को कर चोरी माना जाएगा। इन मामलों में आयकर अधिनियम की धारा 270 (ए) के हिसाब से कर की राशि वसूली जाएगी और साथ ही भुगतेय कर के अलावा 200 फीसदी की राशि जुर्माना के रूप में भी वसूली जाएगी।
सवाल : ऐसा माना जा रहा है कि बहुत सारे लोग अब आभूषण खरीद रहे हैं, इससे निबटने के लिए विभाग किस तरह से तैयारी कर रहा है?
जवाब : जो भी व्यक्ति आभूषण खरीदता है, उसे पैन नंबर देना होता है। हम क्षेत्रिय प्राधिकारियों को ये निर्देश जारी कर रहे हैं कि ये सुनिश्चित की जाए कि सभी आभूषण विक्रेता से इस नियम का पालन करने में किसी तरह का समझौता ना हो पाए। उन आभूषण विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जो आभूषण बिक्री के समय पैन नंबर नहीं लेते हैं। जब आभूषण बिक्री के बाद विक्रेता द्वारा नकद राशि जमा कराई जाएगी, तब इसकी जांच की जाएगी कि वो बेचे गए आभूषण की रकम से मेल खाते हैं या नहीं। बिक्रेता ने ग्राहक का पैन नंबर लिया है या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी।

कर सुधारों की प्रक्रिया जारी रहेगी

  • जीएसटी से जुड़े लंबित मुद्दों को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा : वित्त मंत्री 
  • अधिक मूल्य वाले बंद नोटों के छोटे जमाकर्ताओं को कतई परेशान नहीं किया जाएगा
  • नई दिल्ली में दो दिवसीय आर्थिक संपादक सम्मेलन के उद्घाटन में अरुण जेटली ने कहा
नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामले मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार ने पिछले ढाई वर्षों के दौरान अर्थव्यवस्था के समग्र विकास के लिए आम सहमति के जरिए अनेकानेक निर्णय लेने हेतु अपनी ओर से सर्वोत्तम प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान एनडीए सरकार ने प्रतिकूल वैश्विक परिस्थितियों में सत्ता संभाली थी और उसके सामने चुनौती आर्थिक निर्णय लेने की प्रक्रिया की विश्वसनीयता को फिर से स्थापित करने की थी। लेकिन, सरकार ने यह चुनौती स्वीकार की और देश के व्यापक हित में जोखिम उठाकर भी, कुल मिलाकर जनता के हित में, हरसंभव निर्णय लेने और अर्थव्यवस्था के विकास को नई गति प्रदान करने के लिए अपनी ओर से भरसक कोशिश की। वित्त मंत्री जेटली दो दिवसीय आर्थिक संपादक सम्मेलन (ईईसी)-2016 का उद्घाटन करने के बाद उद्घाटन भाषण दे रहे थे।
सरकार द्वारा हाल ही में लिए गए निर्णयों का जिक्र करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों को विदेशी निवेश के लिए खोल दिया गया है, प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया और भारत में कारोबार करने में आसानी सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए गए।
