COPYRIGHT © RAJIV MANI, Journalist, Patna

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शनिवार, 31 दिसंबर 2016

HAPPY NEW YEAR

😄😄

भारतीय ओलंपिक संघ की मान्यता निलंबित

 संक्षिप्त खबरें 
नई दिल्ली : सरकार ने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को दी गई मान्यता को निलंबित कर दिया है। यह मान्यता तबतक निलंबित रहेगी, जबतक आईओए आजीवन अध्यक्ष के रूप में सुरेश कलमाडी और अभय चैटाला की नियुक्ति का निर्णय बदलता नहीं है। निलंबन के बाद राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (एनओसी) के रूप में आईओए के विशेषाधिकार समाप्त हो जाएंगे। आईओए को सभी सरकारी सहायता, वित्तीय या अन्य सहायता भी बंद कर दी जाएगी।
27 दिसम्बर, 2016 को आईओए की आम सभा बैठक में सुरेश कलमाड़ी और अभय चैटाला दोनों को आजीवन अध्यक्ष नियुक्त करने से संबंधित एक प्रस्ताव पारित करने के बाद सरकार ने 28 दिसंबर को आईओए को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया। आईओए को इस कारण बताओ नोटिस का जवाब आज शाम 5 बजे तक देना आवश्यक था। अपनी प्रतिक्रिया में आईओए ने कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 15 जनवरी, 2017 तक के अतिरिक्त समय की मांग करते हुए कहा कि आईओए के अध्यक्ष देश से बाहर हैं और इस मामले में उनसे परामर्श करने की जरूरत है।
सरकार आईओए की ओर से मिली प्रतिक्रिया से संतुष्ट नहीं है, क्योंकि उसने विशेषकर सुरेश कलमाड़ी और अभय चैटाला की गैर-पात्रता के संबंध में कोई ठोस जवाब नहीं दिया है। सरकार का मानना है कि आईओए का जवाब कुछ और नहीं, बल्कि अतिरिक्त समय प्राप्त करने की एक चाल है। यह मूल खेल संस्था आईओए की ओर से सुशासन के मानकों का एक गंभीर उल्लंघन है, अतः इस दिशा में तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने की जरूरत है, क्योंकि यह राष्ट्रीय प्रतिष्ठा और जनता की भावनाओं का विषय है।

नेपाल को अतिरिक्त 80 मेगावाट बिजली की आपूर्ति

नई दिल्ली : नववर्ष के पहले दिन 1 जनवरी, 2017 से नेपाल को 80 मेगावाट की अतिरिक्त बिजली का हस्तांतरण प्रारंभ किए जाने की आशा है। इस के साथ भारत से नेपाल को बिजली की कुल आपूर्ति 400 मेगावाट हो जाएगी। हाल ही में नेपाल के ऊर्जा मंत्री जनार्दन शर्मा ने अपनी भारत यात्रा के दौरान केंद्रीय विद्युत, कोयला, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा और खान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल के साथ विचार-विमर्श किया। विद्युत, ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच संबंधों के विस्तार और सहयोग की समीक्षा के अलावा, नेपाल के ऊर्जा मंत्री ने सर्दियों के महीनों में घरेलू पनबिजली परियोजनाओं से मौसम के कारण बिजली आपूर्ति में कमी को दूर करने के लिए भारत से 80 मेगावाट की अतिरिक्त बिजली आपूर्ति का अनुरोध किया था।
इस अनुरोध पर त्वरित प्रतिक्रिया करते हुए 20 दिन की अवधि के भीतर, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (पीजीसीआईएल) ने भारत के मुजफ्फरपुर में एक अतिरिक्त 220/132किलोवॉट, 100 एमवीए का ट्रांसफार्मर स्थापित किया। इस ट्रांसफार्मर के माध्यम से मुजफ्फरपुर (भारत) से धालकेबार (नेपाल) पारेषण लाइन से 80 मेगावाट की अतिरिक्त बिजली आपूर्ति नेपाल को दी जाएगी। इस वृद्धि के साथ इस ट्रांसमिशन लाइन के माध्यम से अब नेपाल के लिए कुल 160 मेगावाट की आपूर्ति की जा सकती है।
फरवरी 2016 में, भारत और नेपाल के प्रधानमंत्रियों ने भारत के मुजफ्फरपुर से नेपाल के धालकेबार के लिए 400 केवी की प्रथम उच्च क्षमता की सीमा पार लाइन का उद्घाटन किया गया है।

लखनऊ मेट्रो को 250 करोड़ रुपये की सहायता

नई दिल्ली : शहरी विकास मंत्रालय ने लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के लिए 250 करोड़ रुपये जारी किये। यह केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की एक संयुक्त उद्यम परियोजना है। मंत्रालय ने इससे पहले इसी वर्ष 300 करोड़ रुपये जारी किये थे। इस तरह लखनऊ मेट्रो को कुल मिलाकर 550 करोड़ रुपये की सहायता राशि मुहैया करा दी गई है।
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शहरी विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडू के साथ लखनऊ मेट्रो की प्रगति पर चर्चा की और इसके त्वरित क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। 23 किलोमीटर लंबी लखनऊ मेट्रो पर 6,928 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इसमें से 1,003 करोड़ रुपये केंद्र सरकार ने इक्विटी में अपने हिस्से के रूप में मुहैया कराये हैं, जबकि 297 करोड़ रुपये गौण ऋण और 3,500 करोड़ रुपये ऋण सहायता के रूप में हैं। उत्तर प्रदेश को इक्विटी में अपने हिस्से के रूप में शेष 2,128 करोड़ रुपये के साथ-साथ अन्य साधन भी जुटाने हैं।
केंद्र सरकार ने इस वर्ष मार्च महीने में यूरोपीय निवेश बैंक के साथ एक ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये थे, ताकि लखनऊ मेट्रो परियोजना के लिए 3,500 करोड़ रुपये का ऋण मुहैया कराया जा सके।

जलापूर्ति व सीवरेज नेटवर्क के लिए 489 करोड़ रुपये

नई दिल्ली : शहरी विकास मंत्रालय ने कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन (अमृत) के अधीन 2016-17 के लिए दिल्ली की वार्षिक कार्य योजना को मंजूरी दी है। इसमें जल आपूर्ति और सीवरेज नेटवर्क में सुधारने के लिए 266 करोड़ रुपये के परियोजना निवेश का प्रावधान है। इसी प्रकार दिल्ली की 2015-16 की कार्य योजना के लिए इस वर्ष जनवरी में 223 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी गई थी। इससे अटल मिशन के तहत बुनियादी शहरी अवसंरचना सुधार के लिए 489 करोड़ रुपये के निवेश की मंजूरी दी गई है।
489 करोड़ रुपये की पूरी परियोजना को अटल मिशन के दिशा निर्देशों के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार को केंद्रीय सहायता के रुप में उपलब्ध कराया जायेगा। दिल्ली के लिए वर्ष 2016-17 के लिए मंजूर अमृत कार्य योजना के तहत दिल्ली जल बोर्ड, पूर्वी नगर निगम क्षेत्र में 102 करोड़ रुपये की लागत से पांच जल आपूर्ति परियोजनाओं को शुरू करेगा।  इसके अलावा उत्तरी दिल्ली नगर निगम के क्षेत्र में 95 करोड़ की लागत से सीवरेज परियोजना, 55 करोड़ की लागत से दक्षिण दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में अन्य सीवरेज परियोजना शुरू की जायेंगी।
अमृत कार्रवाई योजना के अंतर्गत वर्ष 2015-16 के तहत मंजूरी की गई एक परियोजना दक्षिण दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में 113 करोड़ रूपये की लागत से चलाई जाएगी। अमृत दिशा निर्देशों के अनुसार, दिल्ली के चार नगर निगम क्षेत्रों में कुल शहरी आबादी के आधार पर  मिशन के लिए कुल 804 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता का आवंटन किया गया है।

