COPYRIGHT © RAJIV MANI, Journalist, Patna

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गुरुवार, 29 जून 2017

1 जुलाई से जीएसटी लागू

 संक्षिप्त खबरें 
जम्मू कश्मीर को छोड़ सभी राज्यों व संघ शासित प्रदेशों ने राज्य जीएसटी अधिनियम को मंजूरी दी
नई दिल्ली : जम्मू कश्मीर को छोड़कर सभी राज्यों/संघ शासित प्रदेशों ने राज्य वस्तु और सेवा कर (एसजीएसटी) अधिनियम को मंजूरी दे दी है। केरल ने जीएसटी अधिनियम को मंजूरी देते हुए एक अध्यादेश जारी किया, जबकि पश्चिम बंगाल इस संबंध में 15 जून, 2017 को एक अध्यादेश जारी कर चुका है। अब केवल जम्मू कश्मीर राज्य बचा है, जिसे राज्य जीएसटी अधिनियम को पारित करना है। अतः 30 राज्यों/संघ शासित प्रदेशों सहित लगभग समूचा देश 1 जुलाई, 2017 से सुचारू तरीके से जीएसटी लागू करने के लिए तैयार है।
जीएसटी लागू होने के बाद आम आदमी के दैनिक उपयोग वाली उपभोक्ता वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी। जीएसटी कानून के प्रभावी हो जाने के बाद निम्नलिखित वस्तुओं पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) शून्य दर के साथ लागू होगा। 
निम्नलिखित वस्तुएं आम आदमी को सस्ती मिलेंगी :
  • खाद्यान्न एवं आटा
  • मोटे अनाज
  • दालें
  • आटा
  • मैदा
  • बेसन

पंजीकृत ट्रेडमार्क वाली वस्तुओं को छोड़कर जिनके मामले में जीएसटी 5 फीसदी की दर से लगेगा।
  • ताजा दूध
  • ताजा सब्जियां एवं ताजे फल
  • मुरमुरा (मूरी)
  • सामान्य नमक
  • पशु चारा
  • कार्बनिक खाद
  • जलावन लकड़ी
  • कच्चा रेशम, कच्चा ऊन, जूट
  • हस्त संचालित कृषि उपकरण।

पटना सहित 30 और शहर स्मार्ट सिटी घोषित

नई दिल्ली : केन्द्र सरकार ने स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किए जाने के लिए 30 और शहरों का चयन किया है। इन्हें मिलाकर 25 जून, 2015 को घोषित स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत शहरों की कुल संख्या 90 हो गई है।
नए शहरों के नामों की घोषणा शहरी रूपांतरण के बारे में आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यशाला में आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने की। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत अभी 40 शहर और शामिल किए जाने थे, जिनके लिए 45 शहरों से प्रस्ताव प्राप्त हुए, लेकिन केवल 30 का चयन किया गया, क्योंकि इस मिशन की घोषणा करते समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने निर्देश दिया था कि नागरिकों की आकांक्षाओं के अनुरूप सुविधाएं जुटाने के लिए यह सुनिश्चित किया जायेगा कि केवल व्यवहार्य और साध्य योजनाएं इसमें शामिल की जाएं।
श्री नायडू ने बताया कि घोषित 30 शहरों की स्मार्ट सिटी योजना के लिए रु. 46,879 करोड़ के व्यय का प्रस्ताव है। उन्होंने बताया कि शेष 10 स्लॉटों के लिए 20 शहरों के बीच प्रतिस्पर्धा है। श्री नायडू ने बताया कि स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किए जाने के कार्यक्रम के अंतर्गत शहरों का चयन सही वक्त पर किया जा रहा है और शेष शहर खाली स्लॉटों के लिए शीघ्र ही अपनी संशोधित स्मार्ट सिटी योजनाएं प्रस्तुत करेंगे।

केंद्र द्वारा हिंदी थोपने का कोई विचार नहीं 

नई दिल्ली : मीडिया के एक वर्ग में यह खबर आई थी कि केंद्र सरकार हिंदी थोपने की कोशिश कर रही है। इस संबंध में गृह मंत्रालय के आधिकारिक भाषा विभाग द्वारा जारी प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए यह दावा किया गया था कि हिंदी जानने वाले संसद सदस्यों और मंत्रियों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे हिंदी में ही अपने भाषण और बयान जारी करें।
उल्लेखनीय है कि 1976 में आधिकारिक भाषा पर संसद समिति का गठन किया गया था और वह तभी से काम कर रही है। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट के 9 भाग सौंप दिए हैं। समिति की रिपोर्ट के 9वें भाग को 2 जून, 2011 में राष्ट्रपति को सौंपा गया था। समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने 117 अनुमोदन किये थे। चूंकि समिति के सुझावों पर राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के मंत्रालयों व विभागों की राय आमंत्रित की जानी थी, इसलिए राष्ट्रपति द्वारा सुझावों पर विचार करने और उन्हें स्वीकार करने के पूर्व समय लगा था।
अनुमोदन नंबर 105 इस प्रकार है - ‘माननीय राष्ट्रपति और सभी मंत्रियों सहित समस्त विशिष्टजनों, खासतौर से जो हिंदी पढ़ने और बोलने में सक्षम हैं, उनसे आग्रह किया जाता है कि वे अपने भाषण/बयान केवल हिंदी में ही दें।’
केंद्र सरकार ने उपरोक्त अनुमोदन को स्वीकार करते हुए 31 मार्च, 2017 को एक प्रस्ताव जारी किया था। समिति का अनुमोदन बिलकुल स्पष्ट है। वह आग्रह के रूप में है, न की आदेश/निर्देश के रूप में। उपरोक्त अनुमोदन आधिकारिक भाषा हिंदी के संबंध में संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप है। इसके अलावा अनुमोदन प्रोत्साहन एवं प्रेरणा के जरिये आधिकारिक भाषा के उन्नयन पर आधारित है, जो सरकार की नीति के अनुपालन में है।
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