श्री जेटली ने कहा कि सरकार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सहित कर सुधारों पर काम कर रही है। सरकार ने सर्वाधिक हकदार माने जाने वाले लोगों को सरकारी सब्सिडी अवश्य सुलभ कराने के उद्देश्य से अनेकानेक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रमुख मुद्दों का समाधान कर लिया गया है और जीएसटी को 1 अप्रैल, 2017 तक बाकायदा लागू कर दिया जाएगा। इसके अलावा, प्रत्यक्ष कर के क्षेत्र में समानांतर सुधारों को लागू करने की भी तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कर संग्रह इस साल काफी अच्छा रहा है, सार्वजनिक व्यय में बढ़ोतरी हुई है और स्थानीय मांग बढ़ रही है। अतः अधिक मूल्य के करेंसी नोटों का चलन बंद करने के हालिया निर्णय का सकारात्मक असर होगा। उन्होंने यह आश्वासन दिया कि पुराने करेंसी नोटों के बदले छोटी रकम जमा कर रहे लोगों को परेशान नहीं किया जाएगा।
सरकार के नीति निर्माताओं के साथ सीधी बातचीत का अवसर क्षेत्रीय संपादकों को उपलब्ध कराने के लिए पत्र सूचना कार्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए श्री जेटली ने कहा कि पत्र सूचना कार्यालय सरकारी संचार कार्य से निपटने में बहुत प्रभावी रहा है। इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों, देश भर से आए संपादकों एवं अन्य प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के महानिदेशक फ्रैंक नोरोन्हा ने कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए वरिष्ठ वित्त पत्रकारों को मुख्य आर्थिक मुद्दों पर मंत्रियों एवं भारत सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बातचीत करने का एक मंच प्रदान कराना है।
यह दो दिवसीय सम्मेलन पत्र सूचना कार्यालय द्वारा वित्त मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। आर्थिक संपादक सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार के विभिन्न प्रमुख आर्थिक मंत्रालयों की मुख्य नीतिगत पहलों, उपलब्धियों एवं भावी रोडमैप के बारे में मीडिया को जानकारी देना है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस सम्मेलन से सरकार की किसी विशेष पहल की पृष्ठभूमि और प्रासंगिक संदर्भ के बारे में अलग-अलग दृष्टिकोण प्राप्त करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया को जानकारी देने के इस प्रयास से बेहतर और सुविज्ञ धारणाएं बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा, जो इसमें भाग ले रहे मीडिया प्रतिनिधियों के विभिन्न स्तंभों और रिपोर्टों के जरिए लोगों को लाभान्वित एवं सशक्त करेगा।
देश के विभिन्न भागों से आए आर्थिक संपादक और दिल्ली में कार्यरत कई ब्यूरो प्रमुख एवं बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। वित्त मंत्रालय के अलावा वाणिज्य और उद्योग, रेलवे, सड़क परिवहन और राजमार्ग, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, शहरी विकास, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और नीति आयोग की ओर से भी इस सम्मेलन में शिरकत की जा रही है। विज्ञापन और श्रव्य-दृश्य प्रचार निदेशालय (डीएवीपी) ने ‘भारत की आजादी के 70 साल’ के अवसर पर एक प्रदर्शनी आयोजित की है।