तिरूपुर रंगाई उद्योग के लिए 200 करोड़ रुपए मंजूर

नई दिल्ली : भारत सरकार ने तिरूपुर रंगाई उद्योग के लिए 200 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। यह उद्योग देश में प्रथम शून्य तरलता निर्वहन (जेडएलडी) में भारी निवेश होने से गंभीर वित्तीय संकट के कारण बंद होने के कगार पर है। भारत सरकार ने तिरूपुर में रंगाई उद्योग की इस समस्या पर संज्ञान लिया और वस्त्र मंत्रालय की सिफारिश पर वित्त मंत्रालय ने सीईपी के प्रदर्शन के आधार पर अनुदान में परिवर्तित करने के लिए 18 सीईटीपी के लिए तमिलनाडु को ब्याज मुक्त ऋण के रूप में 200 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है।
इस कदम से सीईटीपी और 450 रंगाई इकाइयों को वित्तीय संकट से उबरने और 100 प्रतिशत क्षमता उपयोग को प्राप्त करते हुए परियोजना को पूर्ण करने में सहायता मिलेगी। तिरूपुर रंगाई उद्योग में 450 से ज्यादा रंगाई इकाइयों का कुल 1013 करोड़ रुपए की लागत से सीईटीपी समर्थ 18 जेडएलडी के रूप में सामूहिक रूप से गठन किया गया था। यह परियोजना एक वैश्विक मानक का रूप ले चुकी है और इसे पर्यावरणविदों और प्रसंस्करण उद्योग के लिए दुनियाभर से सराहा भी जा चुका है। हालाकि अपनी तरह की इस पहली परियोजना को तकनीकी चुनौतियों, लागत बढ़ने से बकाया ऋणों और अधूरी परियोजनाओं ने वित्तीय संकट में डाल दिया।
तिरूपुर वस्त्र प्रसंस्करण और बुनाई उद्योग का एक केन्द्र है, जो पांच लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार प्रदान करते हुए देश के वस्त्र निर्यात में 22 प्रतिशत का योगदान देता है। प्रसंस्करण उद्योग के बंद होने से इस क्षेत्र के समूचे वस्त्र क्षेत्र को मुश्किलों को सामना करना पड़ सकता है।
👲👲  👲👲

My New Poem : तुम्हारा यह पगला !

राजीव मणि

कितना सूना-सूना लगा था मुझे
तुम्हारे जाने के बाद
जैसे किसी देवालय की मूर्ति
चुरा ले गया हो कोई
और मैं ‘पगला’ देखा करता था
सूनी आंखों से जाकर वहां
और अर्पण किया करता था
अपना प्रेम-पुष्प
हां, उसी देवालय में
जो मैंने बनाये थे
कभी तुम्हारे लिए
और तब तुमने ही कहा था मुझे
‘पगला’ कहीं के ।
== ==
कितना खुश हुआ था मैं
तुम्हारे ‘पगला’ कहने पर !
जैसे मुझे सबकुछ मिल गया हो
बिना मांगे, वरदान में
कितना अपना-सा लगा था तब
वह स्थान, वह पल
मैं जी लेना चाहता था
मिनटों में सदियों को
और लगा ही था
बस मोक्ष की प्राप्ति होने ही वाली है
कि ना जाने क्या हुआ
एक बवंडर उठा
और जब शान्त हुआ तो
तुम वहां नहीं थी ।
== ==
बिल्कुल सूना था - मेरा देवालय
लेकिन, तब भी अर्पण करता रहा मैं
अपना प्रेम-पुष्प
देवालय तो वही था
तुम्हारी मूरत मेरे मन में थी
और विश्वास था मुझे
एकदिन जरूर मिलोगी किसी मोड़ पर
लेकिन यह नहीं जानता था
ट्रेन की प्रतिक्षा करते हुए
प्लेटफाॅर्म पर यूं मिल जाओगी
एक पराये शरीर के रूप में !
== ==
तुम चलती रही अंजाने पथ पर
किसी और के साथ
लेकिन मुड़-मुड़ कर
तकती रही मुझे दूर तक
और तब मुझे यकीन होने लगा
एक अटूट रिश्ता बन चुका है
मेरे मन-मूरत के साथ
सुना था - ईश्वर, देवी-देवता
मंदिर, देवालय में नहीं
पवित्र मन में बसते हैं
आज सच प्रतीत होने लगा
हां, बिल्कुल सच
उतना ही, जितना तुम ।
== ==
अब मैं मानने लगा हूं
सूफी संतों की बात
कि सच्चे प्यार में ही
रचते-बसते हैं देवी-देवता
और किसी परिधि के बाहर ही
होता है वह ‘प्रेमनगर’
तुम वहीं निवास करती हो अब
और चढ़ा जाता है प्रेम-पुष्प
तुम्हारा ही यह ‘पगला’ ।
😃😃

मंगलवार, 27 दिसंबर 2016

20 हजार एनजीओ का FCRA लाइसेंस रद्द

 संक्षिप्त खबरें 
नहीं ले सकेंगे विदेशों से चंदा
नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने 33 हजार गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) में से करीब 20 हजार संगठनों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। सरकार ने यह कार्रवाई तब की, जब पाया गया कि वे एनजीओ विदेशी चंदा नियमन कानून (एफसीआरए) के विभिन्न प्रावधानों का कथित तौर पर उल्लंघन कर रहे हैं। जिन एनजीओ का एफसीआरए लाइसेंस रद्द किया गया है, वे अब विदेशी चंदा नहीं ले सकेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के विदेशी प्रभाग की समीक्षा बैठक के दौरान गृह मंत्री राजनाथ सिंह को यह जानकारी दी गई। विस्तार से जानकारी देते हुए गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि करीब 20 हजार एनजीओ के एफसीआरए लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद अब देश में सिर्फ 13 हजार एनजीओ कानूनी तौर पर मान्य हैं।
मंत्रालय को पहली बार मिले दो हजार आवेदन : आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सारे एनजीओ के कामकाज की समीक्षा की कवायद करीब एक साल पहले शुरू हुई थी और यह प्रक्रिया अब भी चल रही है। करीब 13 हजार मान्य एनजीओ में से करीब तीन हजार ने लाइसेंस के नवीनीकरण के आवेदन किए हैं। गृह मंत्रालय को पहली बार एफसीआरए के तहत पंजीकरण के लिए दो हजार नए आवेदन मिले हैं।
एनजीओ के दस्तावेजों की जांच जारी : इनके अलावा तीन सौ एनजीओ फिलहाल पूर्व अनुमति श्रेणी के दायरे में हैं, लेकिन एफसीआरए के तहत वे पंजीकृत नहीं हैं। बहरहाल, गृह मंत्रालय ने ‘ऑटोमेटिक रूट’ के तहत करीब 16 एनजीओ के एफसीआरए लाइसेंसों का नवीनीकरण किया। सारे मामलों की गहन समीक्षा की गई और दो मामलों को छोड़कर 14 एनजीओ को पूर्व अनुमति श्रेणी में रखा गया है, जबकि दो एनजीओ के दस्तावेजों की जांच जारी है।
एफसीआरए के तहत अगर कोई एनजीओ पूर्व अनुमति लेना आवश्यक किये जाने की श्रेणी में है, तो वह गृह मंत्रालय की इजाजत के बगैर विदेश से पैसे हासिल नहीं कर सकता।
साभार : PRADESH 18.com