बुधवार, 9 नवंबर 2016

आज से 500 और 1000 के नोट बंद

New note of Rs. 2000
  • ब्लैक मनी पर मोदी की सर्जिकल स्ट्राइक
  • देशभर में अफरा-तफरी
नई दिल्ली : आज अचानक पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कालाधन पर लगाम लगाने के लिए कई बड़े ऐलान कर दिये। पीएम ने 500 और 1000 के नोट आज आधी रात से बंद करने की घोषणा कर दी। साथ ही 2000 रुपए के नए नोट बाजार में लाने का भी ऐलान किया। पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ने दुनिया में चमकते सितारे के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। ये सरकार गरीबों को समर्पित है। पीएम ने कहा कि पिछले ढाई साल में देशवासियों के सहयोग से देश तरक्की की राह पर तेजी से आगे बढ़ा है।
पीएम मोदी ने बड़ा फैसला लेते हुए कालाधन पर लगाम लगाने के लिए 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने का ऐलान किया है। ये नियम आज आधी रात से लागू हो जाएगी। पीएम मोदी ने कहा कि जिनके पास 500 और 1000 रुपए के नोट हैं, वो 10 नवंबर से 30 दिसंबर तक बैंक और प्रमुख डाकघरों में जमा कराकर उसके बदले में वैध रकम ले सकते हैं। इसके लिए लोगों को बैंक में पैन कार्ड और पहचान पत्र दिखाने होंगे।
पीएम मादी ने कहा कि 500 और 1000 के नोटों के अलावा बाकी सभी नोट और सिक्के नियमित हैं और उनसे लेन-देन हो सकते हैं। आपके पास 50 दिनों का समय है। साथ ही अगर किसी वजह से 30 दिसंबर तक लोग ये नोट जमा नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें एक आखिरी मौका भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से पैसे कमाने वाले नागरिकों के हितों की पूरी रक्षा की जाएगी।
New note of Rs. 500
पीएम ने ऐलान किया कि 9 और 10 नवंबर को एटीएम काम नहीं करेंगे। 11 नवंबर की रात से 12 बजे तक नागरिकों के लिए कुछ विशेष व्यवस्था की गई है। 11 नवंबर की रात्रि 12 बजे तक सभी सरकारी अस्पतालों में पुराने 500 के नोट भुगतान के लिए स्वीकार किए जाएंगे। इसी तरह 72 घंटों तक रेलवे के टिकट बुकिंग काउंटर, सरकारी बसों के टिकट बुकिंग काउंटर और हवाई अड्डों पर भी केवल टिकट खरीदने के लिए पुराने नोट मान्य होंगे। उन्होंने कहा कि आपकी धनराशि आपकी ही रहेगी, आपको कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है।
पीएम मोदी ने कहा कि अब जल्द ही 2000 रुपए के नोट और 500 के नए डिजाइन के नोटों को सर्कुलेशन में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने रिजर्व बैंक के 2000 रुपये के नोटों के सर्कुलेशन का प्रस्ताव स्वीकार किया है। पीएम मोदी ने कहा कि ये एक ऐतिहासिक फैसला है और जनता के हित में है। इन नियमों को सुगमता से लागू करने के लिए 9 नवंबर को डाकघर और बैंक बंद रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश में किसी को भी इस फैसले की जानकारी इससे पहले नहीं मिली है, ताकि गोपनीयता बरकरार रहे।
पीएम ने विश्वास दिलाया कि देश के सभी राजनीतिक दल, संस्थाएं, समाज और हर वर्ग के लोग इस देश सुधारक काम में बढ़-चढ़कर सकारात्मक भूमिका अदा करेंगे। हालांकि पीएम ने कहा कि देश के लिए देश का नागरिक कुछ दिनों के लिए यह कठिनाई झेल सकता है। पीएम ने कहा कि पिछले दशकों में हम यह अनुभव कर रहे हैं कि देश में भ्रष्टाचार और कालाधन नामक बीमारियों ने अपनी जड़ें जमा ली हैं। भ्रष्टाचार और कालेधन का जाल तो तोड़ने के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है और परिणाम भी दे रहे हैं।

आतंकवाद की फंडिंग में इस्तेमाल हो रहे थे बड़े नोट

काले धन पर अंकुश लगाने के लिए पीएम मोदी के ऐलान के बाद आरबीआई ने प्रेस ब्रीफिंग की। रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा कि 500 और 1000 के मौजूदा नोटों का चलन आधी रात से बंद कर दिया गया है। इनकी जगह पर अब नए नोट आएंगे। पटेल ने कहा कि आतंकवाद की फंडिंग में बड़े नोटों का इस्तेमाल हो रहा था। अब नए नोट जल्द आएंगे। पटेल ने कहा कि 500 और 2000 के नए नोटों का उत्पादन बढ़ा दिया गया है और जल्द से जल्द नए नोट मुहैया कराए जाएंगे। 
वित्त सचिव शशिकांत दास ने कहा कि पीएम मोदी ने देश को संबोधित किया है और काले धन पर अंकुश के लिए बड़े कदमों की घोषणा की है। काला धन रोकने के लिए यह निर्णायक कदम है। अर्थव्यवस्था के लिए यह फैसला जरूरी है। बीते पांच सालों में बड़े नोटों का सर्कुलेशन बढ़ गया था। वित्त सचिव ने कहा कि नए नोट 10 नवंबर से सामने आ जाएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वो 500 और 1000 के नोट बदलने के लिए किसी के बहकावे में न आएं। बैंकों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। नोटों के चलन से जुड़ी किसी भी दिक्कत के समाधान के लिए रिजर्व बैंक ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। मुंबई का नंबर है 022-22602201 और दिल्ली का नंबर है 011-23093230
साभार : आजतक

मंगलवार, 8 नवंबर 2016

एसके सिन्हा आईबी के विशेष निदेशक होंगे

 संक्षिप्त खबरें 
नई दिल्ली : कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने एसके सिन्हा, आईपीएस (बिहार-83), अतिरिक्त निदेशक, आईबी को विशेष निदेशक, आईबी के पद पर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी और 31 अक्टूबर, 2019 तक अर्थात सेवानिवृत्ति की तिथि अथवा अगले आदेश तक, इनमें से जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी।

‘भारत का परमाणु कार्यक्रम प्रगति पर’

नई दिल्ली : केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दो वर्षो में भारत के परमाणु कार्यक्रम ने हर दूसरे क्षेत्र और विभाग की तरह से तेजी से प्रगति की है और अब इसके परिणाम दिखने प्रारंभ हो गये हैं। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने ये विचार ‘हॉल ऑफ न्यूक्लियर पॉवर’ की यात्रा के दौरान छात्रों से वार्तालाप करते हुए व्यक्त किए। इस दौरान उन्होंने भारत के परमाणु विकास के विभिन्न गौरवशाली पहलुओं की भी जानकारी दी। 
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रगति मैदान में हाल ही में ‘हॉल ऑफ न्यूक्लियर पॉवर’ के गठन की अवधारणा इस अनुभूति से प्रेरित थी कि परमाणु ऊर्जा विभाग को भारत के पश्चिमी और दक्षिणी भागों में अधिक जाना जाता है और इस कारण विभाग को देश के इस भाग में कम लोग जानते हैं। उन्होंने अपनी यात्रा में अधिकारियों को सलाह दी कि वे देशभर के शिक्षा संस्थानों को ‘हॉल ऑफ न्यूक्लियर पॉवर’ की यात्रा करने के लिए परिपत्र भेजें, ताकि वे अपने शैक्षिक दौरों के समय दिल्ली में इसे अपनी अपनी यात्रा का एक आवश्यक अंग बनाएं। 
डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश के परमाणु कार्यक्रम के रूप में केंद्र सरकार स्पष्ट रूप से भारत के परमाणु कार्यक्रम को उत्तर में लाने का श्रेय ले सकती है और पिछले दो वर्षों में ही दिल्ली के उत्तर में हरियाणा में गोरखपुर नामक स्थल पर एक परमाणु संयंत्र स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा, इसी प्रकार पंजाब और उत्तराखंड सहित अन्य उत्तरी राज्यों में भी और अधिक परमाणु प्रतिष्ठानों की स्थापना की संभावनाओं का पता लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी के प्रत्यक्ष और व्यक्तिगत संरक्षण के साथ अपने परमाणु कार्यक्रम के मामले में भारत ने अग्रिम पंक्ति के देशों में जगह बना ली है और आने वाले वर्षों में भारत की बढ़ती जरूरतों के लिए परमाणु ऊर्जा का एक बड़ा स्रोत बन जाएगी। उन्होंने कहा कि एनएसजी (परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह) की सदस्यता के लिए भारत के दावे को भी दुनिया के देशों द्वारा तेजी से स्वीकार किया जा रहा है।

शनिवार, 5 नवंबर 2016

महापर्व छठ की हार्दिक शुभकामनाएं

एनएच की 370 टोल प्लाजा पर शौचालय

 संक्षिप्त खबरें 
नई दिल्ली : सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय स्वच्छ भारत मिशन के तहत अगले तीन महीनों के भीतर राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवस्थित समस्त 370 टोल प्लाजा पर पानी एवं प्रकाश की समुचित व्यवस्था के साथ शौचालय की सुविधाएं मुहैया कराने की एक परियोजना पर काम कर रहा है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए एनएचएआई और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के क्षेत्रीय अधिकारियों को अगले 15 दिनों के अंदर इस परियोजना पर काम शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवस्थित समस्त टोल प्लाजा पर समुचित निर्देशक संकेतकों एवं बैनर के साथ पुरुषों एवं महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय होने चाहिए। जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पीवीसी टैंक लगाए जाने चाहिए और इसके साथ ही प्रकाश की भी समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। क्षेत्रीय अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है कि सुविधाओं का रख-रखाव उचित ढंग से हो और इसके साथ ही इन्हें स्वच्छ भी रखा जाए। 