अब दोगुना राशि मिलेगी रेल दुर्घटना पीड़ितों को

नई दिल्ली : रेल मंत्रालय ने रेल दुर्घटनाओं और अनहोनी घटनाओं में शामिल यात्रियों की मृत्यु और घायल होने के संदर्भ में अदा की जाने वाली मुआवजा धनराशि में संशोधन करने का फैसला किया है। संशोधित मुआवजा नियमों में सभी श्रेणियों में धनराशि को वर्तमान में प्रदान की जाने वाली मुआवजा धनराशि से दोगुना कर दिया गया है। यह संशोधन ‘रेल दुर्घटना और अप्रिय घटना (क्षतिपूर्ति) नियम 1990’ में किया गया है। इस नये संशोधित नियमों को अब ‘रेल दुर्घटना और अप्रिय घटना (क्षतिपूर्ति) नियम 2016’ उल्लिखित किया जा रहा है। संशोधित मुआवजा नियमों के अनुसार, मृत्यु के मामले में मुआवजे की राशि को 4 लाख रुपये से दो गुना करके 8 लाख रुपये कर दिया गया है। यह नये नियम 1 जनवरी, 2017 से प्रभावी होंगे।
😙😙

अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण

 संक्षिप्त खबरें 
नई दिल्ली : लंबी दूरी की सतह से सतह तक मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल, अग्नि-5 का डीआरडीओ द्वारा ओडिशा के डॉ. अब्दुल कलाम द्वीप से सफल परीक्षण किया गया। मिसाइल की परीक्षण क्षमता ने देश की स्वदेशी मिसाइल क्षमताओं की प्रतिरोधक क्षमता का स्तर बढ़ा है। सभी रडार, ट्रैकिंग सिस्टम और रेंज स्टेशनों ने इसकी उड़ान प्रदर्शन पर नजर रखी और मिशन के सभी उद्देश्यों को सफलतापूर्वक हासिल किया गया। यह अग्नि-5 मिसाइल का चैथा परीक्षण था और रोड मोबाइल लांचर पर एक कैनिस्टर से यह दूसरा परीक्षण था। सभी चार मिशन सफल रहे हैं। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने भी अग्नि-5 के सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ को बधाई दी।

केन बेतवा की अंतिम अड़चन दूर

नई दिल्ली : केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय की मंत्री उमा भारती ने घोषणा की है कि केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की अंतिम अड़चन खत्म हो गई है। नई दिल्ली में एक समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि परियोजना को वन्य जीव बोर्ड की मंजूरी मिल गई है और इसके वित्तीय प्रबंधन को अंतिम रूप देने के बाद इसका औपचारिक निर्माण कार्य शुरू होगा।
उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडु को पोलावरम सिंचाई परियोजना के लिए नाबार्ड की तरफ से जारी 1981 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का चेक प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार ने इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिया है और इसपर आने वाला सारा खर्चा केंद्र सरकार वहन करेगी। सुश्री भारती ने कहा कि पोलावरम समेत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम के अंतर्गत सभी सिंचाई परियोजनाओं को 2019 तक पूरा कर लिया जाएगा। इससे देश में 80 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि की सिंचाई की जा सकेगी।
केंद्रीय जल संसाधन मंत्री ने इस अवसर पर महाराष्ट्र के सिंचाई मंत्री गिरीश दत्तात्रेय महाजन को नाबार्ड की तरफ से जारी 830 करोड़ रुपये और गुजरात के उप मुख्यमंत्री और सिंचाई मंत्री नितिन भाई पटेल को 463 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का चेक जारी किया। इस अवसर पर सुश्री भारती ने कहा कि केंद्र सरकार त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम के अंतर्गत महाराष्ट्र की 26 परियोजनाओं को 2018 तक पूरा कर लेगी। इनमें से अधिकांश परियोजनाएं राज्य के सूखा प्रभावित जिलों में है।
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रविवार, 25 दिसंबर 2016