मेनका गांधी द्वारा फेसबुक पर प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन 

नई दिल्ली : केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी ने प्रश्नोत्तर के तीसरे फेसबुक सत्र का आयोजन किया। सीधी बातचीत दोपहर 1:30 शुरू हुई, जिसका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों से संबंधित योजनाओं और नीतियों पर नागरिकों के नजरिए पर आमने-सामने फीडबैक प्राप्त करना था। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से संबंधित मुद्दों पर 1000 से अधिक प्रश्न प्राप्त हुए और ये लगभग 2,00,000 लोगों तक पहुंचे। श्रीमती गांधी ने लगभग 3 घंटे तक इन सवालों के जवाब दिए और जल्द ही शेष प्रश्नों के भी उत्तर देने का वादा किया है। 
सत्र के दौरान उन्होंने यह टिप्पणी की कि फेसबुक उपयोगकर्ताओं द्वारा पूछे गए प्रश्न पर्याप्त शोध के बाद पूछे गए हैं और उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से संबंधित मुद्दों के बारे में बहुत अधिक दिलचस्पी दिखाई है। लोग महिलाओं की सुरक्षा कायम करने और बच्चों की गुणवत्ता युक्त प्रि-स्कूल शिक्षा के बारे में जानने को उत्सुक थे। उन्होंने गोद लेने, महिलाओं के विरूद्ध हिंसा, बुजुर्ग महिलाओं का उत्पीड़न, बाल अधिकार और लिंग संवेदीकरण आदि के बारे में भी प्रश्न किए। ज्ञात हो कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का सोशल मीडिया लोगों को अपनी परिवेदनाएं व्यक्त करने, अपने विचार रखने के लिए एक मंच उपलब्ध कराता है। इस कारण यह अन्य मंत्रालयों में फेसबुक पर चैथे स्थान पर है। ट्विटर पर भी मंत्रालय अच्छी संख्या में फ्लोअर तक पहुंच रहा है।

गुरुवार, 3 नवंबर 2016

3,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा कीमत की मैंड्रैक्स गोलियां (मेथाक्वालोन) जब्त

दुनिया में नशीली दवाओं व मादक पदार्थों की सबसे बड़ी जब्ती में से एक
मास्टर माइंड गिरफ्तार
 संक्षिप्त खबरें 
नई दिल्ली : नशीली दवाओं एवं मादक पदार्थों की एक सबसे बड़ी जब्ती के तहत केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) की शीर्ष तस्करी रोधी एजेंसी राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों ने लगभग 23.5 मीट्रिक टन मैंड्रैक्स गोलियां (मेथाक्वालोन) जब्त की हैं, जो एनडीपीएस नियम, 1985 की अनुसूची-1 के तहत एक प्रतिबंधित मादक पदार्थ है। डीआरआई के अधिकारियों ने अपने इस कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए उदयपुर स्थित सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों के सक्रिय सहायता ली है।
इस आशय की सूचना मिली थी कि बड़ी मात्रा में मैंड्रैक्स गोलियों को मुंबई स्थित एक मास्टरमाइंड ने उदयपुर (राजस्थान) स्थित एक परिसर में छिपा रखा है। 28 अक्टूबर, 2016 को डीआरआई के अधिकारियों की एक टीम ने उदयपुर के कलादवास के भामाशाह औद्योगिक क्षेत्र स्थित मेसर्स मरुधर ड्रिंक्स के परिसरों पर छापा मारा। तलाशी के दौरान डीआरआई के अधिकारियों को एक ऐसे छिपे हुए कमरे के बारे में पता चला, जो मैंड्रैक्स गोलियों के डिब्बों से भरा पड़ा था। इन गोलियों की कुल संख्या तकरीबन 2 करोड़ होने का अनुमान लगाया गया है, जिनका वजन तकरीबन 23.5 मीट्रिक टन (23500 किलोग्राम) है। जब्त की गई गोलियों का अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य 3,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का अनुमान लगाया गया है। 
यह न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया में मेथाक्वालोन की अबतक की एक सबसे बड़ी जब्ती है। इस गैर कानूनी धंधे के मास्टरमाइंड को डीआरआई द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है और इस धंधे में लिप्त अन्य लोगों को गिरफ्त में लेने के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।
मैंड्रैक्स का मुख्य कच्चा माल एसिटिक एनहाइड्राइड है, जिसे श्रीनाथ इंडस्ट्रीज, राजसमंद में इस गिरोह द्वारा निर्मित किया गया था। मेथाक्वालोन एक अवसाद है, जिसकी ज्यादा खुराक लेने पर संबंधित व्यक्ति कोमा में जा सकता है और उसकी मौत भी हो सकती है। इसे आम तौर पर मैंड्रैक्स, एम-पिल्स, बटन, या स्मार्टीज के रूप में जाना जाता है।