Merry Christmas

😊😊

नोटबंदी

 मजाक डाॅट काॅम 
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राजीव मणि
अचानक पूरे देश में पांच सौ और एक हजार के नोट बंद कर दिये गये। सरकार का कहना था कि कालाधन खत्म करने और आतंकियों को हो रही फंडिंग को रोकने के लिए यह कठोर कदम उठाया गया है। पूरे देश में हड़कंप मच गया। लोग अपने पांच सौ और एक हजार के नोटों को बदलवाने के लिए बैंकों की लंबी-लंबी कतार में दिखने लगे।
सुबह के दस बज रहे थे। अभी घर से निकला ही था कि मगन शर्मा मिल गये। शर्मा जी मेरे मुहल्ले में ही रहते हैं। मुहल्ले के सबसे रईस आदमी हैं। रंगीन मिजाजी और बिंदास जिन्दगी के कारण पूरे मुहल्ले में चर्चित हैं। उम्र यही कोई पचपन साल होगी। लंबा-चैड़ा कद-काठी, गोरा रंग और स्वस्थ शरीर। पैसा तो इतना कि इन्हें भी नहीं मालूम कि कितना जमा कर रखा है। कभी चरचा होती भी है, तो कहते हैं, ‘‘बस ईश्वर का दिया काफी कुछ है।’’ सुबह-शाम एक किलो गाय का दूध और दो अंडा पेल लेते हैं। इसके बाद भी कहते हैं कि आजकल खाने में काफी परहेज कर रखा है। स्वस्थ रहने के लिए यह सब करना ही पड़ता है। लेकिन आज उनका चेहरा कुछ उतरा हुआ था। देखकर लगता था, जैसे मरनी से आ रहे हों! जब नजर मिल गयी, तो हालचाल पूछना फरज बनता था। सो, पूछना पड़ा - ‘‘कैसे हैं शर्मा जी?’’
शर्मा जी कुछ बोल नहीं पा रहे थे। कोशिश की, कुछ मुस्कराने-सा मुंह बनाया, लेकिन ना चेहरा साथ देता था, ना गले से आवाज निकलती थी। थोड़ा जोर लगाया, नकली दांत जगह से घसककर थोड़ा आगे को आ गया। आज पहली बार शर्मा जी को मैं बेबस देख रहा था। खुद को संभालते हुए बोले, ‘‘ठीक हूं, घुमने निकला था।’’
‘‘थोड़े चिन्तित दिख रहे हैं?’’ उनकी स्थिति देख यूं ही पूछ लिया। 
‘‘नहीं .... नहीं, ऐसी बात नहीं है। हम काहे को चिन्तित हों, कौन सा हमारे पास खजाना पड़ा है। चिन्ता तो वे करें, जिन्होंने घर को गोदाम बना रखा है।’’ शर्मा जी ने सफाई दी।
‘‘अरे हां, यह तो गजब हो गया। अचानक ही पांच सौ और एक हजार के नोट बंद कर दिये गये। ....’’ मैं बोल ही रहा था कि फखटुआ आ गया। एक नंबर का दारूबाज! मजदूरी करता है। जितना कमाता है, शाम होते-होते सफा चट! फखटुआ के जीवन में कभी वसंत आता ही नहीं, पूरा साल सूखा! अक्सर किसी ना किसी के दरवाजे हाथ फैलाये पहुंच जाता है। पैर पकड़कर रोने लगता है, ‘‘कुछ उधारी दे दो बाबू, घरवाली बहुत बीमार है।’’ सभी जानते हैं उसकी लीला। फिर भी दस-बीस दे ही देते हैं। खास बात यह कि मगन शर्मा से काफी डरता है। इन्हें देखते ही अपना रास्ता बदल लेता है। लेकिन, आज फखटुआ हंसता हुआ सीना ताने आ धमका - ‘‘प्रणाम भैया!’’ उसके चेहरे पर आज चमक थी।
‘‘प्रणाम, कहो कैसे हो? बहुत खुश दिख रहे हो, कोई लाॅटरी लग गयी क्या?’’ मैं भी उत्सुकतावश पूछ बैठा। शर्मा जी भी साथ ही थे।
फखटुआ जोश में आ गया, ‘‘भैया के आशीर्वाद से लाॅटरी ही लग गयी। सरकार का भला हो, ओकर मेहरारू-बच्चा के भगवान भला करे। इऽ नोटबंदी से तो सचमुच खजाना हाथ लगा है। काऽ बताएं भैया, हमर मेहरारू हमरे पइसवा चोरा-चोरा के जमा कइले थी। पांच सौवा और हजरकी! पूरे एक लाख रुपया निकाल लायी और कहने लगी कि बैंक में जमा करा दो। इऽ मेहरारू जात के तो भगवानो ना समझ पाये, हम का समझेंगे।’’ शर्मा जी अंदर ही अंदर खौल रहे थे। फखटुआ खुशी से पागल हुआ जा रहा था। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए मुझे ही उसे रोकना पड़ा। बहाना बना फखटुआ को चलता किया। इधर शर्मा जी बिना कुछ बोले अपनी राह पकड़ लिए। 
खैर, मैं भी आगे बढ़ गया। बाजार पहुंचा, तो पता चला कि जन धन खाताधारकों की चांदी हो गयी है। एक बालू माफिया ने सबके खाते में पचास-पचास हजार रुपया जमा करवा दिया है। जमा करवाने से पहले यह शर्त रखी थी कि बाद में उसमें से पैंतालीस हजार रुपए वापस करने होंगे। सारे गरीब खुश थे। कोई कचैड़ी-जलेबी खा रहा था, कोई रसगुल्ला। बेचन महतो भी सामने से पान चबाता हुआ आ रहा था। कमीज पर पान के कुछ ताजा दाग बता रहे थे कि आज पहली बार पान खाया है। उधर मंगरूआ की पत्नी पांच सौ का नोट लिये एक दुकान पर पहुंच गयी, ‘‘पांच किलो चावल दे दीजिए।’’ दुकानदार से चावल लेकर पांच सौ का नोट थमा दी। दुकानदार भड़क गया, ‘‘अब यह नोट नहीं चल रहा है जी! पता है या नहीं।’’
‘‘लेकिन यही है हमारे पास। इसबार चला दीजिए ना।’’ दुकानदार कुछ सोचकर बोला, ‘‘पांच सौ के बदले चार सौ में चलेगा, मंजूर है तो बोलो।’’ मंगरूआ की पत्नी तुरन्त मान गयी।
उधर हल्ला हुआ कि गंगा नदी में एक बोरा हजरकी नोट फेंका हुआ है। यह सुनते ही कई उधर दौड़ पड़े। बाद में पता चला कि सारे नोट फाड़कर फेंके गए थे। खबर सुनकर पुलिस भी आ गयी। लोगों से पूछने लगी, ‘‘किसके हैं?’’ कोई नहीं बता रहा था। सभी भकुआए एक दूसरे का मुंह ताकते रहे।
जैसे-जैसे दिन बीतते गए, नोटों से जुड़ी तरह-तरह की रंगबिरंगी खबरें भी आने लगीं। कचरे के ढेर पर नोटों के दर्शन होने लगें। नाले में इस नोट रूपी लक्ष्मी के विसर्जन भी! जिस धन्ना सेठ ने आजतक किसी भिखारी को एक चवन्नी तक नहीं दिया था, अब वे हजार रुपए की गड्डी बांट रहे थे। फूलन गोप का बेटा जुआ में हजार रुपए के पैकेट दांव पर लगा रहा था। दारोगा की बिटिया किलो से जेवर खरीद रही थी। नेता, ठेकेदार, वकील, डाॅक्टर, सभी बैंक से अपने रुपए बदलवाने में लगे थे। बैंक के अधिकारी अपना हिस्सा बनाने में! .... और आज डगरना के बेटा के हाथ में ना सिर्फ पांच सौ रुपए का नोट पहली बार आया था, बल्कि वह पूरा बंडल लेकर अपने दोस्तों संग ‘व्यापारी’ खेल रहा था। शौचालय, रसोईघर, पानी की टंकी, सब नोट उगल रहे थे। वाकई अब लगने लगा था - भारत पूरी दुनिया को खरीद सकता है। 
एक तरफ जहां-तहां पुराने नोट उड़ रहे थे। दूसरी तरफ गरीब-गुरबा अपने-अपने नोट थामे बैंक की कतार में पूरा दिन गुजार रहे थे। इतनी भीड़ तो कभी चुनाव में वोट डालने को भी नहीं हुई थी! एटीएम हदस गये थे। परिणाम यह हुआ कि अधिकांश एटीएम पर ‘नो कैश’ का बोर्ड लटक रहा था। बैंकों की लाइन में मारामारी होने लगी। कइयों को नोट बदलवाने के चक्कर में मोक्ष की प्राप्ति हो गयी। यमराज का काम बढ़ गया!
पूरे देश में हंगामा मच गया। व्यापार चैपट। फैक्ट्रियों में काम नहीं। मजदूर अपने-अपने घर लौटने लगे। सरकार को कुछ सूझ नहीं रहा था। अब ना निगलते बनता था, ना उगलते! सो ‘प्लास्टिक मनी’ का प्रचार शुरू हुआ। चैनल-अखबार वाले कहने लगे, यह अच्छा है। विदेशों में तो काफी पहले से यह चलन में है। ना रुपए चोरी का डर, ना लूटे जाने का खतरा। इतने ‘बात बहादुरों’ के कहने पर मैं भी झांसे में आ गया। एक कार्ड बनवा लिया। बीस हजार रुपए भी डलवा लिए। सोचा, अब चिन्ता क्या है, चाय भी पियो तो कार्ड से भुगतान कर दो। और सिर्फ कार्ड लेकर दिल्ली चला गया। अगले दिन शाम को जब दिल्ली उतरा, काफी भूख लग चुकी थी। सोचा, किसी होटल में चलता हूं, डटकर शाही भोजन करूंगा और तब कुछ सोचा जायेगा।
एक महंगे होटल में घुस गया। ढेर सारा बढ़िया खाना आॅर्डर किया। डटकर खाया। और जब बिल चुकाने काउन्टर पर पहुंचा, तो शान से कार्ड निकालकर काउन्टर पर खड़ी मैम के आगे रख दिया। ‘‘कार्ड से भुगतान करना है। कितने का बिल है?’’
‘‘नौ सौ रुपए हुए। लेकिन, अभी कार्ड से भुगतान नहीं कर सकते। .... काम नहीं कर रहा है। कैश ही देने होंगे।’’
‘‘कैश नहीं हैं मैडम’’
‘‘तो थोड़ा इन्तजार कीजिए ..... ठीक होने तक।’’ इतना बोलकर मैडम अपनी कुरसी पर बैठ गयी। मैं बगल में खड़ा इन्तजार करता रहा। पूरे पांच घंटे बीत चुके! जो कोई आता, तिरछी नजर से मेरी ओर देखता। मैं बुरी तरह फंस चुका था। किसी तरह घंटों अपना मुंह हर आने-जाने वालों से छुपाता रहा। अंत में रात को अपना बिल चुका पाया और किसी तरह आफत टली।
😙😙