डॉ. बिंदेश्वर पाठक ‘स्वच्छ रेल मिशन’ के ब्रांड एंबेसडर

नई दिल्ली : रेल मंत्रालय ने सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक पद्म भूषण डॉ. बिंदेश्वर पाठक को भारतीय रेलवे के ‘स्वच्छ रेल मिशन’ का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है। रेल भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने सुलभ इंटरनेशनल (भारत-आधारित सामाजिक सेवा संगठन) के संस्थापक पद्म भूषण डॉ. बिंदेश्वर पाठक को भारतीय रेलवे के ‘स्वच्छ रेल मिशन’ के ब्रांड एंबेसडर के रूप में स्वागत किया। रेल राज्य मंत्री राजेन गोहैन इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थे। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एके मित्तल, रोलिंग स्टॉक सदस्य हेमंत कुमार और बोर्ड सदस्य तथा वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद थे। 
इस अवसर पर रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने कहा कि डॉ. बिंदेश्वर पाठक का सम्मान करना भारतीय रेल के लिए बहुत खुशी की बात है, क्योंकि स्वच्छता पहल पर रेलवे के साथ कार्य करने का निमंत्रण स्वीकार करके उन्होंने भारतीय रेलवे के स्वच्छता अभियान को मजबूती प्रदान की है। उन्होंने कहा कि सफाई की स्थिति सुधारने तथा पर्यावरण के उन्नयन के क्षेत्र में सुलभ इंटरनेशनल एक जाना पहचाना नाम है। उन्होंने कहा कि अगर जनता स्वच्छता और सफाई के मामलों में जागरूक हो जाए, तो रेलवे इस क्षेत्र में कमाल कर सकता है। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि सुलभ इंटरनेशनल के सहयोग से रेलवे में साफ सफाई की सुविधाओं में सुधार आएगा। रेल मंत्री ने श्री पाठक को सम्मानित किया।

विदेशी प्रशिक्षकों का चयन खुले विज्ञापन से

 संक्षिप्त खबरें 
नई दिल्ली : भविष्य में विदेशी प्रशिक्षकों का चयन खुले विज्ञापन के माध्यम से किया जाएगा। केन्द्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विजय गोयल ने अपने मंत्रालय और खेल प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नई दिल्ली में हुई एक बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। इस निर्णय से राष्ट्रीय खेल महासंघों द्वारा सुझाए गये नामों के अलावा विदेशी प्रशिक्षकों की चयन समिति के समक्ष और अधिक नाम आयेंगे।
युवा मामले और खेल मंत्रालय ओलंपिक, एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिस्पर्धाओं के लिए भारतीय एथलीटों को तैयार करने हेतु विदेशी प्रशिक्षकों पर पर्याप्त धनराशि खर्च करता है। इसे ध्यान में रखते हुए, भविष्य में यह विस्तार एक समिति द्वारा विदेशी प्रशिक्षकों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के आधार पर ही किया जाएगा।
वर्तमान में कई खेलों में भारतीय एथलीटों के प्रशिक्षण के लिए विदेशी प्रशिक्षकों की भर्ती की आवश्यकता है, लेकिन अब उनका उपयोग भारतीय कोचों को प्रशिक्षण देने के लिए भी किया जाएगा, ताकि भविष्य में विदेशी प्रशिक्षकों पर हमारी निर्भरता को कम किया जा सके। विदेशी प्रशिक्षकों के साथ अनुबंध भी समान होगा, जिसमें एक निश्चित अवधि के लिए भारतीय प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण देना भी शामिल होगा। विजय गोयल ने कहा कि खेलों में पारदर्शिता लाने के हित में वह इस तरह के कदम उठाना जारी रखेंगे।