शनिवार, 24 दिसंबर 2016

My New Poem : मैं नोट हूं

 कविता 
राजीव मणि
मैं ही ब्रह्मा, विष्णु, महेश
मैं ही हूं गणेश
मैं ही दुर्गा, लक्ष्मी, काली
मैं ही कलकत्ते वाली
मैं ही काया, मैं ही माया
मैं ही मान-सम्मान
मैं ही लोकतंत्र का वोट हूं
हां, मैं नोट हूं।

मैं ही कलयुग का
सम्मान और प्यार
हूं बच्चों का दुलार
मुझसे ही आकर्षक है लैला
मेरे बिना हर मजनूं कसैला
मैं ही हूं छप्पन ‘भोग’
मेरे बिना हर ‘इच्छा’ रोग
मैं ही लोकतंत्र का खोट हूं
हां, मैं नोट हूं।

मैं ही महलों की शान
मैं ही हर पगड़ी की आन
मैं ही बाजार का रक्तचाप
मैं ही कोठे पर तबले की थाप
मैं ही सेठ-साहूकारों का गल्ला
मेरे बिना हर कोई ‘निठल्ला’
मैं ही लोकतंत्र पर चोट हूं
हां, मैं नोट हूं।

अलगाववादी, आतंकवादी, नक्सलवादी के
हाथों में हूं तो विनाश
किसान, वैज्ञानिक, उद्योगपति के
हाथों में हूं तो विकास
मैं ही शेयर बाजार का लाल-हरा निशान
मेरे बिना आत्महत्या कर रहा किसान
मैं ही अमीरों के शरीर पर
टंगा गरमी का कोट हूं
हां, मैं नोट हूं।
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केबल टीवी डिजिटलीकरण के तीसरे एवं चौथे चरण की समय सीमा में संशोधन

नई दिल्ली : सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने चैथे चरण के लिए केबल टीवी डिजिटलीकरण की समय सीमा 31 अक्टूबर, 2017 तक के लिए बढ़ा दी है। यह निर्णय न्यायालय में लंबित मामलों और चौथे चरण के लिए निर्धारित क्षेत्रों में सेट टॉप बॉक्स लगाने की असंतोषजनक प्रगति के चलते बाजार में व्याप्त अनिश्चितता के कारण लिया गया है। चौथे चरण में 31 दिसंबर, 2016 तक ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटलीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया था। इस संबंध में जल्द ही एक अधिसूचना जारी की जाएगी।
वर्तमान में जारी अदालती कार्यवाहियों के चलते, मंत्रालय तीसरे चरण के शेष ग्राहकों को भी डिजिटल प्रसारण माध्यम से जुड़ने के लिए 31 जनवरी, 2017 तक का अतिरिक्त समय प्रदान कर रहा है।
तीसरे चरण के लिए निर्धारित क्षेत्रों में, देशभर के शेष शहरी क्षेत्रों में डिजिटलीकरण का काम 31 दिसंबर तक पूरा किया जाना था। मगर कई एमएसओ संघ, व्यक्ति विभिन्न उच्च न्यायालयों में अपनी गुहार लेकर चले गए थे, और मंत्रालय के 11-11-2011 एवं 11-09-2014 की अधिसूचनाओं के परिचालन के संबंध में रोक लगवा ली थी अथवा इसे लागू करने की समय सीमा बढ़वा ली थी। केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इस मामले को सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष रखा, तो सर्वोच्च न्यायालय ने अपने 01-04-2016 के निर्देशानुसार सभी मामलों की सुनवाई और निपटान के लिए इन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय को हस्तांतरित कर दिया। दिल्ली उच्च न्यायालय ज्यादातर मामलों का निपटारा कर चुका है और ऐसी उम्मीद है कि शेष मामलों का भी निकट भविष्य में जल्द ही निपटारा कर दिया जाएगा।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय सभी प्रसारणकर्ताओं, बहु प्रणाली संचालक (एमएसओ), स्थानीय केबल संचालक, और सभी अधिकृत अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी करेगा कि वे यह सुनिश्चित करें कि तीसरे चरण के अंतर्गत 31 जनवरी, 2017 के बाद केबल नेटवर्क पर किसी भी रूप में एनॉलॉग प्रसारण न हो। यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि इसके बाद समय सीमा में कोई और विस्तार नहीं दिया जाएगा।
केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) संशोधन अधिनियम 2011 में चार चरणों के अंतर्गत देश के सभी टीवी ग्राहकों द्वारा वर्तमान केबल टीवी नेटवर्क से डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम में परिवर्तित होना अनिवार्य किया गया है। प्रथम एवं द्वितीय चरण के अंतर्गत डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
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पासपोर्ट के नए नियमों की घोषणा

नई दिल्ली : पासपोर्ट बनवाने के नियमों को और उदार और आसान बनाने के लिए विदेश मंत्रालय ने कई कदम उठाए हैं। इससे पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाले भारतीय नागरिकों को फायदा होगा। इन कदमों का पूरा ब्योरा इस प्रकार है -
जन्मतिथि का प्रमाण : पासपोर्ट नियमावली, 1980 के मौजूदा वैधानिक प्रावधानों के अनुसार 26 जनवरी, 1989 को या उसके बाद जन्म लेने वाले आवेदकों को पासपोर्ट बनवाने के लिए जन्म तिथि के प्रमाण के तौर पर अपना जन्म प्रमाणपत्र को पेश करना अनिवार्य होता था, लेकिन अब निर्णय लिया गया कि ऐसे आवेदक जन्म तिथि प्रमाण के तौर नीचे दिए गए दस्तावेजों में से कोई दस्तावेज दिखा सकते हैं -
(क) जन्म एवं मृत्यु के रजिस्ट्रार या नगर निगम या भारत में जन्म लेने वाले बच्चों को पंजीकृत करने के लिए जन्म एवं मृत्यु अधिनियम, 1969 के अंतर्गत अन्य किसी निर्धारित प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म तिथि प्रमाण पत्र
(ख) लास्ट अटेंडेड स्कूल, मान्यता प्राप्त शैक्षणिक बोर्ड द्वारा जारी ट्रांसफर, स्कूल लीविंग, 10वीं सर्टिफिकेट, जिस पर उम्मीदवार की जन्म तिथि लिखी हो
(ग) आयकर विभाग द्वारा जारी पैन कार्ड, जिस पर उम्मीदवार की जन्म तिथि लिखी हो
(घ) आधार कार्ड, ई-आधार कार्ड जिस पर उम्मीदवार की जन्म तिथि लिखी हो
(ड़) आवेदक के सर्विस रिकॉर्ड की प्रति (केवल सरकारी कर्मियों के संबंध में) या पे पेंशन ऑर्डर (केवल सेवानिवृत कर्मियों के संबंध में), आवेदक के संबंधित मंत्रालय, विभाग के प्रशासन में ऑफिसर, इन-चार्ज द्वारा अटेस्टेड, सर्टिफाइड, जिसमें जन्म तिथि लिखी हो
(च) संबंधित राज्य सरकार द्वारा जारी ड्राइविंग लाइसेंस, जिस पर उम्मीदवार की जन्म तिथि लिखी हो
(छ) भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी चुनाव फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी), जिस पर उम्मीदवार की जन्म तिथि लिखी हो
(ज) पब्लिक लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन, कंपनियों दवारा जारी पॉलिसी बॉन्ड जिस पर इंश्योरेंस पॉलिसी के होल्डर की जन्म तिथि लिखी हो।
अंतर-मंत्रालयी समिति की रिपोर्ट : पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया में सिंगल पेरेंट और गोद लिए बच्चों से जुड़ी तमाम समस्याओं को निपटाने के लिए विदेश मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधिकारियों की तीन सदस्यीय समिति बनाई गई थी। समिति की रिपोर्ट को विदेश मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया है।
समिति की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए नियमों में निम्न बदलाव किए गए हैं -
(क) ऑनलाइन पासपोर्ट आवेदन पत्र में अब माता या पिता या फिर कानूनी अभिभावक के नाम में से किसी एक का नाम देना होगा। इससे सिंगल पेरेंट्स के बच्चों को पासपोर्ट जारी करने में आसानी होगी।
(ख) पासपोर्ट नियमावली 1980 के 15 बिंदुओं को कम करके अब 9 कर दिया गया है। बिंदुओं ए, सी, डी, ई, जे और के को हटा दिया गया है और कुछ बिंदु किसी दूसरे में मिला दिए गए हैं। 
(ग) आवेदकों द्वारा विभिन्न बिंदुओं पर दी जाने वाली जानकारी सादे कागज पर एक स्व-घोषणा के रूप में होगी। किसी अटेस्टेशन, शपथ, नोटरी, कार्यकारी मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की आवश्यकता नहीं होगी।
(घ) शादीशुदा आवेदकों को एनेक्चर के या विवाह प्रमाणपत्र देना जरूरी नहीं होगा।
(ड़) तलाक या अलग होने की स्थिति में पासपोर्ट आवेदन पत्र में अब पति, पत्नी का नाम देना जरूरी नहीं होगा। इसके लिए तलाकनामे की जरूरत भी नहीं होगी।
(च) अनाथालय में रहने वाले बच्चे जिनके पास जन्म तिथि या 10वीं कक्षा का प्रमाण पत्र नहीं हैं, वह अनाथालय, चाइल्ड केयर होम के प्रमुख की ओर से उनके आधिकारिक लेटर हेड पर आवेदन की जन्म तिथि की पुष्टि करने वाला एक शपथ पत्र जमा कर सकते हैं।
(छ) बच्चे को गोद लेने के स्थिति में इसका प्रमाण पत्र देना जरूरी नहीं होगा। सादे कागज पर भी गोद लेने की पुष्टि करने वाला शपथ पत्र दिया जा सकता है।
(ज) साधु-संन्यासियों पासपोर्ट आवेदन पत्र में अपने धर्मगुरु का नाम अपने माता-पिता के नाम की जगह दे सकते हैं।
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बुधवार, 21 दिसंबर 2016

10 करोड़ रुपए का विदेशी सिगरेट जब्त

 संक्षिप्त खबरें 
नई दिल्ली : राजस्व आसूचना निदेशालय की दिल्ली जोन ईकाई के अधिकारियों ने 85.58 लाख विदेशी (इंडोनेशिया की बनी) सिगरेट जब्त की हैं, जिनकी बाजार कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई है। इन सिगरेटों को 40 फुट के कंटेनर में छुपाकर रखा गया था और पैकेजिंग माल के रूप में इन्हें ले जाया जा रहा था। सामान को सिंगापुर से आयात करके आईसीडी तुगलकाबाद, दिल्ली लाया गया था।
जब्तशुदा सिगरेटों में विभिन्न लोकप्रिय ब्रांडों की सिगरेटें शामिल हैं, जैसे गुडांग गरम इंटरनेशनल, डीजारूम ब्लैक एवं रेड तथा ब्लैक क्लोव सिगरेट। इन सिगरेट के पैकेटों पर किसी प्रकार की स्वास्थ्य चेतावनी नहीं दी गई थी, जबकि सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद (पैकेजिंग और लेबलिंग) नियम, 2008 के अनुसार सिगरेट पैकेट के 85 प्रतिशत हिस्से पर चेतावनी दर्ज होना अनिवार्य है। मामले की जांच चल रही है।

30 दिसंबर तक केवल एक बार ही जमा होंगे 5,000 रुपये से अधिक के पुराने नोट

नई दिल्ली : सरकार द्वारा समय-समय पर 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को जमा करने की कार्रवाई की समीक्षा की गई है। 500 और 1000 के पुराने नोटों का लीगल टेंडर स्वरूप निरस्त किए जाने की घोषणा के 5 सप्ताह से अधिक हो गए हैं। आशा की जाती है कि अबतक अधिकतर लोगों ने अपने पास रखे हुए पुराने नोटों को जमा कर दिए होंगे। इस बात को ध्यान में रखते हुए और बैंकों में लगी कतारों को कम करने के लिए अब यह निर्णय लिया गया है कि 5000 रुपये से अधिक के पुराने नोट अब से और 30 दिसंबर, 2016 के बीच केवल एक बार ही जमा किए जा सकेंगे। बैंकों को सलाह दी गई है कि वे इन नोटों को पहले जमा नहीं करने के कारण के बारे में उचित मानक अपनाएं। 5000 रुपये और उससे कम की राशि उपभोक्ता के बैंक खातों में अभी की तरह जमा की जा सकेगी। लेकिन, 19 और 30 दिसंबर, 2016 के बीच 5000 रुपये से अधिक जमा की जाने वाली राशि के संबंध में भारतीय रिजर्व की परामर्श प्रक्रियाओं के अनुसार होगी।
जनसाधारण को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) 2016 के अंतर्गत 30 दिसंबर, 2016 तक 500 रुपये और 1000 रुपये के पुराने नोट से टैक्स, पैनल्टी, शेष, सरचार्ज का भुगतान करने और राशि जमा करने का अवसर दिया गया है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों (डीसीसीबी) ने कहा है कि 10 नवंबर तथा 14 नंवबर, 2016 के बीच एकत्रित 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को उनके संबद्ध करेंसी चेस्ट में जमा करने की अनुमति उन्हें दी जाए। इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। जिला सहकारी बैंकों की निगरानी नाबार्ड करता है और नाबार्ड नोट जमा करने वाले व्यक्तिगत उपभोक्ताओं और नोट जमा करने वाले प्राथमिक कृषि ऋण सोसायटी (पीएसीएस) के सदस्यों का नो योर कस्टमर (केवाईसी) कागजातों का पूरी तरह ऑडिट करेगा। इस संबंध में विस्तृत ब्यौरा भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अधिसूचित किया जाएगा।
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गुरुवार, 15 दिसंबर 2016