बिहार में कृषि व उद्योग की अपार संभावनाएं : सीएम

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री सचिवालय संवाद में आयोजित उद्यमी पंचायत की अध्यक्षता करते हुए कहा कि बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 के अधिसूचित होने के उपरान्त यह प्रथम उद्यमी पंचायत का आयोजन किया गया है। विभिन्न बिन्दुओं पर उद्यमियों द्वारा अपनी बातें विस्तार से रखी गयी तथा उनपर गंभीरतापूर्वक चर्चा की गयी। इस बैठक में उद्यमियों द्वारा अच्छे विचार रखे गये हैं। कुछ बातें काफी लाभकारी आयी हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी उद्यमियों से चर्चा के दौरान बहुत सारी नई चीजें सामने आती है। कृषि और उद्योग मौलिक क्षेत्र हैं। इसके विकास से बिहार का विकास होगा। बिहार में इनकी बहुत संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले औद्योगिक नीति और नये औद्योगिक नीति के ट्रांजिशन अवधि के दौरान उठने वाले मुद्दों पर सही रूप से जांचकर उस पर निर्णय लिया जायेगा। 
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जायेगा। इस कमेटी में प्रधान सचिव वित्त, प्रधान सचिव वाणिज्यकर, प्रधान सचिव उद्योग भी सदस्य होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए प्राइवेट इन्डस्ट्रीयल एरिया का विकास अति महत्वपूर्ण है। उन्होंने बैठक में आए उद्यमियों को इस क्षेत्र में कार्य करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि माह के पांचवें सोमवार को उद्यमी पंचायत के आयोजन की नियमित परंपरा जारी रहेगी। साथ ही इस उद्यमी पंचायत में उठाये गये बिन्दुओं पर कार्रवाई अगले उद्यमी पंचायत के आयोजन से पूर्व करने का निर्देश मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में औद्योगिक निवेश हेतु अनुकूल वातावरण बना है। आधारभूत संरचना जैसे सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य एवं शिक्षा सहित सभी आवश्यक क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ है। बिहार में कानून का राज स्थापित किया गया है। बिहार एक बड़ा बाजार है तथा मानव शक्ति से भरपूर है। बिहार में औद्योगिक शीर्ष पर पहुंचने के लिए सभी क्षमताएं मौजूद हैं।
उद्यमी पंचायत में उद्यमियों की तरफ से अध्यक्ष बिहार चेम्बर आॅफ काॅमर्स ओपी साह, अध्यक्ष बिहार उद्योग संघ रामलाल खेतान, पूर्व अध्यक्ष बिहार उद्योग संघ केपीएस केसरी, पूर्व उपाध्यक्ष बिहार उद्योग संघ संजय गोयनका, पूर्व उपाध्यक्ष बिहार उद्योग संघ जेपी सिंह, सदस्य बिहार उद्योग संघ राजू गुप्ता, कार्यकारी सदस्य बिहार चेम्बर आॅफ काॅमर्स एण्ड इन्डस्ट्रीज रामाशंकर प्रसाद, पूर्व अध्यक्ष एवं चेयरमैन इन्डस्ट्री सब कमेटी बिहार चेम्बर आॅफ काॅमर्स एण्ड इन्डस्ट्रीज पीके अग्रवाल द्वारा बातें रखी गयीं। उद्यमियों के प्रतिनिधियों द्वारा रखी गयी बातों/मांगों पर सरकार द्वारा विचारोपरान्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया। 
उद्यमी पंचायत के उपरान्त प्रधान सचिव उद्योग डाॅ. एस सिद्धार्थ ने कहा कि उद्यमियों द्वारा सबसिडी, पावर सबसिडी, निजी इन्डस्ट्रीयल एरिया आदि से संबंधित मांगें रखी गयी हैं। सभी बातों पर सरकार विचार कर कार्रवाई करेगी।
आयोजित उद्यमी पंचायत में उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, वित्त मंत्री अब्दुलबारी सिद्दकी, शिक्षा तथा सूचना एवं प्रावैधिकी मंत्री अशोक चैधरी, ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री अब्दुल जलील मस्तान, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डाॅ. मदन मोहन झा, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, विकास आयुक्त शिशिर सिन्हा, प्रधान सचिव जल संसाधन अरुण कुमार सिंह, प्रधान सचिव वित रवि मितल, प्रधान सचिव निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध आमिर सुबहानी, प्रधान सचिव स्वास्थ्य आरके महाजन, प्रधान सचिव कृषि सुधीर कुमार, प्रबंध निदेशक बिहार राज्य औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार अंशुली आर्या, प्रधान सचिव राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विवेक कुमार सिंह, प्रधान सचिव सहकारिता अमृत लाल मीणा, प्रधान सचिव खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण डाॅ. दीपक प्रसाद, प्रधान सचिव ऊर्जा प्रत्यय अमृत, प्रधान सचिव उद्योग डाॅ. एस. सिद्धार्थ, प्रधान सचिव श्रम संसाधन दीपक कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, प्रधान सचिव पर्यटन हरजोत कौर, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चन्द्रा, सचिव सूचना प्रावैधिकी राहुल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