दूषित जल प्रबंधन को नए कानून की जरूरत

 संक्षिप्त खबरें 
नई दिल्ली : केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने कहा है कि देश में दूषित जल प्रबंधन एक गंभीर मुद्दा बन गया है। नई दिल्ली में अपने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह मुद्दा अब उस स्थिति में पहुंच चुका है, जहां मंत्रालय को इसके लिए एक नया कानून बनाना होगा। बैठक में केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण राज्य मंत्री संजीव बालियान, मंत्रालय के सचिव शशि शेखर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। 

हरियाणा में महिला पुलिस स्वयंसेवी पहल शुरू

नई दिल्ली : हरियाणा में महिला पुलिस स्वयंसेवी पहल की शुरुआत की गयी। करनाल और महेंद्रगढ़ जिलों में इस पहल को शुरू करने के साथ ही हरियाणा इस योजना को अपनाने वाला पहला राज्य बन गया है। मूल रूप से केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा परिकल्पित, महिला पुलिस स्वयंसेवी केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ एक संयुक्त पहल है। हरियाणा ने 1000 महिला पुलिस स्वयंसेवी के पहले बैच को शामिल किया। इन स्वयंसेवी को उनकी भूमिका और जिम्मेदारी के लिए राज्य के पुलिस अधिकारियों द्वारा पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है।
शुभारंभ समारोह के लिए अपने संदेश में महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी ने कहा, ‘‘भारत में महिलाओं को एक सुरक्षित और अनुकूल माहौल प्रदान करने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा बड़ी संख्या में कदम उठाए गए हैं। महिला पुलिस स्वयंसेवी पहल एक ऐसा ही कदम है। इसमें पुलिस स्वयंसेवी के माध्यम से पुलिस अधिकारियों और गांवों में रहने वाले स्थानीय समुदायों के बीच एक कड़ी के सृजन की परिकल्पना की गई है, जिसमें इस उद्देश्य के लिए विशेष रूप से महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। हम चाहते हैं कि हर गांव में एक ऐसी स्वयंसेवी हो, जिसका काम केवल उन मामलों पर नजर रखना हो, जहां महिलाओं को परेशान किया जा रहा है या उनके अधिकारों और हकों से वंचित किया जा रहा है या फिर उनके विकास को रोका जा रहा है।’’
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डिजिटल पेमेन्ट प्रोत्साहन योजना

नई दिल्ली : पिछले ढाई वर्ष में भ्रष्टाचार एवं कालेधन के खिलाफ भारत सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट को बंद करने संबंधित निर्णय भी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 1000 और 500 के नोट के ढेर ने देश के अंर्थतंत्र में अनेक बुराइयों को आश्रय दिया। ऐसे में भारत सरकार द्वारा जारी एक अपील आपके सामने रख रहा हूं।
आज तकनीक के माध्यम से ऑनलाइन पेमेंट, मोबाइल बैंकिंग, ई-वॉलेट, डेबिट कार्ड के जरिए डिजिटल बिजनेस ट्रांसजेक्शन संभव है। ऐसे कई वैकल्पिक साधनों के जरिए डिजिटल से डिजी-धन की दिशा में बढ़ने में मदद मिलेगी। अफ्रीका में केन्या जैसे विकासशील देश ने ऐसा करके दिखाया है। भारत जैसा देश जिसकी 65 फीसदी जनसंख्या 35 वर्ष की आयु से कम है, भारत जो पूरी दुनिया में आईटी कौशल के लिए जाना जाता है, भारत जिसके करोड़ों-करोड़ अनपढ़ और गरीब व्यक्ति ईवीएम से वोट देते हैं, ऐसी क्षमता वाले देश के नागरिक निश्चित ही मौजूदा अर्थव्यवस्था को डिजिटल अर्थव्यवस्था में बदलने में सक्षम हैं। जो अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। 
इस सपने को पूरा करने के लिए ई-पेमेंट को बढ़ावा देना, ई-वॉलेट और मोबाइल बैंकिग के प्रचलन को बढ़ाना, डिजिटल से समाज को डिजी-धन की ओर ले जाना अपरिहार्य हो गया है। 1000 और 500 रुपए के नोटों के विमुद्रीकरण के पश्चात डिजिटल पेमेन्ट्स में काफी वृद्धि हुई है। यह आवश्यक है कि इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट का प्रचलन समाज के हर वर्ग में फैले। अतः नीति आयोग स्तर पर यह निर्णय लिया गया है कि भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम से अनुरोध किया जाए कि वह डिजीटल पेमेंट को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई योजना शीघ्र लागू करें। उल्लेखनीय है कि एनपीसीआई एक गैर-लाभकारी कंपनी है, जो भारत को कैशलेस समाज की ओर ले जाने के लिए प्रयासरत है।
प्रोत्साहन योजना के मुख्य बिन्दु :
  • वो उपभोक्ता और विक्रेता जो इलेक्टॉनिक पेमेंट का उपयोग करते हैं, इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
  • इस योजना में दो तरह की प्रोत्साहन धनराशि की व्यवस्था है - 1. प्रत्येक सप्ताह भाग्यशाली विजेताओं को नकद पुरस्कार दिए जाने की रूपरेखा बनाई जाएगी। 2. हर तीन माह में उपभोक्ताओं में से कुछ को एक बड़ा पुरस्कार दिया जाएगा। योजना में यह ध्यान रखा जाएगा कि गरीबों, निम्न-मध्यम वर्ग तथा छोटे व्यापारियों को प्राथमिकता मिले।
  • इस योजना में निम्न प्रकार के डिजिटल पेमेंट्स अनुमन्य होगें - USSD, AEPS, UPi~ & RuPay Card.
  • विक्रेताओं के लिए उनके द्वारा स्थापित पीओएस मशीन पर किये गये ट्रांजेक्शंस इस योजना हेतु मान्य होगीं।
  • योजना की रुपरेखा शीध्र ही देश के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी, किन्तु यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसे जितने लोग डिजिटल पेमेन्ट प्रणाली का उपयोग कर रहे हैं, वे इस योजना के लाभ उठाने के हकदार हों।
  • वर्तमान में दो प्रकार के सुझाव चल रहे हैं कि प्रोत्साहन योजना 6 महीने चलाई जाए अथवा एक वर्ष तक चलाई जाए।
  • राज्य सरकारों, उनके उपक्रमों, जिलों, महानगर निगमों एवं पंचायतों में भी जहां कैशलेस ट्रांजेक्शंस को प्रोत्साहित करने हेतू उल्लेखनीय कार्य किया गया हो, उन्हें भी पुरस्कृत किया जाएगा।
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शुक्रवार, 9 दिसंबर 2016

स्कूलों व अन्य संस्थानों में खादी को बढ़ावा

नई दिल्ली : खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) खादी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रहा है। 
1. केवीआईसी खादी डेनिम और खादी टी-शर्ट बनाने सहित देश के युवाओं को लुभाने के लिए डिजाइनिंग और उत्पादों की मार्केटिंग कर रहा है। 
2. केवीआईसी ने देश के विभिन्न इलाकों में नई दुकानें खोलने के लिए फ्रेंचाइजी प्रणाली शुरू की है। 
3. 185 खादी संस्थानों की दुकानों का आधुनिकीकरण और कम्प्यूटरीकरण किया गया है, जिसके परिणाम स्वरूप 20 प्रतिशत से 30 प्रतिशत तक बिक्री बढ़ी है। 
4. केवीआईसी और खादी संस्थान डिजिटल मार्केटिंग के जरिए खादी और खादी के उत्पादों के लिए उचित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के वास्ते प्रतिष्ठित खुदरा विक्रेताओं के साथ कार्य कर रहे हैं। 
5. केवीआईसी विशिष्ट डिजाइन और स्टाइल द्वारा खादी उत्पाद युवाओं के लिए अधिक आकर्षक बनाने के लिए प्रतिष्ठित फैशन डिजाइनरों के साथ कार्य कर रहा है। 
6. केवीआईसी ने खादी उपहार कूपन और खादी गिफ्ट हैम्पर देने शुरू किए हैं। 
7. केवीआईसी ने एयरपोर्ट पर नये शोरूम खोले हैं और अच्छे व्यापार की संभावनाओं वाले स्थानों तथा पर्यटन स्थलों पर विशेष खादी प्लाजा खोलने के बारे में भी विचार किया जा रहा है। 
8. ई-वाणिज्य पोर्टल ऑनलाइन के जरिए खादी और ग्रामोद्योग के उत्पाद उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस बारे में पेटीएम द्वारा पहले तीन महीने के लिए केवीआई उत्पादों के लिए निःशुल्क ऑनलाइन सेवा शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। 
9. केवीआईसी ने थोक खरीद को बढ़ावा देने के लिए 18 जुलाई, 2016 को विभिन्न स्लेब में दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, गोवा, पटना, एर्नाकुलम और भोपाल के विभागीय बिक्री दुकानों (डीएसओ) में ‘थोक खुदरा संबद्ध उपहार वाउचर योजना’ शुरू की है। संबंधित डीएसओ से की गई खादी और ग्रामोद्योग की खरीदी पर उपहार वाउचर को भुनाया जा रहा है। 
10. खादी उत्पाद के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए केवीआईसी को ‘डीम्ड निर्यात संवर्धन परिषद’ का दर्जा दिया गया है, जिसके तहत उसने 900 से अधिक निर्यातकों को पहले से ही पंजीकृत कर लिया है। 
11. खादी उत्पादों के सीधे निर्यात का फ्रेट ऑन बोर्ड (एफओबी) मूल्य का 5 प्रतिशत निर्यात प्रोत्साहन राशि केवीआईसी के साथ पंजीकृत केवीआई संस्थानों और इकाईयों को दिया जाता है। केवीआईसी खादी उत्पादों के लिए नये और उभरते बाजारों की संभावनाएं तलाशने के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों और विदेशों में होने वाले क्रेता-विक्रेता बैठकों में अपनी प्रतिभागिता पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। 
12. केवीआईसी ने बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) अधिनियम में राष्ट्रीय स्तर पर अधिसूचित विभिन्न उत्पादों के 45 वर्गों में से 27 वर्गों में ‘खादी’ को वर्ड मार्क और ‘खादी इंडिया’ को ट्रेड मार्क के रूप में पंजीकृत करने के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा केवीआईसी ने यूरोपीय यूनियन और अन्य देशों में अंतर्राष्ट्रीय ब्यूरो के अंतर्गत 16 विभिन्न वर्ग में ‘खादी’ को ट्रेड मार्क के रूप में पंजीकृत करने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। 
13. केवीआईसी सरकारी विभागों और रेलवे, रक्षा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग, अद्र्यसैन्य बल और अन्य केंद्रीय तथा राज्य सरकार के मंत्रालयों जैसे थोक खरीदारों की जरूरतों को पूरा करता है। खादी उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए केवीआईसी ने आपूर्ति और निपटान महानिदेशालय (डीजीएस एंड डी) की दर अनुबंध (आरसी) प्रणाली में भी पंजीकरण करवाया है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय में सचिव और केवीआईसी के अध्यक्ष द्वारा खादी और खादी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सभी मंत्रालयों, विभागों और सार्वजनिक उपक्रम की इकाइयों (सीपीएसयू) को पत्र भेजे गए हैं। केवीआईसी ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले संस्थानों के सभी कर्मचारियों से सप्ताह में एक दिन स्वैच्छा से खादी पहनने की अपील की है। केवीआईसी ने सभी राज्य सरकारों के प्राथमिक और सेकेंडरी शिक्षा विभागों से स्कूल की यूनिफॉर्म खादी में बनाने का आग्रह किया है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभागों से प्रस्ताव का आकलन कर इस पर कार्यवाही करने को कहा है।

सोमवार, 5 दिसंबर 2016

Poem - नोटबंदी


राजीव मणि

अच्छा, अब हम चलते हैं
बहुत निभाया तुमने
इंसान होने का फर्ज
जब तक हम चलन में थे
अपनी जान से भी ज्यादा चाहा
कभी महफिल में सजाया
कभी तिजोरी, तहखानों में
कभी हमें मेज के नीचे से
देते रहे एक दूसरों को
ताकि नजर ना लगे तुम्हें
हम समझ बैठे थे खुद को
कोई मूल्यवान चीज।

और नोटबंदी की खबर सुनते ही
एक ही पल में
उठा फेंका हमें
नदी-नालों में
ताड़-ताड़ कर
बोरा में कसकर
जैसे अब हम
कोई कीमती चीज नहीं
बस, लाश हो गए हों
हां, बस लाश !

तुम भूले जाते हो
कभी हमने ही अपने जिस्म का
सौदा किया था
तुम्हारी बिटिया की शादी में
कभी तुम्हारे बीवी-बच्चों की
हर इच्छा पूर्ति के लिए
.... और कभी
तुम्हारी ऐय्याशी के लिए भी !

हां, यह सच ही तो है
तुम कितना इठलाते थे
हर पांच सौ और
एक हजार के नोटों को पाकर
कभी हमें बताते थे
भारत की संस्कृति
तो कभी भारत की शान
.... और अब कहते हो
कालाधन और आतंकवाद के खिलाफ
सर्जिकल स्ट्राइक है यह !

चलो, हम तो मुक्ति पा गये
तुम्हारे हाथों कटने-लूटने से
लेकिन क्या, सचमुच
हमारे चले जाने से
कालाधन और आतंकवाद की समस्या
खत्म हो जाएगी ?
अगर ऐसा सचमुच होता है
तो हम इसे अपना भाग्य समझेंगे
और समझेंगे कि
हमारा यूं चले जाना ही
राष्ट्र के हित में है
लेकिन, जाते-जाते
हम कहे जाते हैं
हम नोटों को बदलने से अच्छा है
पहले खुद को बदलो
भ्रष्टाचार और बेइमानी के
पालने में यूं ही सोते रहोगे
तो हर एक चीज खोते रहोगे।