स्टेडियम एवं ऊर्जा पार्क का उद्घाटन

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले दिनों पटना के राजवंशीनगर में ऊर्जा विभाग द्वारा नवनिर्मित ऊर्जा पार्क एवं स्टेडियम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के द्वारा 654 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण भी किया गया। उद्घाटन के पश्चात सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जमीन जहां यह पार्क और स्टेडियम का निर्माण हुआ है, बेकार पड़ी थी, यह खुली जगह थी। इस जगह का सदुपयोग किया जाना जरूरी था, इसलिए यहां पार्क और स्टेडियम का निर्माण कराया गया। पार्क के निर्माण से यहां आसपास के लोगों को खुली हवा मिलेगी। सुबह में लोग यहां टहलेंगे, जिससे उनका स्वास्थ्य भी ठीक-ठाक रहेगा। बच्चे एवं बुजुर्ग को इसका विशेष लाभ मिलेगा। पर्यावरण की दृष्टि से भी यह पार्क काफी उपयोगी रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा पार्क में काफी पौधे लगाये गये हैं। उन्होंने मुख्य सचिव की ओर इशारा करते हुए कहा कि ये पौधा विशेषज्ञ हैं, इनकी रुचि भी इसमें है। देश के विभिन्न भागों से महत्वपूर्ण पौधों को मंगाकर इस पार्क में लगाया गया है। मुख्यमंत्री ने कुछ और पौधा लगाने, खासकर चम्पा का पेड़ पार्क के अंदर निर्मित पथ के दोनों तरफ लगाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पा का वृक्ष एक वर्ष में ही तैयार हो जाता है। इसके तैयार हो जाने के बाद सुबह विलम्ब से भी पार्क में आने वाले लोगों को काफी राहत महसूस होगी। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि पटना पार्कों का शहर बने। इस शहर का पटना जो आज नाम है, पहले पाटलिपुत्र हुआ करता था, पाटलि एक वृक्ष का ही नाम था। फुलवारीशरीफ भी फुलवारियों की बहुतायत के चलते ही जाना जाता था। पार्कों के निर्माण से बच्चों का पर्यावरण के प्रति प्रेम पैदा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पार्क में बिहार के वैसे पौधे, जो आज विलुप्त प्राय हैं, को भी लगाया जायेगा।